भारत में इस हफ्ते अलग-अलग क्षेत्रों में मानसून की स्थिति क्या रहने वाली है? किन क्षेत्रों में भीषण बारिश का दौर अभी जारी रहने की उम्मीद है? कहां गर्मी और आर्द्रता की चेतावनी जारी की गई है? हर दिन के हिसाब से मौसम का पूर्वानुमान क्या है? इस दौरान कहां-कहां मौसम से स्थितियां गंभीर हो सकती हैं? इसकी वजह क्या है? आइये जानते हैं…
भारत में मानसून का सीजन इस बार समय से पहले आ चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपने समय से नौ दिन पहले ही पूरे देश को घेर लिया। इसका असर यह हुआ है कि तटीय राज्यों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मूसलाधार वर्षा दर्ज की जा रही है। कई जिलों में तो बारिश की स्थिति को देखते हुए रेड और यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
इस बीच यह जानना अहम है कि देश में इस हफ्ते अलग-अलग क्षेत्रों में मानसून की स्थिति क्या रहने वाली है? किन क्षेत्रों में भीषण बारिश का दौर अभी जारी रहने की उम्मीद है? पहाड़ी, मैदानी और तटीय क्षेत्रों में आने वाले दिनों में कैसे हालात रहेंगे? कहां गर्मी और आर्द्रता की चेतावनी जारी की गई है? हर दिन के हिसाब से मौसम का पूर्वानुमान क्या है? इस दौरान कहां-कहां मौसम से स्थितियां गंभीर हो सकती हैं? इसकी वजह क्या है?
अगले 6-7 दिनों में क्या होगी अलग-अलग क्षेत्रों में मानसून की स्थिति?
1. उत्तर भारत
उत्तर भारत में मानसून की वजह से भारी बारिश की संभावना देखी जा रही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग दिनों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
- (i). हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी। इस दौरान सबसे ज्यादा खतरा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होगा, जहां भूस्खलन, मिट्टी कटाव और यातायात बाधित हो सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। - (ii). उत्तराखंड
1 जुलाई को राज्य में बहुत भारी वर्षा की संभावना है। वहीं, 6 जुलाई तक पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश, भूस्खलन से यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा नदी-नालों में तेज बहाव, ग्रामीण क्षेत्रों में फसलें प्रभावित होने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। - (iii). पंजाब
पंजाब में 1 से 6 जुलाई तक हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान जताया गया है। हालांकि, क्षेत्र में उमस का प्रकोप बढ़ सकता है। - (iv). हरियाणा
हरियाणा में इस पूरे हफ्ते कई क्षेत्रों में रुक-रुककर हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे खेतों में जलभराव की आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। - (v). दिल्ली-एनसीआर
उत्तर भारत के मैदानी इलाके में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बादल छाए रहेंगे। लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, क्योंकि इस दौरान तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री तक नीचे रहेगा। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। साथ ही 30 से 50 किमी/घंटा तक की हवाएं चलने की संभावना है। - (vi). उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। खासकर पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और नोएडा में स्थिति के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी तरफ 3 से 6 जुलाई के बीच पूर्वी यूपी-लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बलिया में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट है। जबरदस्त बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
2. उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत
- (i). राजस्थान
राजस्थान में 2 जुलाई तक हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान लगाया गया है। यहां 5 जुलाई को पूर्वी हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पश्चिमी क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर रुक-रुक कर बारिश की संभावना है। राज्य में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, हालांकि आर्द्रता बनी रहेगी। - (ii). गुजरात
राज्य में अगले 1 जुलाई से 6 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा। कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। तटीय जिलों — जैसे वेरावल, पोरबंदर, जामनगर, नवसारी, वलसाड और भरूच — में गंभीर बारिश और तेज हवाएं (40–60 किमी/घंटा) चलने की संभावना। - (iii). महाराष्ट्र, गोवा
अगले 7 दिनों के दौरान कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
3. मध्य भारत
- (i). मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में 6 जुलाई तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। राज्य के कई भागों, विशेष रूप से पूर्वी और मध्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा गरज-चमक और तेज हवाएं भी चलेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिले जैसे जबलपुर, बालाघाट, शहडोल में मंगलवार (1 जुलाई) को बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान मध्य-पश्चिमी मध्य प्रदेश, जैसे भोपाल, नर्मदापुरम, विदिशा, आदि में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी। - 2 से 4 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के सतना, रीवा, कटनी, दमोह, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर जैसे जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी। वहीं, 5-6 जुलाई को कई जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है। एमपी में मौसम विभाग ने 3 जुलाई तक कई हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- (ii). छत्तीसगढ़
कुछ इसी तरह के हालात छत्तीसगढ़ में भी रहेंगे। यहां अधिकांश हिस्सों- खासतौर पर पूर्वी और मध्य छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से 6 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा के दौर देखने को मिल सकता है।
4. पूर्वी भारत
- 6 जुलाई तक: झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
- 4 जुलाई तक बिहार, ओडिशा में भीषण बारिश का अनुमान लगाया गया है। इसमें बिहार में 2 जुलाई तक और ओडिशा में 3 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
- 30 जून, 1 जुलाई और 4-6 जुलाई के दौरान पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानी पर भारी वर्षा की चेतावनी है।
5. पूर्वोतर भारत
- 6 जुलाई तक पूर्वोतर भारत में अधिकांश स्थान पर हल्की वर्षा, गरज के साथ तूफान, बिजली चमकने और का स्थान पर भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।
- 2 और 3 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी वर्षा का अनुमान।
- 6 जुलाई को असम और मेघालय में बहुत भारी वर्षा की संभावना।
6. दक्षिण भारत
- (i). केरल
2 जुलाई से 4 जुलाई तक केरल के कई भागों में भारी वर्षा की संभावना है। मध्य और उत्तरी जिलों, जैसे कोझिकोड, मलप्पुरम, एर्नाकुलम के इस दौरान जबरदस्त बारिश का अनुमान है। इस दौरान तटीय और घाट क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी। कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं की आशंका जताई गई है। - (ii). आंध्र प्रदेश-तेलंगाना
अगले सात दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना और रायलसीमा के क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर छिटपुट बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। - (iii). कर्नाटक
6 जुलाई तक तटीय कर्नाटक में लगातार बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना है। दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़ में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। दूसरी तरफ आंतरिक कर्नाटक में 3 जुलाई से 5 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज हो सकती हैं। - (iv). तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल
2 जुलाई तक बारिश की कमी के चलते इस क्षेत्र में गर्मी और अधिक आर्द्रता बनी रहेगी। चेन्नई, मदुरै, त्रिची, तिरुनेलवेली जैसे क्षेत्रों में तापमान ज्यादा रहेगा। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।



