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	<title>Jharkhand &#8211; RNSNS News</title>
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	<title>Jharkhand &#8211; RNSNS News</title>
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		<title>झारखंड में JSSC-CGL के बाद अब कौन सी परीक्षाओं पर लटकी तलवार, कितनी भर्तियों के रद्द होने का संकट?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 04:28:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[झारखंड में जेएसएससी परीक्षा रद्द होने के बाद टीडीपीएल की ओर से कराई गईं 15 भर्ती परीक्षाओं पर लटकी तलवार। जानें किन सरकारी पदों और चयनित अभ्यर्थियों पर मंडराया संकट। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ 24 दिनों तक मोर्चा चलाने के बाद युवाओं को सोमवार को एक बड़ी सफलता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">झारखंड में जेएसएससी परीक्षा रद्द होने के बाद टीडीपीएल की ओर से कराई गईं 15 भर्ती परीक्षाओं पर लटकी तलवार। जानें किन सरकारी पदों और चयनित अभ्यर्थियों पर मंडराया संकट। <br><br>झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ 24 दिनों तक मोर्चा चलाने के बाद युवाओं को सोमवार को एक बड़ी सफलता मिली। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद सामने आकर कहा कि सरकार जेएसएससी सीजीएल की परीक्षाओं को रद्द कर रही है। साथ ही विवादों में आई परीक्षा कराने वाली संस्था- टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की ओर से राज्य में 2014 के बाद से कराई गई परीक्षाओं की भी जांच की बात कही।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">हेमंत सोरेन के इस एलान के बाद से ही झारखंड में सरकारी भर्ती के लिए हुई परीक्षाओं के रद्द होने और इसके प्रभाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दरअसल, एसएससी-सीजीएल के रद्द होने से पहले ही झारखंड में नौकरियों से जुड़ चुके करीब दो हजार अभ्यर्थियों पर असर पड़ा है और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरकार के इस फैसले का मंगलवार को युवाओं ने झारखंड सचिवालय को घेरकर विरोध किया। इनमें से कई अभ्यर्थियों का कहना था कि इतने समय तक नौकरी करने के बाद अचानक से संकट आ गया है। अधिकतर लोगों की नई परीक्षा देने की उम्र या तो निकल गई है या फिर वे पहले ही कुछ बड़े अधिकारी पदों को छोड़कर आए थे और झारखंड में सरकारी भर्ती के बाद नौकरी कर रहे थे। ऐसे में पूर्व परीक्षाओं के नतीजे और भर्ती रद्द होने से उनके सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानना अहम है कि आखिर परीक्षाओं में गड़बड़ी पर झारखंड में सरकार ने क्या फैसला लिया है और किस मांग पर विचार नहीं किया गया? जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने का अब क्या असर होगा? किस विभाग में कितने लोगों की नौकरियों पर इससे संकट की स्थिति पैदा हो गई है? 2014 के बाद से टीडीपीएल की ओर से कराई गई जिन परीक्षाओं की जांच होनी है, उनमें कौन-कौन से एग्जाम शामिल हैं? इनसे कितने अभ्यर्थियों पर असर आ सकता है? आइये जानते हैं&#8230;</em></p>



