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	<title>Israel-Iran War &#8211; RNSNS News</title>
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	<title>Israel-Iran War &#8211; RNSNS News</title>
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		<title>Donroe Doctrine: अमेरिकी नीति पर ट्रंप के बड़े बयान ईरान से समझौते के लिए खुद जाएंगे PAK! PM मोदी पर भी बोले</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 03:57:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी नीति पर ट्रंप के बड़े बयान ईरान से समझौते के लिए खुद जाएंगे PAK। उन्होंने पीएम मोदी और भारत के साथ संबंध पर भी टिप्पणी की। ट्रंप के बयानों को उनकी विदेश नीति और पश्चिम एशिया समेत दुनिया के अन्य हिस्सों को लेकर अमेरिकी रुख की तरह भी देखा जा रहा है। ईरान और [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी नीति पर ट्रंप के बड़े बयान ईरान से समझौते के लिए खुद जाएंगे PAK। उन्होंने पीएम मोदी और भारत के साथ संबंध पर भी टिप्पणी की। ट्रंप के बयानों को उनकी विदेश नीति और पश्चिम एशिया समेत दुनिया के अन्य हिस्सों को लेकर अमेरिकी रुख की तरह भी देखा जा रहा है। ईरान और भारत के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने और किन विषयों पर क्या कहा? इस खबर में जानिए<br><br>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ उनके रिश्ते बहुत अच्छे हैं। 40 दिनों से अधिक की जंग के बाद तनावपूर्ण शांति के बीच आई इस टिप्पणी को उनके यू-टर्न की तरह भी पेश किया जा रहा है।<br><br>इसके अलावा उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों पर भी टिप्पणी की। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना &#8216;दोस्त&#8217; बताते हुए कहा, मोदी के साथ फोन पर उनकी बातचीत &#8216;बहुत अच्छी&#8217; रही। पीएम मोदी ने भी ट्रंप के फोन कॉल की पुष्टि की थी। </p>



<h3 class="wp-block-heading">अमेरिकी नीति पर ट्रंप के बड़े बयान ईरान से समझौते के लिए खुद जाएंगे PAK</h3>



<p class="wp-block-paragraph">गौरतलब है कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने पर जोर दिया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी दोनों नेताओं के बीच की बातचीत को सकारात्मक बताया। वहीं ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता हो जाता है तो वह समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>10वां युद्ध रुकवाने का दावा</strong><br>राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और ईरान से इतर इस्रायल और लेबनान के बीच युद्धविराम पर भी बयान दिया। उन्होंने लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में 10वां युद्ध रोकने में सफलता हासिल की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ट्रंप की नीतियों के लिए डोनरो डॉक्ट्रिन शब्द क्यों?</strong><br>डोनरो सिद्धांत जुमले का इस्तेमाल ट्रंप की 2026 की विदेश नीति के संदर्भ में किया जाता है। इस धारा के तहत सरकार &#8216;अमेरिका सबसे पहले और केवल अमेरिका&#8217; जैसे रुख पर जोर देती है। डोनरो सिद्धांत पूर्व राष्ट्रपति के दौर में इस्तेमाल &#8216;मोनरो सिद्धांत&#8217; से प्रेरित है। दरअसल, 1823 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जेम्स मुनरो ने यूरोपीय उपनिवेशीकरण बंद करने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका में किसी भी हस्तक्षेप को अमेरिका के खिलाफ दुश्मनी बढ़ाने जैसे कृत्य के रूप में देखा जाएगा। बीते करीब 200 साल से अधिक समय से इस नीति को डोनरो सिद्धांत की तरह पेश किया जा रहा है। अब गाहे-ब-गाहे ट्रंप की नीतियों को भी इसी जुमले के आधार पर पेश किया जाता है।</p>
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		<title>अमेरिका की नाकेबंदी के बाद होर्मुज से गुजरा पहला तेल टैंकर, अमेरिकी नौसेना की चेतावनी</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 04:16:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Iran]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका की नाकेबंदी के बाद होर्मुज से गुजरा पहला तेल टैंकर : माल्टा का ध्वज लगे एक जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका की नाकेबंदी के बाद होर्मुज से गुजरा पहला तेल टैंकर : माल्टा का ध्वज लगे एक जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में जहाजों की निगरानी करने वाले शिपिंग ट्रैकिंग मॉनिटर के हवाले से दी गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अमेरिका की नाकेबंदी के बाद होर्मुज से गुजरा पहला तेल टैंकर</h3>



