शेयर बाजार से जुड़े मामलों के जानकार अजय बग्गा ने कहा कि कुछ जोखिम भारत तक भी आ सकता है क्योंकि आने वाले दिनों में कुछ बड़ी कंपनियों के आईपीओ की लिस्टिंग होनी है।
शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में सुस्ती देखी गई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर नए शुल्क लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर फिर से व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। खुलते ही निफ्टी 50 सूचकांक 108.05 अंकों या 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,177.30 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 450.25 अंक या 0.55 प्रतिशत नीचे 82,050.57 पर खुला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के अन्य प्रमुख सूचकांकों में भी दबाव देखा गया। निफ्टी 100 में 0.28 प्रतिशत, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.20 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट रही।
शेयर बाजार से जुड़े मामलों के जानकार अजय बग्गा ने कहा कि कुछ जोखिम भारत तक भी आ सकता है क्योंकि आने वाले दिनों में कुछ बड़ी कंपनियों के आईपीओ की लिस्टिंग होनी है। उन्होंने कहा, “अच्छी बात यह है कि दिवाली तक केवल एक प्रमुख आईपीओ निर्धारित है, इसलिए सेकेंडरी मार्केट से तरलता खिंचने का खतरा कम रहेगा। फिलहाल ‘बाय द डिप’ रणनीति अमेरिका में चल रही है और उम्मीद है कि भारतीय बाजारों में भी निचले स्तरों पर खरीदारी उभर सकती है।”
सेक्टर आधारित इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मीडिया को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में खुले। निफ्टी आईटी 0.45 प्रतिशत टूटा, निफ्टी ऑटो मामूली गिरावट में रहा, जबकि निफ्टी मेटल में 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी तरफ वैश्विक सूचकांक भी कमजोर रहे। अमेरिकी बाजारों में ट्रंप की नई शुल्क घोषणा के बाद अप्रैल जैसी बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे अमेरिकी शेयर बाज़ार की कुल पूंजी लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर घट गई। इसका असर अन्य एसेट क्लासों पर भी पड़ा।
इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी भारी बिकवाली हुई। कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 800 अरब डॉलर घट गया और 19 अरब डॉलर के सौदे लिक्विडेट हुए, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। कमोडिटी बाजार में तेल की कीमतें नीचे गईं, जबकि सोना और अन्य सुरक्षित निवेश साधनों में तेजी आई। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी गिरावट दर्ज की गई क्योंकि निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख किया।
हालांकि सप्ताहांत में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने रुख में नरमी के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि चीन पर 100 प्रतिशत शुल्क लागू करने की तारीख, 1 नवंबर, अभी काफी दूर है, जिससे यह संकेत मिला कि बातचीत की संभावना बनी हुई है।
आज दूसरे तिमाही के जिन प्रमुख नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी, उनमें एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आनंद राठी वेल्थ, जस्ट डायल, इंडो थाई सिक्योरिटीज, कृष्णा फॉसकेम, स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स, एसजी फिनसर्व, लक्ष्मी गोल्डोर्ना हाउस, डेन नेटवर्क्स और लोटस चॉकलेट कंपनी शामिल हैं। इस बीच, टाटा कैपिटल का आईपीओ आज सूचीबद्ध हो रहा है, जिसे कुल मिलाकर 1.95 गुना सदस्यता मिली थी। इससे निवेशकों की नजरें सप्ताह की शुरुआत में इस लिस्टिंग पर भी टिकी रहेंगी।