<h2 class="wp-block-heading"><br><strong>पहले जानें- झारखंड सरकार ने क्या फैसला किया?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन और चौतरफा दबाव के बाद कैबिनेट की एक विशेष मैराथन बैठक में परीक्षा प्रणाली को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द:</strong>&nbsp;सरकार ने पेपर लीक, डिजिटल नकल और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों के बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग- संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) को पूरी तरह रद्द करने का फैसला किया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. टीडीपीएल की ओर से कराई गई परीक्षाएं रद्द:</strong>&nbsp;निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल की ओर से आयोजित की गईं सभी भर्ती परीक्षाओं, उनके घोषित परिणामों और किए गए चयनों को रद्द कर दिया गया है। इस एजेंसी के पास जेपीएससी और जेएसएससी की कई मुख्य परीक्षाओं का जिम्मा था। इसके अलावा एजेंसी के पास कुछ और भर्ती परीक्षाओं की जिम्मेदारी थी। कुल मिलाकर इस एजेंसी ने करीब 40 से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं कराईं, जिन पर अब रद्द होने की तलवार लटक रही है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>3. 2014 से हुई परीक्षाओं की व्यापक जांच:&nbsp;</strong>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की है कि साल 2014 से राज्य में आयोजित की गईं सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की गहन जांच कराई जाएगी। यह कदम सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों के बाद उठाया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>4. परीक्षा सुधार समिति का गठन:</strong>&nbsp;परीक्षा प्रणाली को मजबूत, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। यह समिति भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार के उपाय सुझाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>5. भ्रष्टाचार रोधी कानून के जरिए सख्ती:&nbsp;</strong>सरकार ने परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और अनुचित साधनों को रोकने के लिए बने कड़े कानून को राज्य में बेहद कड़ाई से लागू करने का संकल्प लिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>छात्रों की किन मांगों पर फैसला नहीं?</strong><br>छात्रों और विपक्षी दलों की एक प्रमुख मांग मामले की सीबीआई जांच कराने की थी। हालांकि, झारखंड सरकार ने इस मांग पर चुप्पी साधे रखी है और वह सीआईडी और विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच को ही आगे बढ़ा रही है।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading"><br><strong>जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने का अब क्या असर होगा?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. सफल उम्मीदवारों पर नौकरी का बड़ा संकट</strong><br>परीक्षा रद्द होने से सबसे गंभीर संकट उन लगभग 2000 सफल उम्मीदवारों के सामने खड़ा हो गया है जो पहले ही इस परीक्षा को पास कर सरकारी पदों पर नियुक्त हो चुके थे। इनमें से कई उम्मीदवारों ने राज्य की नौकरी ज्वाइन करने के लिए केंद्र सरकार के अच्छे पदों, जैसे- भारतीय मौसम विभाग में लेवल-6 की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और अब उनमें से कई की उम्र सीमा भी पार हो चुकी है। इन कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी जांच या दोष सिद्ध हुए उन्हें सजा दी जा रही है। इसके विरोध में ये उम्मीदवार राज्य सचिवालय के बाहर डटे हुए हैं और एक निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. हजारों सरकारी पदों पर प्रभाव:</strong>&nbsp;जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, कनिष्ठ सचिवालय सहायक, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी जैसे अहम प्रशासनिक और क्षेत्रीय स्तर के &nbsp;शामिल थे। इन परीक्षाओं के रद्द होने से परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के तहत भरे गए या विज्ञापित किए गए अब तक कम से कम सात हजार अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। अन्य भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने से यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>टीडीपीएल की तरफ से कराई गई कितनी परीक्षाओं पर असर होगा?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">अब तक की जानकारी के मुताबिक, झारखंड सरकार के फैसले से निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की ओर से आयोजित हुईं कम से कम 15 मुख्य भर्ती परीक्षाओं पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। इनमें 10 परीक्षाएं जेपीएससी और पांच परीक्षाएं जेएसएससी की शामिल हैं। यह परीक्षाएं 2023 के बाद से ही कराई गई हैं। इन सभी परीक्षाओं के रद्द होने या जांच के दायरे में आने से 2014 से अब तक विज्ञापित या भरे गए करीब सात हजार पदों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">दूसरी ओर सोरेन सरकार ने मंगलवार रात उन 44 भर्ती परीक्षाओं की सूची जारी की जिन्हें अनियमितताओं की वजह से रद्द किया गया है। झारखंड सरकार ने देर रात आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर बताया कि रद्दीकरण के दायरे में औषधि निरीक्षक, सहायक प्राध्यापक, डिप्टी कलेक्टर, दंत चिकित्सक, सहायक अभियंता, सिविल जज, अतिरिक्त लोक अभियोजक और वन क्षेत्राधिकारी जैसे पदों के लिए होने वाली भर्तियां शामिल हैं।