<p class="wp-block-paragraph">माल्टा का ध्वज लगा तेल टैंकर अगियोस फैनोरियोस-I के गुरुवार को इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जहां अमेरिका की नाकेबंदी लागू नहीं है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में लगभग दो दिन तक रुका रहा और फिर उसने दोबारा मार्ग तय किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस बीच, अमेरिका की नौसेना ने कहा कि वह ईरान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने क्षेत्र में मौजूद व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है कि वे जहाजों को रोक सकते हैं और नाकेबंदी लागू करने के लिए बल प्रयोग कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नौसेना के रेडियो संदेश में कहा, ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा सकता है और जब्त किया जा सकता है। यह संदेश अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) की ओर से सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। एक सैन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पुष्टि की कि यह संदेश इस समय क्षेत्र के सभी जहाजों को प्रसारित किया जा रहा है। रेडियो संदेश में आगे कहा गया, अगर आप नाकेबंदी का पालन नहीं करेंगे, तो बल प्रयोग किया जाएगा।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>होर्मुज में कितनी अमेरिकी सेना?: ईरान में वर्चस्व की होड़ में ट्रंप, मोर्चे पर युद्धपोत से लेकर फाइटर जेट तक</title>
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		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 03:40:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Iran]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान में वर्चस्व की होड़ में ट्रंप : अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि नाकाबंदी ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) के अनुसार दोपहर दो बजे से शुरू हो गई है। यह नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी जहाजों के खिलाफ लागू की जाएगी। सेंटकॉम ने [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">ईरान में वर्चस्व की होड़ में ट्रंप : अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि नाकाबंदी ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) के अनुसार दोपहर दो बजे से शुरू हो गई है। यह नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी जहाजों के खिलाफ लागू की जाएगी। सेंटकॉम ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी बल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों के आवागमन में बाधा नहीं डालेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान की नाकेबंदी के एलान के बाद होर्मुज जलडमरुमध्य को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों के आसपास नौसैनिक नाकाबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। <br><br>अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने फारस की खाड़ी में 15 से ज्यादा युद्धपोतों को तैनात किया है। इस अभियान के तहत अमेरिका ने अपने खास युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली (LHA 7) को अरब सागर में उतार दिया है। यूएसएस त्रिपोली पर एफ-35बी लाइटनिंग II स्टील्थ लड़ाकू विमान और एमवी-22 ओस्प्रे जैसे बेहतरीन अमेरिकी जहाज मौजूद हैं।<br><br><strong>यूएसएस त्रिपोली की क्या है ताकत?</strong><br>सेंटकॉम ने एक बयान में बताया, &#8220;यूएसएस त्रिपोली (LHA 7) अरब सागर में गश्त करते हुए रात में उड़ान संचालन कर रहा है। त्रिपोली को पारंपरिक वेल डेक के बिना डिजाइन किया गया है, जिसकी वजह से इस पर ज्यादा एफ-35बी लाइटनिंग II स्टील्थ लड़ाकू विमान, एमवी-22 ओस्प्रे, हेलीकॉप्टरों की तैनाती संभव है। सैन्य ऑपरेशन के दौरान जहाज पर 20 से ज्यादा एफ-35बी लड़ाकू विमानों की तैनाती हो सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि नाकाबंदी के पास आने वाले किसी भी ईरानी नौका को नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरान की नौसेना के अधिकांश हिस्से को पहले ही नष्ट कर दिया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ईरान में वर्चस्व की होड़ में ट्रंप : ट्रंप ने दी ईरानी जहाजों को खत्म करने की चेतावनी </h3>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, &#8220;ईरान की नौसेना समुद्र में डूब चुकी है और 158 जहाज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। जिन्हें हमने नहीं मारा है, वे छोटी संख्या के ऐसे जहाज हैं. जिन्हें तेज हमला करने वाला जहाज कहा जाता है। हमने उन्हें बहुत बड़ा खतरा नहीं माना था। &#8220;</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, &#8220;अगर इनमें से कोई भी जहाज हमारे नाकाबंदी के करीब आता है, तो उन्हें तुरंत खत्म कर दिया जाएगा, उसी तरह से जिस तरह से हम समुद्र में नावों पर बैठे ड्रग डीलरों के खिलाफ हमलों का इस्तेमाल करते हैं।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गहरा सकता है ऊर्जा संकट</strong><br>अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद ट्रंप ने नाकेबंदी का फैसला लिया था।