अमेरिका में राष्ट्रपति बनते ही डोनाल्ड ट्रंप ने वहां अवैध तरीके से रह रहे लोगों पर कार्रवाई करते हुए अपने देश से दूसरे देश के लोगों को निकालना शुरू कर दिया है।
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों से भरा एक और प्लेन शनिवार को अमृतसर पहुंच रहा है। प्लेन में कितने यात्री होंगे और ये कब लैंड होगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। प्लेन के आने की सूचना के बाद से अमृतसर में खुफिया एजेंसियां चाैकन्नी हो गई हैं। पंजाब पुलिस के डीसीपी हरप्रीत सिंह मंढेर ने बताया कि सूचना मिली है कि शनिवार रात को एक जहाज अमृतसर में लैंड होगा।
पांच फरवरी को 104 भारतीय हुए थे डिपोर्ट
इससे पहले पांच फरवरी को अमेरिका से 104 भारतीयों को डिपोर्ट कर दिया गया था। डिपोर्ट किए गए भारतीयों में देश के छह राज्यों के लोग शामिल थे। इनमें हरियाणा के 34, गुजरात के 33 लोग और पंजाब के 30 लोग अमेरिका से डिपोर्ट किए गए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के 3, उत्तर प्रदेश के 2 और चंडीगढ़ के 2 लोग शामिल थे।
इस कारण अमृतसर में हुई थी लैंडिंग
अमृतसर में विमान को उतारने की कई वजह रही। मुख्य कारण यह रहा कि अमेरिका से डिपोर्ट हुए भारतीय नागरिकों में पंजाब और हरियाणा के लोग ज्यादा थे। वहीं दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान को इस वजह से भी नहीं उतारा गया था क्योंकि पांच फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान था।
डंकी रूट से अमेरिका में घुसने वालों पर कार्रवाई
जितने भी लोगों को अब अमेरिका की ओर से वापिस भेजा जा रहा है। वह सभी एजेंटों के जरिये डंकी लगवाकर जाते हैं। इस तरह एजेंट प्रति व्यक्ति 35 से 40 लाख रुपये लेते हैं। इन सभी लोगों को मैक्सिको, पनामा आदि के जंगलों के जरिये अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करवाया जाता है। यहां तक बहुत सारे ऐसे भी लोग होते हैं जो अमेरिका तक पहुंच ही नहीं पाते और जंगलों में भूख-प्यास के मारे दम तोड़ देते हैं।