&nbsp;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><br><strong>1. जेपीएससी के कम से कम कितने अभ्यर्थियों पर हो सकता है असर?</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">जेपीएससी की जो 10 परीक्षा/प्रक्रियाएं टीडीपीएल की ओर से कराई गईं, उनके चलते विज्ञापित पदों वाली परीक्षाओं के तहत कुल 698 भर्तियां सीधे संकट में आ गईं। इनमें सबसे ज्यादा 170 पद वन क्षेत्र पदाधिकारी के हैं। वहीं, भरे गए सहायक लोक अभियोजक के 160 पद भी अब संकट में हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>2. जेएसएससी की कम से कम&nbsp;कितनी भर्तियों पर असर की आशंका?</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">जेएसएससी की 5 प्रमुख परीक्षाओं के तहत कुल 6,200+ रिक्तियों के प्रभावित होने का अनुमान है। इनमें सबसे ज्यादा 3120 पद पीजीटी शिक्षक भर्ती के लिए निकाले गए थे। वहीं, जेएसएससी सीजीएल के हाल ही में भरे गए सभी 2025 पदों पर संकट आ गया है। इसके अलावा तकनीकी/विशिष्ट स्नातक स्तर की 594 रिक्तियों पर भर्ती भी सवालों के घेरे में है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस लिहाज से देखा जाए तो टीडीपीएल ने जिन 15 भर्ती परीक्षाओं को कराया, उनमें से जेपीएससी के 698 और जेएसएसी के 6200+ रिक्तियां खतरे के घेरे में हैं। अगर यह परीक्षाएं रद्द हुईं तो राज्य में करीब सात हजार भर्तियां रद्द हो जाएंगी।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि, यह आंकड़ा बढ़ने की भी संभावना है, क्योंकि सोरेन सरकार की नई अधिसूचना में कुल मिलाकर 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की बात कही गई है, जो आंकड़ों को काफी बढ़ा सकती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>झारखंड में छात्रों को हटाने की तैयारी में सरकार?: आधी रात धरनास्थल पर पहुंचे भाजपा नेता, पुलिस पर लगाए ये आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 04:03:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी है। आधी रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर कई भाजपा नेता पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अंधेरे में छात्रों को जबरन हटाने की तैयारी कर रहा है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। छात्रों ने भी पुलिस पर आंदोलन को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी है। आधी रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर कई भाजपा नेता पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अंधेरे में छात्रों को जबरन हटाने की तैयारी कर रहा है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। छात्रों ने भी पुलिस पर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया। आइए, विस्तार से जानते हैं कि रांची सिटी एसपी ने मामले पर क्या कहा? भाजपा नेताओं ने क्या-क्या दावे किए?</p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी&nbsp;&nbsp;अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर देर रात तनाव की स्थिति बन गई। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों के बीच आधी रात कई भाजपा नेता पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रशासन रात के अंधेरे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने की तैयारी कर रहा है। नेताओं ने कहा कि वे आंदोलन में शामिल होने नहीं, बल्कि छात्रों को नैतिक समर्थन देने पहुंचे हैं। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका उद्देश्य किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेना नहीं था।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>भाजपा नेताओं ने पुलिस और प्रशासन पर क्या आरोप लगाए?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कहा कि छात्रों के समर्थन में सूचना मिलते ही वे धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC का यह आंदोलन अब केवल झारखंड का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश से जुड़ा विषय बन गया है। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में युवाओं की उम्मीदें और भावनाएं इस प्रदर्शन से जुड़ी हैं। उन्होंने प्रशासन से तय सीमाओं में रहकर कार्रवाई करने की अपील की और आरोप लगाया कि अंधेरे में छात्रों को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा छात्रों के साथ खड़े हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या भाजपा विधायक ने अंधेरे में कार्रवाई का लगाया आरोप?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रशासन के कुछ बड़े अधिकारी रात में छात्रों को डराने के लिए धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के पास पुलिस बल, लाठी, हथियार और आंसू गैस जैसे साधन हैं, तो कार्रवाई करनी है तो खुले तौर पर की जानी चाहिए। राज सिन्हा ने पिछली घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों को विधान परिषद परिसर में ले जाया गया था और बाद में इलाके की स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों और पत्रकारों के साथ कथित मारपीट भी हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि रात में ही कार्रवाई क्यों की जा रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या धरनास्थल के आसपास 500 से 600 पुलिसकर्मी तैनात थे?</strong></h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>भाजपा नेता प्रतुल सहदेव ने दावा किया कि छात्रों को रात में हटाने के लिए पुलिस की कार्रवाई की खबर मिलने के बाद वे धरना स्थल पहुंचे।</li>