&nbsp;यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच जारी दो सप्ताह के युद्धविराम के बीच उठाया गया है। इस फैसले की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट के गहराने की आशंका जताई जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title> &#8216;अमेरिका होर्मुज खोलेगा चाहे ईरान साथ दे या नहीं&#8217;, US-ईरान शांति वार्ता से पहले डोनाल्ड ट्रंप की धमकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 03:54:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[USA]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका होर्मुज खोलेगा चाहे ईरान साथ दे या नहीं : इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ विशेष अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। इस वार्ता का पहला दौर शनिवार सुबह स्थानीय समय के अनुसार होगा। ईरान के [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका होर्मुज खोलेगा चाहे ईरान साथ दे या नहीं : इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ विशेष अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। इस वार्ता का पहला दौर शनिवार सुबह स्थानीय समय के अनुसार होगा।<br><br>ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की योजना का इशारा दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यह कदम ईरान के साथ या उसके बिना उठाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान रवाना हुए थे।<br><br>जॉइंट बेस एंड्रयूज (जेबीए) पर उपराष्ट्रपति वेंस के रवाना होने से पहले ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरानी सेना को सैन्य रूप से पराजित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बातचीत के नतीजों की परवाह किए बिना होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा। </p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अमेरिका होर्मुज खोलेगा चाहे ईरान साथ दे या नहीं : ट्रंप</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति ने जेडी वेंस को शांति वार्ता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके पास बड़ा काम है। उन्होंने ईरान पर निशाना साधते हुए कहा, &#8220;मैं पता लगाऊंगा कि क्या हो रहा है। वे (ईरान) सैन्य रूप से पराजित हो गए हैं और अब हम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेंगे, चाहे कोई सौदा हो या न हो। वह खुला रहेगा, हम जलडमरूमध्य में होंगे, जैसा कि वे कहते हैं।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इस्लामाबाद पहुंचा&nbsp;ईरानी प्रतिनिधिमंडल</strong><br>इस बीच, ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबफ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात शांति वार्ता में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचा है। यह वार्ता पश्चिम एशिया में शत्रुता को समाप्त करने के उद्देश्य से की जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उपराष्ट्रपति वेंस भी पहुंचे पाकिस्तान</strong><br>अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उन्होंने वार्ता को लेकर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ईरान सद्भावना से चर्चाओं में भाग लेता है, तो अमेरिका रचनात्मक जुड़ाव के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत में बेईमानी करने की कोशिश करता है, तो उन्हें वॉशिंगटन से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>शांति वार्ता में कौन-कौन शामिल?</strong><br>ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार ईरानी प्रतिनिधिमंडल में सुरक्षा, राजनीतिक, सैन्य, आर्थिक और कानूनी क्षेत्रों सहित कई प्रमुख क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो प्रस्तावित चर्चाओं के व्यापक दायरे और महत्व को दर्शाते हैं। इस उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेममती शामिल हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ&nbsp;भी इस दल का हिस्सा हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ईरान ने रखीं शर्तें</strong><br>हालांकि, तेहरान ने गालिबाफ द्वारा पहले जारी की गई पूर्व-शर्तों की स्वीकृति पर जोर दिया है। ईरान का कहना है कि अगर इन शर्तों को पूरा नहीं किया गया, तो वार्ता विफल हो सकती है। गालिबाफ के अनुसार, लेबनान में युद्धविराम और ईरानी संपत्तियों से प्रतिबंध को इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने से पहले की पूर्व-शर्तों के रूप में निर्धारित किया गया है।</p>
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		<title>होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले- यह वह समझौता नहीं, जो हमने किया</title>
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		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 04:11:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम के एलान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त रखी थी। ईरान की ओर से होर्मुज को अभी पूरी तरह नहीं खोला गया है। वहीं, कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम के एलान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त रखी थी। ईरान की ओर से होर्मुज को अभी पूरी तरह नहीं खोला गया है। वहीं, कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान की ओर से होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों से शुल्क वसूला जा रहा है। ट्रंप ने इसी मामले पर चिंता जताई है।<br><br>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही को बाधित करने के तरीके पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले में बहुत खराब काम कर रहा है और इसे अशोभनीय बताया।<br><br>युद्धविराम की प्रभावशीलता पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, &#8220;ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल को गुजरने देने के मामले में बहुत खराब काम कर रहा है, कुछ लोग इसे अशोभनीय कहेंगे। यह वह समझौता नहीं है जो हमने किया है।&#8221; </p>



