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	<title>Weather &#8211; RNSNS News</title>
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	<title>Weather &#8211; RNSNS News</title>
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		<title>दिल्ली-UP से उत्तराखंड तक भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन-बाढ़ का भी कहर; IMD के अनुमान में क्या?</title>
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		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 03:39:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कई राज्यों में मानसून की बारिश आफत बन चुकी है। मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की मार झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आज और आने वाले तीन-चार दिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई प्रदेशों में बारिश होने के आसार हैं। आपके प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">कई राज्यों में मानसून की बारिश आफत बन चुकी है। मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की मार झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आज और आने वाले तीन-चार दिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई प्रदेशों में बारिश होने के आसार हैं। आपके प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? जानिए इस खहर में<br><br>दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कहर बनकर टूट रहा है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड में ज्यादातर जगहों पर गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भारी बारिश के बीच बादल फटा। भारी बारिश से पहाड़ी राज्यों में जगह-जगह भूस्खलन होने से कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। उत्तराखंड के पिथौरागड़ में बेली ब्रिज टूटने से सीमावर्ती क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मौसम विभाग के पूर्वानुमान में क्या?</strong><br>अभी कम से कम अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई क्षेत्रों में 20 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>क</strong><strong>ई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना</strong><br>उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 20 से 25 अगस्त तक भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 20-21 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-22 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी&nbsp;<strong>उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना</strong>&nbsp;है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>विदर्भ और छत्तीसगढ़ को लेकर क्या अनुमान</strong><br>मध्य भारत में बारिश का असर अधिक व्यापक रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20-23 अगस्त के दौरान बारिश और 20-21 अगस्त तथा 23-24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-25 अगस्त तक&nbsp;बारिश का अनुमान है, जबकि 20-22 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। विदर्भ में 20-22 अगस्त तथा 24-25 अगस्त को बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 21-22 अगस्त को बारिश और 21 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।<br><br><strong>बाढ़ की मार झेल रहे ओडिशा में भी बारिश</strong><br>पूर्वी भारत में झारखंड में 20-21 अगस्त को छिटपुट बारिश, जबकि 22-25 अगस्त के दौरान&nbsp;बारिश के आसार&nbsp;हैं। बिहार में 21-23 अगस्त के बीच&nbsp;भारी बारिश हो सकती है और 22 अगस्त को गरज के साथ छींटे पड़ने की&nbsp;संभावना है। ओडिशा में 21-25 अगस्त के बीच&nbsp;बारिश और कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।<br><br><strong>कर्नाटक कोंकण गोवा से पूर्वोत्तर तक कैसा रहेगा मौसम?</strong><br>पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 20-22 अगस्त तक बारिश तथा कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा जारी रह सकती है। पश्चिम भारत में कोंकण-गोवा में 20-25 अगस्त तक बारिश का दौर रहेगा। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में 20-25 अगस्त तक भारी बारिश, जबकि कई अन्य राज्यों में छिटपुट वर्षा की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अगले तीन-चार दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?</strong><br>इससे पहले&nbsp;जम्मू-कश्मीर में मंगलवार देर रात गांदरबल के गुंड के हकनार में बादल फटने की घटना हुई। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पहलगाम में भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव के कारण यन्नर-बटकूट-पहलगाम मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने 23 अगस्त तक प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में कालका-शिमला रेलखंड पर गुम्मन और कोटी स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण रेल यातायात प्रभावित हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चीन की सीमा से लगे क्षेत्रों से संपर्क कटा</strong><br>उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के बाद धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से करीब 70 मीटर स्पान का वैली ब्रिज टूटकर गधेरे में समा गया। पुल टूटने से चीन सीमा से लगे दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। तीनों घाटियों के 12 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। मानसरोवर यात्रा के नौवें दल के यात्रियों की वापसी भी मुश्किल हो गई है। वर्ष 2024 में भी वैली ब्रिज टूट गया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक बारिश से चिंता, असम-ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार; IMD के अनुमान में क्या?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Aug 2026 04:13:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Nation]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के कई हिस्सों में बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में बाढ़ जैसे हालात हैं, ओडिशा के मयूरभंज में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और सिक्किम में भूस्खलन प्रभावित परिवारों को हटाया गया है। तमिलनाडु में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है, जबकि दिल्ली में 22 अगस्त तक [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">देश के कई हिस्सों में बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में बाढ़ जैसे हालात हैं, ओडिशा के मयूरभंज में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और सिक्किम में भूस्खलन प्रभावित परिवारों को हटाया गया है। तमिलनाडु में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है, जबकि दिल्ली में 22 अगस्त तक बादल और हल्की बारिश के आसार हैं। क्या आने वाले दिनों में मौसम और बिगड़ेगा? देश के बाकी हिस्सों में मौसम का क्या हाल है। आइए, सबकछ विस्तार से जानते हैं…</p>