<li>उन्होंने कहा कि आधी रात करीब 12:30 बजे उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का मौके पर पहुंचना सामान्य बात नहीं है।</li>



<li>उन्होंने दावा किया कि धरना स्थल के आधे किलोमीटर के दायरे में करीब 500 से 600 पुलिसकर्मी तैनात थे और छात्रों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।</li>



<li>उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा नेता केवल उन्हें नैतिक समर्थन देने पहुंचे हैं।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>छात्रों ने पुलिस पर आंदोलन कमजोर करने का क्या आरोप लगाया?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">धरने पर बैठे छात्र प्रेम नायक ने कहा कि भूख हड़ताल का नौवां दिन है। उनके मुताबिक देर रात पुलिस धरना स्थल पर पहुंची और छात्रों के बीच बंटवारा पैदा करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने आधार कार्ड मांगे और छात्रों से पूछा कि वे वहां क्यों बैठे हैं। प्रेम नायक ने कहा कि अलग-अलग तरीकों से आंदोलन को कमजोर करने और लोगों को धरना स्थल से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन संवैधानिक तरीके से चल रहा है और अगर उन्हें जेल भी भेजा गया तो वे वहां भी भूख हड़ताल जारी रखेंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लेने के आरोप पर क्या कहा?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">रांची सिटी एसपी पारस राणा ने छात्रों और भाजपा नेताओं के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी को हिरासत में लेने के लिए धरना स्थल पर नहीं पहुंची थी। एसपी के मुताबिक प्रशासन के मौके पर पहुंचने के बाद कुछ इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीडियो बनाने और उसे वायरल करने लगे, जिसके बाद यह अफवाह फैल गई कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को पकड़ने आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम कुछ लोगों की पहचान की पुष्टि करने और छात्रों से बातचीत करने के लिए वहां पहुंची थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की क्या वजह बताई?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">रांची सिटी एसपी ने कहा कि पहले हुई पथराव की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है। उनके मुताबिक प्रदर्शन की कोर कमेटी के सदस्यों ने भी पुलिस को बताया था कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से पुलिस टीम कुछ लोगों की पहचान की जानकारी जुटाने पहुंची थी। एसपी ने कहा कि पुलिस छात्रों से बातचीत करना चाहती थी और यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि धरना स्थल पर कोई अपराधी मौजूद न हो। उन्होंने साफ किया कि किसी को जबरन हटाने या हिरासत में लेने की कार्रवाई नहीं की जा रही थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या छात्रों के आंदोलन से झारखंड में बढ़ेगा राजनीतिक टकराव?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">जेपीएससी-जेएसएससी&nbsp; अभ्यर्थियों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी रहने और आधी रात भाजपा नेताओं के धरना स्थल पर पहुंचने से मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। एक तरफ भाजपा नेताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस पर रात के अंधेरे में कार्रवाई की तैयारी का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि ऐसी कोई योजना नहीं थी और टीम केवल सुरक्षा व्यवस्था तथा कुछ लोगों की पहचान की पुष्टि के लिए पहुंची थी। ऐसे में अब सवाल यह है कि छात्रों का आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा और क्या सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश करेगी।</p>
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		<title>छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का बड़ा एलान, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/bjp-calls-jharkhand-bandh-on-august-11-over-lathi-charge-on-students/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 03:51:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और राज्य को बंद कराया जाएगा। झारखंड लोक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और राज्य को बंद कराया जाएगा।<br><br>झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बीजेपी ने कहा है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक के आरोपों, परीक्षाएं रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता मंगलवार को सड़कों पर उतरेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड में पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों की प्रमुख मांग है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आरोप</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्यभर से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी रांची पहुंचे और पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा परिसर की ओर मार्च किया। हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे हजारों छात्रों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए नई विधानसभा के पास लगाए गए अंतिम बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले तथा अन्य प्रोजेक्टाइल का इस्तेमाल किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आदित्य साहू बोले- ‘बच्चों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को मेडल दिया जाना चाहिए’</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह से झारखंड के बच्चों के साथ पुलिस ने कार्रवाई की, उसके लिए पुलिसकर्मियों को बुलाकर मेडल और सम्मान दिया जाना चाहिए। आदित्य साहू ने दावा किया कि लाठीचार्ज की कार्रवाई में सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं।<br></p>