<h3 class="wp-block-heading">होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप : क्या ईरान वसूल रहा तेल टैंकरों से शुल्क?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी तेल टैंकरों से शुल्क लेने की रिपोर्टें सामने आने के बाद आई है। इससे पहले ट्रंप ने यह भी ट्वीट किया था कि ऐसी रिपोर्टें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क ले रहा है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे कर रहे हैं, तो उन्हें अभी बंद कर देना चाहिए।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मामले पर क्या बोला व्हाइट हाउस? &nbsp;</strong><br>व्हाइट हाउस युद्धविराम समझौते के हिस्से के रूप में जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समर्थन करता है। हालांकि, उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के सैन्य बल का विरोध करते हैं, जो अभी भी जलमार्ग को नियंत्रित करता है और गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूल कर राजस्व बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दबाव की राजनीति में जुटे ईरान-अमेरिका</strong><br>युद्धविराम की घोषणा के साथ जीत की दावा करते हुए ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।&nbsp;ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने खबर दी है कि सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं, जो तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और जिसे तेहरान ने बंद कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता है तो अमेरिकी सेना पहले से भी ज्यादा कठोर कार्रवाई करेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा, यह सवाल भी बना हुआ है कि तनाव के केंद्र में स्थित ईरान के समृद्ध यूरेनियम के भंडार का क्या होगा, जलडमरूमध्य से सामान्य यातायात कब और कैसे फिर से शुरू होगा, और भविष्य में मिसाइल हमले करने और क्षेत्र में सशस्त्र प्रॉक्सी का समर्थन करने की ईरान की क्षमता का क्या होगा।</p>
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		<title>इस्राइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले, 254 लोगों की मौत; जवाब में ईरान ने बंद किया होर्मुज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 04:26:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Lebanon]]></category>
		<category><![CDATA[Israel-Iran War]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद इस्राइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले। इनमें हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई और 1,000 से अधिक घायल हुए। जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस्राइल ने बुधवार दोपहर मध्य बेरूत में कई हमले किए। घनी आबादी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद इस्राइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले। इनमें हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई और 1,000 से अधिक घायल हुए। जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस्राइल ने बुधवार दोपहर मध्य बेरूत में कई हमले किए। घनी आबादी वाले कई व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को बिना पूर्व सूचना के निशाना बनाया गया। हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के साथ युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए हैं। उधर, एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान ने लेबनान पर इस्राइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है। </p>