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<div class="embed-x"><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | JPSC-JSSC aspirants&#39; protest in Ranchi | Jharkhand BJP President Aditya Sahu says, &quot;The police personnel should be invited and awarded medals, honored, for the way they handled the situation involving the children of Jharkhand. Hundreds of children are currently injured… <a href="https://t.co/izJDir7rjs">pic.twitter.com/izJDir7rjs</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2086860047418904577?ref_src=twsrc%5Etfw">August 10, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></div>
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<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि हेमंत सोरेन ने कभी गरीबी और संघर्ष को करीब से नहीं देखा है। अगर उन्होंने ग्रामीण गरीबी को प्रत्यक्ष रूप से देखा होता तो शायद छात्रों के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हेमंत सोरेन को अपने पिता की राजनीतिक विरासत और प्रसिद्धि विरासत में मिली है और शायद यही वजह है कि वह छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>‘नौकरियां बेचने और पेपर लीक के खिलाफ झारखंड बंद’</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">11 अगस्त को झारखंड बंद के आह्वान को लेकर आदित्य साहू ने कहा कि यह बंद छात्रों और युवाओं के साथ हुए अन्याय और अत्याचार के विरोध में बुलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नौकरियां बेचने और परीक्षा के पेपर पहले ही लीक होने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के शरीर पर जिस तरह से लाठियां बरसाई गईं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और बर्बर है।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-x wp-block-embed-x"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<div class="embed-x"><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Ranchi: Jharkhand LoP Babulal Marandi says, &quot;We were rounded up early in the morning and detained at Khelgaon. Students have been staging sit-ins and hunger strikes for the past 15 days, and this agitation isn&#39;t just 15 days old&#8230; this isn&#39;t a fight that started just… <a href="https://t.co/jBsma9PpW5">pic.twitter.com/jBsma9PpW5</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2086858416031744390?ref_src=twsrc%5Etfw">August 10, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></div>
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<p class="wp-block-paragraph">आदित्य साहू के मुताबिक, रात के अंधेरे का फायदा उठाकर और दिनदहाड़े भी आंसू गैस के गोले तथा अन्य प्रोजेक्टाइल छात्रों पर चलाए गए, जिससे सैकड़ों छात्र घायल हुए। उन्होंने कहा कि ये छात्र झारखंड के बच्चे हैं और उनके समर्थन में बीजेपी कार्यकर्ता 11 अगस्त को सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के कार्यकर्ता राज्यव्यापी बंद के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे और झारखंड को पूरी तरह बंद कराने का प्रयास करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बाबूलाल मरांडी बोले- ‘छात्र 15 दिन से आंदोलन कर रहे हैं, यह लड़ाई आज से शुरू नहीं हुई’</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें सुबह ही घेरकर खेलगांव में हिरासत में लिया गया था। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्र पिछले 15 दिनों से धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल 15 दिन पुराना नहीं है और न ही यह लड़ाई आज से शुरू हुई है। छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है।<br><br>उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों की मांग के मुताबिक इन मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दे देती तो न तो राष्ट्रपति और न ही उन्हें इस देर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जरूरत पड़ती। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की मांग को समझने की अपील की।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>‘CBI जांच का भरोसा देते तो छात्र माला पहनाकर लौट जाते’</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि अगर उनकी मांगों पर सीधी जांच का आदेश नहीं दिया गया तो वे विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने छात्रों से बातचीत करने के बजाय उन पर लाठियां क्यों चलवाईं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार विधानसभा से बाहर आकर छात्रों से सिर्फ इतना कह देती कि उनकी मांग के अनुसार पूरे मामले को सीबीआई जांच के लिए भेजा जाएगा, तो छात्र खुशी-खुशी वहां से लौट जाते। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्र सरकार को माला पहनाकर और उसके समर्थन में नारे लगाते हुए भी वापस जा सकते थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>‘राहुल गांधी अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं’</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने साफ किया है कि 11 अगस्त का झारखंड बंद छात्रों की मांगों, कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में है। पार्टी ने राज्यभर में अपने कार्यकर्ताओं से बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की है।</p>
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		<title>10 लाख के इनामी माओवादी सालुका कायम ने दो महिला माओवादियों संग किया सरेंडर, पुलिस को बड़ी कामयाबी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:18:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के बीच दस लाख रुपये के इनामी माओवादी सालुका कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सालुका कायम को प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सक्रिय सदस्य और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी बताया जाता है। रांची के कोल्हान क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के बीच दस लाख रुपये के इनामी माओवादी सालुका कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सालुका कायम को प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सक्रिय सदस्य और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी बताया जाता है।<br><br>रांची के कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के बीच एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, दस लाख रुपये के इनामी माओवादी सालुका कायम उर्फ सालुका उर्फ डांगिल उर्फ मारू उर्फ भुवनेश्वर कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दस लाख का इनामी घोषित था सालुका कायम</strong><br>जानकारी के मुताबिक, सालुका कायम सोढो कायम का पुत्र है और पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुदाबुरू कायमसाई गांव का निवासी है। वह प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की साउथ जोन सेंट्रल कमेटी से जुड़ा सक्रिय सदस्य बताया जाता है। पुलिस रिकॉर्ड में उस पर दस लाख रुपये का इनाम घोषित है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मिसिर बसेरा का खास माना जाता है&nbsp;</strong><br>सूत्रों का दावा है कि सालुका कायम लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय रहा है और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियानों, माओवादी नेटवर्क पर बढ़ते दबाव और शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद संगठन के कई सदस्यों के आत्मसमर्पण की घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इसी क्रम में सालुका कायम ने भी दो महिला माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इसे कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उल्लेखनीय है कि हाल ही में रांची में 14 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में सक्रिय रहे रवि सरदार समेत तीन माओवादियों की गिरफ्तारी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। इन घटनाओं के बाद माओवादी संगठन पर लगातार दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।<br><br></p>
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		<title>छात्रों के आंदोलन से झुकी सोरेन सरकार: बातचीत के लिए मुख्यमंत्री ने भेजा बुलावा; कई राज्यों में भी दिखा विरोध</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 04:05:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[झारखंड में छात्रों के बढ़ते आंदोलन ने हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसके बाद सरकार ने पहली बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। विपक्ष भी आंदोलन के समर्थन में उतर आया है, जबकि आंदोलन के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। इसी बीच पंजाब में पेपर लीक के विरोध में छात्रों पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">झारखंड में छात्रों के बढ़ते आंदोलन ने हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसके बाद सरकार ने पहली बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। विपक्ष भी आंदोलन के समर्थन में उतर आया है, जबकि आंदोलन के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। इसी बीच पंजाब में पेपर लीक के विरोध में छात्रों पर पानी की बौछारें की गईं और राजस्थान में मूक-बधिर छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया गया।<br><br>झारखंड का छात्र आंदोलन हेमंत सोरेन सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। आंदोलन में छात्रों की बढ़ती भीड़ और सोशल मीडिया पर देशभर से मिल रहे समर्थन के चलते सरकार को पहली बार बातचीत का प्रस्ताव भेजना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष पूरी ताकत से छात्रों के साथ मैदान में उतर आया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्थल पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब छात्रों ने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का एलान किया है। जिससे राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं। बुधवार को भी धरनास्थल पर छात्रों की संख्या अधिक थी। बाद में प्रशासन की टीम धरनास्थल पर पहुंची और और बातचीत का प्रस्ताव रखा। जिसपर छात्रों ने विचार-विमर्श के बाद फैसले की बात कही। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मतभेद बढ़े:</strong>&nbsp;छात्र आंदोलन अब अंदरूनी विवाद की वजह से दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। आंदोलन के संयोजकों में शामिल रामअवतार महतो ने आरोप लगाया कि आंदोलन को हाईजैक कर राजनीतिकरण किया गया है। उन्होंने कोचिंग संचालक कुणाल और उनके सहयोगियों पर आंदोलन पर कब्जा करने, राजनीतिक फंडिंग लेने और क्राउड फंडिंग के जरिए करोड़ों रुपये जुटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, कुणाल ने उल्टा रामअवतार पर ही आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>कई राज्यों तक पहुंची छात्रों की नाराजगी की आंच</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पंजाब : पेपर लीक का विरोध कर रहे युवाओं पर पानी की बौछारें</strong><br>पंजाब में पेपर लीक के विरोध में विधानसभा मार्च कर रहे युवाओं पर पुलिस ने पानी की बौछारें की। युवा कांग्रेस और एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने बुधवार को अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें पंजाब विधानसभा की ओर मार्च करने से रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया। वहीं, एक अलग विरोध प्रदर्शन में, एबीवीपी के कार्यकर्ता विधानसभा मार्च करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें भी रोका।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>राजस्थान : मूक-बधिर छात्रों के विरोध के बाद प्रिंसिपल को हटाया</strong><br>राजस्थान की राजधानी में बधिर बच्चों के लिए चलाए जा रहे सरकारी आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मूक-बधिर छात्रों ने बुधवार को खराब बुनियादी सुविधाओं का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया। विद्यार्थी स्कूल की इमारत से बाहर आए और धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गंदे शौचालय, पीने के पानी की कमी और स्कूल की जर्जर इमारत की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विरोध प्रदर्शन के बाद, शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://www.amarujala.com/user/himanshu-mishra-election" target="_blank" rel="noopener"></a><a href="https://www.amarujala.com/user/himanshu-mishra-election" target="_blank" rel="noopener"></a></p>
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		<title>झारखंड: भर्तियों में गड़बड़ी के खिलाफ 11 दिन से डटे हैं छात्र; CID जांच कहां तक पहुंची, CM हेमंत का रूख क्या?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 04:31:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद झारखंड में भी छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। रांची में हजारों छात्र पिछले 11 दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्तियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। राष्ट्रीय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">दिल्ली में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद झारखंड में भी छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। रांची में हजारों छात्र पिछले 11 दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्तियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।<br><br>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के बाद अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर आक्रोश सामने आने लगा है। झारखंड में सरकारी नौकरियों में घूसखोरी, संगठित गिरोह और भर्तियों में गड़बड़ी पर छात्रों का गुस्सा जनआंदोलन का रूप ले चुका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>किन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं छात्र?</strong><br>विवादों में घिरे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (जेपीएसएससी) की भर्तियों के खिलाफ राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र-छात्राएं 11 दिन से डटे हैं। उनकी मांग सिर्फ किसी परीक्षा को रद्द कराने की नहीं, बल्कि 4-5 वर्षों की दस से अधिक विवादित भर्तियों की दूसरे राज्य के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों से जांच, दोषियों पर कार्रवाई व व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की है। आंदोलनकारी इसे युवाओं के भविष्य और व्यवस्था पर भरोसे की लड़ाई बता रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आरोप : सरकारी नौकरियां बेची जा रहीं, रेट 25 लाख से डेढ़ करोड़ तक</strong><br>आंदोलनकारियों का आरोप है कि पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने वाला संगठित गिरोह सक्रिय है। कई भर्तियों में तो रेट 25 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>आरोप है कि जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा से पहले ही 120 प्रश्नों वाला पूरा पेपर चुनिंदा लोगों तक पहुंचा दिया गया, उत्तर रटवाए गए। जांच में पुष्टि हुई, पर सरकार ने नकारा।</li>