<h3 class="wp-block-heading">इस्राइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले : लेबनान समझौते में शामिल नहीं: ट्रंप</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीबीएस न्यूज आवर को बताया कि लेबनान को समझौते में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि वहां चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला मौजूद है। जब उनसे इस्राइल के हालिया हमलों के बार में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, यह एक अलग झड़प है। इस्राइल ने कहा था कि यह समझौता ईरान समर्थित हिजबुल्ला के साथ उसकी जंग पर लागू नहीं होता। हालांकि, मध्यस्थ पाकिस्तान ने कहा कि यह लागू होता है। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना</strong><br>युद्ध विराम की घोषणा से लेबनान के निवासियों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन इस्राइली सेना के अचानक हमलों से दहशत में फैल गई। इस्राइली सेना ने 10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर पर हमला किया। इसमें बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी शामिल हैं।&nbsp;<br><br>समु्द्र तटीय राजधानी के कई हिस्सों में काला धुआं छाया रहा, जहां युद्ध से विस्थापित हुए लोगों ने बड़ी संख्या में शरण ली थी। चहल-पहल भरी, साफ आसमान वाली दोपहर में धमाकों ने वाहनों के हॉर्न की आवाज को गायब कर दिया। एंबुलेंस आग की लपटों की ओर तेजी से बढ़ीं। आवासीय इमारतों पर भी हमले हुए।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, &nbsp;बेरूत के मध्य में स्थित कॉर्निश अल मजरा इलाके के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर वाहन और जमीन पर जले हुए शव देखे गए। यह इलाका व्यावसायिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों का मिश्राण है। बचावकर्मी फोर्क लिफ्ट (कांटा ट्रक) की मदद से सुलगते मलबे को हटा रहे थे और मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे थे।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हमलों पर लेबनानी नेताओं ने क्या कहा?</strong><br>बेरूत के मध्य हिस्से पर पहले भी हमले हुए हैं। लेकिन एक साथ इतने बड़े हमले दिन के समय कम ही हुए हैं। इस्राइल आमतौर पर दक्षिण और पूर्वी लेबनान में ज्यादा हमले करता रहा है। लेबनान की सामाजिक मामलों की मंत्री हनीद सैयद ने इन हमलों को बेहद खतरनाक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि हमले सीधे उन इलाकों में हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में विस्थापित लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान सरकार इस्राइल के साथ बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक इस्राइल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं, राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को बर्बर बताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इस्राइल की हिजबुल्ला कमांडर को चेतावनी</strong><br>इस्राइली सेना ने कहा कि उसने मिसाइल लॉन्चर, कमांड सेंटर और खुफिया ढांचे को निशाना बनाया। लेकिन स्थानीय लोगों ने इन दावों को खारिज किया और कहा कि ये सिर्फ रिहायशी इलाके थे। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हिजबुल्ला कमांडर नईम कासेम को चेतावनी दी कि उनका भी नंबर आएगा। इससे पहले 2024 में इस्राइल ने हिजबुल्ला के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह को मार गिराया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा इस्राइल: हिजबुल्ला</strong><br>हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने कहा कि वह बातचीत का मौका देना चाहते हैं। लेकिन इस्राइल संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे पुरानी स्थिति में लौटना स्वीकार नहीं करेंगे। यह संघर्ष तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद हिजबुल्ला भी इस जंग में शामिल हुआ और उसने जवाब में मिसाइलें दागीं। इसके बाद इस्राइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">युद्ध की शुरुआत से अब तक लेबनान में 1500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 10 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। युद्ध विराम की घोषणा के बाद कुछ लोग अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन नए हमलों के बाद फिर से खौफ और अनिश्चितता बढ़ गई है। कई परिवारों ने फिलहाल सुरक्षित जगहों पर ही रुकने का फैसला किया है।</p>
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		<title>होर्मुज पर ईरान का फैसला: जहाजों के लिए नए रास्ते तय, समुद्री माइन का अलर्ट जारी; तेल सप्लाई पर असर संभव</title>
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		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 04:12:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Iran]]></category>
		<category><![CDATA[Israel-Iran War]]></category>
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					<description><![CDATA[होर्मुज पर ईरान का फैसला : क्या दुनिया की तेल लाइफलाइन खतरे में है? होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते समुद्री माइन के खतरे के बीच ईरान का बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने वैश्विक व्यापार और सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब होर्मुज जलडमरूमध्य को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">होर्मुज पर ईरान का फैसला : क्या दुनिया की तेल लाइफलाइन खतरे में है? होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते समुद्री माइन के खतरे के बीच ईरान का बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने वैश्विक व्यापार और सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।<br><br>पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। AFP न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने जहाजों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक समुद्री रास्तों का एलान किया है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि समुद्री सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। IRGC नौसेना ने सभी मालवाहक जहाजों और नौकाओं को इन नए, निर्दिष्ट मार्गों का पालन करने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जहाजों की आवाजाही IRGC नौसेना की कड़ी निगरानी में हो। विश्व में 20 फीसदी तेल का आवागमन इसी जलडमरूमध्य से होता है, ऐसे में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। ईरान ने यह कदम एक दो-सप्ताह की अस्थायी संघर्ष विराम के हिस्से के तौर पर उठाया है, जिसके तहत जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से फिर से खोला गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">होर्मुज पर ईरान का फैसला <strong>नए वैकल्पिक मार्ग: प्रवेश और निकास</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">IRGC नौसेना द्वारा जारी किए गए नए मार्गों का विवरण इस प्रकार है:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>प्रवेश मार्ग: </strong>ओमान सागर से होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले जहाज अब लारक द्वीप के उत्तरी हिस्से से गुजरेंगे। इसके बाद वे खाड़ी की ओर बढ़ेंगे। यह मार्ग संभावित खतरों से बचाते हुए जहाजों को सुरक्षित प्रवेश प्रदान करेगा।</li>