<li>लेडी सुपरवाइजर भर्ती में फर्जी डिग्रियों पर नौकरी दी गई। 33 महिलाओं की स्नातक डिग्री एक ही निजी विवि की मिली, तो नियुक्तियां रोकनी पड़ी।</li>



<li>उत्पाद सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा से पहले रांची में पुलिस ने सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड समेत 164 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। सभी अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख लेकर प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए जा रहे थे।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अनूठा : सीएम हेमंत के खिलाफ मोर्चाबंदी में पिता शिबू की तस्वीर</strong><br>पारंपरिक लोकगीतों के साथ आंदोलन कर रहे छात्र सीएम हेमंत सोरेन और उनकी व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। खास बात यह है कि छात्र झारखंड आंदोलन के अगुवा और पूर्व सीएम दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बैठे हैं।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>हेमंत शिबू सोरेन के बेटे हैं। छात्रों का कहना है कि शिबू ने युवाओं के अधिकार का सपना देखा था, उसी सपने के लिए वे मैदान में उतरे हैं, क्योंकि यहां छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।</li>



<li><strong>गंभीर सवाल:</strong> आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं अर्चना कुमारी कहती हैं, दस से अधिक परीक्षाओं में धांधली से गंभीर सवाल उठे हैं। यही वजह है कि राज्यभर में छात्र सड़कों पर है। छात्र संगठनों ने छह और 10 अगस्त को विधानसभा के घेराव का एलान किया है।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उचित समय पर लेंगे निर्णय: सीएम हेमंत</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>भर्तियों में गड़बड़ी की जांच दूसरे राज्य के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के पैनल से कराने की मांग पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। सभी तथ्य सामने आने पर उचित निर्णय लेंगे।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>परीक्षा कराने वाली एजेंसी से सेटिंग में तीन गिरफ्तार</strong><br>बहुचर्चित मेधा घोटाले में देर रात सीआईडी ने तीन दलालों को दबोच लिया। ये एजेंट पैसे लेकर अभ्यर्थियों का परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से संपर्क कराते थे।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा गिरफ्तार: झारखंड में लाल आतंक की कमर टूटी, कैसे बिखरा नक्सली नेटवर्क?</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/one-crore-bounty-misir-besra-arrested-jharkhand-naxal-network-crackdown/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 04:13:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमा से 1 करोड़ रुपये का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा अपने दो साथियों और दो ग्रामीणों के साथ गिरफ्तार हुआ है। उसी दिन 16 अन्य नक्सलियों ने सरेंडर किया। इस दोहरी कार्रवाई से पूर्वी भारत में माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है। झारखंड में लाल आतंक के खिलाफ सुरक्षा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><em>झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमा से 1 करोड़ रुपये का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा अपने दो साथियों और दो ग्रामीणों के साथ गिरफ्तार हुआ है। उसी दिन 16 अन्य नक्सलियों ने सरेंडर किया। इस दोहरी कार्रवाई से पूर्वी भारत में माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है।</em></p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड में लाल आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों को बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। एक करोड़ रुपये का इनामी और कुख्यात माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार हो गया है। उसे मंगलवार शाम झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती इलाके से दबोचा गया। मिसिर बेसरा के साथ दो सक्रिय माओवादी सदस्य भी पकड़े गए हैं। उनके नाम मोछू और सौरभ उर्फ गौरव हैं। इसके अलावा दो स्थानीय ग्रामीणों को भी पकड़ा गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या है इस बड़ी कार्रवाई का पूरा सच? पांच मुख्य बातें</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>एक करोड़ का इनामी गिरफ्तार:</strong> केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा को दबोचा गया।</li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>चार राज्यों में था नेटवर्क: </strong>मिसिर बेसरा का प्रभाव झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में फैला हुआ था।</li>



<li><strong>कई संगीन मामले दर्ज:</strong> उस पर हत्या, पुलिस बल पर हमले, रंगदारी और आईईडी धमाकों के दर्जनों मामले दर्ज हैं।</li>



<li><strong>दो सहयोगी भी पकड़ाए:</strong> कुख्यात माओवादी मोछू और सौरभ के साथ दो स्थानीय ग्रामीण भी पुलिस की गिरफ्त में आए।</li>



<li><strong>एक ही दिन में दो बड़े झटके:</strong> बेसरा की गिरफ्तारी से ठीक पहले 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>झारखंड के रामगढ़ जिले में भीषण सड़क हादसा, यात्री वाहन-ट्रक की भिड़ंत में सात लोगों की मौत; एक घायल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 04:03:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[रामगढ़ जिले के राजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी के पास भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार की देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">रामगढ़ जिले के राजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी के पास भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार की देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।  पुलिस के मुताबिक, यह दुर्घटना रामगढ़ जिले के राजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी के पास हुआ। रामगढ़-बोकारो मार्ग पर करीब 12 बजे एक यात्री वाहन और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे वाहन में सवार ताशा पार्टी के सदस्य बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में सात लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल को तुरंत रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। <br><br>मृतकों में राजरप्पा थाना क्षेत्र के मरांगमरचा के लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।<br><br></p>
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		<title>रांची से दिल्ली आ रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, मरीज समेत सात की मौत; सवारों की सूची आई सामने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 03:43:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस सोमवार को झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में मरीज, डॉक्टर, दो अटेंडेंट और पायलट सहित सात लोग सवार थे, जिसमें सभी की मौके पर ही मौत हो गई। झारखंड के चतरा में सोमवार शाम एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार मरीज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस सोमवार को झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में मरीज, डॉक्टर, दो अटेंडेंट और पायलट सहित सात लोग सवार थे, जिसमें सभी की मौके पर ही मौत हो गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड के चतरा में सोमवार शाम एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार मरीज और डॉक्टर समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई। एंबुलेंस ने रांची से मरीज को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। तकनीकी खामी की वजह से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। उड्डयन नियामक डीजीसीए ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) को हादसे की जांच करने के आदेश दिए हैं।<br><br><strong>आंधी-तूफान के कारण हुआ हादसा&nbsp;</strong><br>डीसी कीर्तिश्री जी ने बताया कि हादसा तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ। डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर सभी 7 लोगों को मृत पाया। वहीं एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि उन्हें लगभग 10 बजे घटना की जानकारी मिली। हादसे वाली जगह तक पहुंचना काफी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि दिल्ली से टीम जांच के लिए जल्द ही पहुंचेगी और ब्लैक बॉक्स को निकालकर हादसे की वजह पता लगाने की कोशिश करेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>विमान में सवार थे ये लोग</strong><br>रांची हवाईअड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने बताया हादसा सिमरिया के पास हुआ।</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>कैप्टन विवेक विकास भगत</li>



<li>कैप्टन सवराजदीप सिंह</li>



<li>संजय कुमार (मरीज)</li>



<li>अर्चना देवी (मरीज की पत्नी)</li>



<li>ध्रुव कुमार (मरीज के अटेंडेंट)</li>



<li>डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)</li>



<li>सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ)</li>
</ol>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>एक महीने में चार्टर्ड प्लेन हादसे का दूसरा मामला</strong><br>एक महीने में चार्टर्ड प्लेन के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह दूसरा मामला है। 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती के पास लैंडिंग के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अजीत समेत पांच की मौत हो गई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>शाम को 7:10 बजे हुई थी टेकऑफ</strong><br>रांची के देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि परिवार ने बेहतर इलाज के लिए मरीज को दिल्ली ले जाने का फैसला किया था। एयर एंबुलेंस ने रांची हवाईअड्डे से शाम करीब 7:10 बजे उड़ान भरी थी। शाम 7:34 बजे विमान का एयर कंट्रोल से संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर कंट्रोल से हुआ था, लेकिन शाम 7:34 बजे विमान का कोलकाता के साथ संपर्क और रडार संपर्क लगभग वाराणसी से दक्षिण-पूर्व में 100 एनएम की दूरी पर टूट गया। वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अनुसार विमान ने उससे कोई संपर्क नहीं किया।<br><br>विमान का कोई पता नहीं चलने के बाद रात 8:05 बजे बचाव समन्वय केंद्र को सक्रिय कर दिया गया और विमान की तलाश शुरू कर दी गई। इस बीच, सिमरिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक विमान गिरने की सूचना पुलिस व प्रशासन को दी। बाद में खासियातू करम टांड़ के घने जंगल में विमान का मलबा मिला।</p>
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		<title>गुमला में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, मुठभेड़ में 3 माओवादी ढेर, हथियार भी बरामद</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/gumla-encounter-3-maoists-killed-weapons-recovered-security-forces-success/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Sep 2025 05:07:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[झारखंड के गुमला जिले में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित माओवादी गुट झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में तीन माओवादी मारे गए और मौके से तीन हथियार बरामद किए गए। झारखंड के गुमला जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के घाघरा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">झारखंड के गुमला जिले में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित माओवादी गुट झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में तीन माओवादी मारे गए और मौके से तीन हथियार बरामद किए गए।<br><br>झारखंड के गुमला जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के लवादाग जंगल में बुधवार की सुबह झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के ठिकाने पर छापा मारा। इस मुठभेड़ में तीन कुख्यात माओवादी मारे गए, जबकि दो अन्य फरार हो गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुठभेड़ के बाद मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए। इनमें एक AK-56 राइफल, एक एसएलआर और एक इंसास राइफल शामिल हैं। इसके अलावा कई मैगजीन और कारतूस भी पुलिस ने जब्त किए हैं। सुरक्षाबलों ने मारे गए तीन उग्रवादियों में से एक की पहचान बेलगड़ा गांव निवासी दिलीप लोहरा के रूप में की है। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और कई मामलों में वांछित था। बाकी दो माओवादी की पहचान की जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गुमला एसपी हरिश बिन जमा ने बताया, &#8220;यह झारखंड पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है। दोनों ओर से गोलीबारी हुई, जिसमें तीन उग्रवादी मारे गए। उनके पास से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और जल्द ही फरार नक्सलियों को भी पकड़ा जाएगा।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुठभेड़ के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि माओवादी लंबे समय से जंगल में सक्रिय थे और जबरन लेवी वसूलते थे। वहीं सुरक्षाबलों की कार्रवाई से लोगों में राहत है और इलाके में शांति बहाल होने की उम्मीद जगी है। गुमला और आसपास के जिलों में पिछले कुछ हफ्तों से सुरक्षाबलों ने नक्सल सफाया अभियान तेज कर रखा है। यह मुठभेड़ पिछले एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे पहले भी पलामू और चतरा इलाके में कई नक्सलियों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड सरकार और सुरक्षा एजेंसियां नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए सख्त हैं। जंगल में सुरक्षाबलों का अभियान जारी रहेगा और जल्द ही इलाके से माओवादी गतिविधियों को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।</p>
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