<li><strong>निकास मार्ग</strong>: खाड़ी से बाहर निकलने वाले जहाजों के लिए भी एक नया मार्ग तय किया गया है। ये जहाज लारक द्वीप के दक्षिणी हिस्से से होते हुए ओमान सागर की ओर प्रस्थान करेंगे।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph">ईरान का कहना है कि इन नए रास्तों का उद्देश्य जहाजों को सुरक्षित और निर्बाध रूप से गुजरने में मदद करना है। यह कदम जलमार्ग में किसी भी प्रकार के अप्रिय घटना को रोकने और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>ट्रंप ने ईरान पर रोकी कार्रवाई तेल के दाम गिरे; दो हफ्ते की मोहलत से उछला अमेरिकी बाजार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 04:46:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<category><![CDATA[Israel-Iran War]]></category>
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					<description><![CDATA[ट्रंप ने ईरान पर रोकी कार्रवाई तेल के दाम गिरे : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को दो हफ्तों के लिए टालने का फैसला किया है, जिससे वैश्विक बाजारों में राहत दिखी। इस घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई और अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल दर्ज हुआ। [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप ने ईरान पर रोकी कार्रवाई तेल के दाम गिरे : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को दो हफ्तों के लिए टालने का फैसला किया है, जिससे वैश्विक बाजारों में राहत दिखी। इस घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई और अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल दर्ज हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित बड़े हमले को दो हफ्तों के लिए टालने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की अनुमति देता है, तो फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकी जा सकती है।<br><br><strong>कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट</strong><br>इस फैसले का असर तुरंत वैश्विक बाजारों पर दिखा। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत करीब 18% गिरकर लगभग 92.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6% गिरकर 103.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। हालांकि, ये कीमतें अभी भी युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से ज्यादा हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी,&nbsp;निवेशकों में भरोसा</strong><br>वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। एसएंडपी 500 के फ्यूचर्स लगभग 2.4% ऊपर चले गए, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ता नजर आया। बाजार को उम्मीद है कि अगर तनाव कम होता है, तो आर्थिक हालात भी स्थिर हो सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ट्रंप ने किया सीजफायर का एलान</strong><br>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है।&nbsp;ट्रंप ने बताया कि यह एक &#8216;दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर&#8217; होगा, यानी इस दौरान न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि इस समझौते के लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है, ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमेरिका को ईरान ने भेजा 10 बिंदु वाला शांति प्रस्ताव&nbsp;</strong><br>ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं वाला एक कारगर शांति प्रस्ताव आया है, जिससे 28 फरवरी से चल रहे युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अगले दो हफ्तों में हालात किस दिशा में जाते हैं, क्या शांति बनेगी या फिर तनाव फिर से बढ़ेगा।</p>
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		<item>
		<title>पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद: ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का किया एलान, होर्मुज को लेकर रखी बड़ी शर्तें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 04:30:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[USA]]></category>
		<category><![CDATA[Israel-Iran War]]></category>
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					<description><![CDATA[ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का किया एलान : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को दो हफ्ते के लिए रोक दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर का एलान करते हुए कहा कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है।  अमेरिका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का किया एलान : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को दो हफ्ते के लिए रोक दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर का एलान करते हुए कहा कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। ट्रंप ने बताया कि यह एक &#8216;दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर&#8217; होगा, यानी इस दौरान न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि इस समझौते के लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है, ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का किया एलान : अपने लक्ष्य हासिल कर चुका है अमेरिका- ट्रंप</h3>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब इन दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो यह पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमेरिका-इस्राइल और ईरान संघर्ष</strong><br>इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमले के साथ हुई थी। जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अमेरिका-इस्राइल के हमले के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जमकर हमले किए थे, इस दौरान इस्राइल पर भी ईरान ने मिसाइलें दागीं थी। इस जंग के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बड़े पैमाने पर बाधित हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ट्रंप ने क्या दी थी चेतावनी?</strong><br>अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में साफ कहा था कि अगर ईरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता और समझौता नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;ट्रुथ सोशल&#8217; पर पोस्ट करते हुए लिखा, &#8216;मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम)!&#8217; जबकि इससे पहले उन्होंने कहा था&nbsp;कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका उसकी ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि &#8216;अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया, तो ईरान में पावर प्लांट और पुल सब कुछ निशाने पर होगा।&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पहले ट्रंप ने दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम</strong><br>बता दें कि, ट्रंप पहले भी ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे चुके थे, लेकिन बाद में इस समय-सीमा को कई बार बढ़ाया गया। फिर इसे बढ़ाकर 8 अप्रैल की रात तक कर दिया गया था। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि समझौते की संभावना अभी भी है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे &#8216;सब कुछ खत्म कर देंगे।&#8217; उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान के आम लोग अपनी सरकार से खुश नहीं हैं और वे अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं।</p>
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		<title>क्या पूरी तरह टल गया महायुद्ध?: ट्रंप के बाद अब ईरान भी युद्धविराम पर सहमत, समझौते को बताया अपनी बड़ी जीत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 04:29:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<category><![CDATA[Israel-Iran War]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या पूरी तरह टल गया महायुद्ध? पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी युद्ध के बीच राहत की खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एलान के बाद ईरान ने भी दो हफ्ते के युद्धविराम पर अपनी सहमति जताई है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी इस समझौते को मंजूरी दी है। दूसरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">क्या पूरी तरह टल गया महायुद्ध? पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी युद्ध के बीच राहत की खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एलान के बाद ईरान ने भी दो हफ्ते के युद्धविराम पर अपनी सहमति जताई है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी इस समझौते को मंजूरी दी है। दूसरी ओर ईरान ने इसे अपनी सबसे बड़ी जीत भी बताया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से धधक रहे युद्ध के बीच आखिरकार राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। लगातार हमलों, मिसाइलों और तबाही के बीच अब हालात बदलते दिख रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद&nbsp;अब ईरान ने भी दो हफ्ते के युद्धविराम पर मुहर लगा दी है, जिससे युद्ध की आग पर अस्थायी ब्रेक लगता नजर आ रहा है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस समझौते की पुष्टि की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह जानकारी ईरानी मेहर न्यूज&nbsp;एजेंसी के जरिए दी गई। बयान में कहा गया कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ है और इसे ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई की मंजूरी मिली है। ईरान ने इस समझौते को अपनी बड़ी जीत&nbsp;बताया है। साथ ही यह भी कहा गया कि स्थायी शांति समझौते के लिए आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होगी। इस फैसले को पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शांति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या पूरी तरह टल गया महायुद्ध? मीडिया रिपोर्टस के अनुसार युद्धविराम पर ईरान की शर्ते, इस प्रकार है। </h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>ईरान और अमेरिका 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत करेंगे।</li>



<li>हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ईरानी सेना के समन्वय में होगी।</li>



<li>क्षेत्र में रेजिस्टेंस एक्सिस के खिलाफ सभी युद्ध और हमले बंद किए जाएं।</li>



<li>अमेरिका को सभी ठिकानों और बेसों से अपनी सेनाएं वापस बुलानी होंगी।</li>



<li>हॉर्मुज में सुरक्षित ट्रांजिट सिस्टम स्थापित किया जाए, जिसमें ईरान की प्रमुख भूमिका हो।</li>



<li>ईरान को युद्ध में हुए नुकसान की पूरी भरपाई मिले।</li>



<li>उन पर लगे सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध (सैंक्शन्स) हटाए जाएं।</li>



<li>विदेशों में जमा ईरानी जमी हुई संपत्तियों को वापस किया जाए।</li>



<li>इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव में मंजूरी दी जाए।</li>



<li>योजना का उद्देश्य ईरान की आर्थिक, रणनीतिक और सुरक्षा स्थिति को मजबूत करना है।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>होर्मुज से जहाज को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति</strong><br>युद्धविराम की सहमति के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक देगी। उन्होंने यह घोषणा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से की। अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनिर का धन्यवाद किया, जिन्होंने क्षेत्र में शांति लाने के लिए प्रयास किए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके साथ ही होर्मुज को लेकर ईरान ने कहा कि दो हफ्तों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह ईरानी सेना के साथ समन्वय और तकनीकी शर्तों के आधार पर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान के 10 बिंदुओं के प्रस्ताव को भी बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार किया गया है।<br><br><strong>ट्रंप ने क्या एलान किया था?</strong><br>गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। ट्रंप ने बताया कि यह एक दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर होगा, यानी इस दौरान न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि इस समझौते के लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है, ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।<br><br><strong>अपने लक्ष्य हासिल कर चुका है अमेरिका- ट्रंप</strong><br>राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब इन दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो यह पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।<br></p>
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