<p class="wp-block-paragraph">देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और इसके कारण कहीं बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं तो कहीं भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में भारी बारिश के बाद नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ओडिशा के मयूरभंज में भी लगातार बारिश और बढ़ते नदी जलस्तर ने निचले इलाकों के लिए खतरा बढ़ा दिया है। सिक्किम में हालिया भूस्खलन के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का निर्देश दिया गया है। दक्षिण में तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं दिल्ली में भी अगले छह दिनों तक मौसम बदला रहने की संभावना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>डोडा में बारिश के बाद कैसे बने बाढ़ जैसे हालात?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा गंडोह इलाके में ताजा भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बारिश के कारण बाजारों, सड़कों, नालों और नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। चिनाब नदी भी ऊंचे जलस्तर पर बह रही है। ऐसे हालात में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तेज बहाव वाले पानी में वाहन चलाना या नालों और नदियों के करीब जाना जोखिम भरा हो सकता है। लगातार बारिश के बीच स्थानीय स्तर पर जलस्तर पर नजर रखना जरूरी हो गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ओडिशा में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ रहा है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा गंभीर बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने नए कम दबाव के क्षेत्र से आने वाले दिनों में बारिश और तेज होने की आशंका जताई गई है। इसका असर पहले से बारिश झेल रहे इलाकों पर पड़ सकता है। ऐसे में मयूरभंज के संवेदनशील और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है।<br></p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-x wp-block-embed-x"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<div class="embed-x"><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Odisha Higher Education Minister Suryabanshi Suraj says, &quot;Flood-like conditions have arisen in the rivers for the fourth time. We are following the same Standard Operating Procedures (SOPs) as before and are providing dry rations and free community kitchen facilities.… <a href="https://t.co/ackgMhpFJc">https://t.co/ackgMhpFJc</a> <a href="https://t.co/4kUeQS7b3y">pic.twitter.com/4kUeQS7b3y</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2089165977602998768?ref_src=twsrc%5Etfw">August 17, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></div>
</div></figure>



<p class="wp-block-paragraph">ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 का करीब 100 मीटर हिस्सा रविवार को धंस गया। यह खंड पारादीप पोर्ट को जाजपुर के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से जोड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण यह घटना हुई। घटना मार्शघाई पुलिस थाना क्षेत्र के नीलाचल बाजार के पास हुई। इससे स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई। निर्माणाधीन खंड पर खड़े तीन ट्रक धंसने के बाद एक खाई में गिर गए। पुलिस ने बताया कि ट्रकों में ड्राइवर या हेल्पर नहीं थे, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। एनएचएआई भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सड़क धंसने का कारण लंबे समय तक जलभराव बताया। उन्होंने कहा कि ट्रक वहां पार्क करने के लिए अधिकृत नहीं थे। यह प्रभावित खंड NH-53 की पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण परियोजना का हिस्सा है।</p>



<figure class="wp-block-image"><img data-recalc-dims="1" decoding="async" src="https://i0.wp.com/spiderimg.amarujala.com/assets/images/2026/08/01/odasha-ma-bugdhha-ka-kahara-jara_1ff7644394f52d9e924383f02d763502.gif?w=1200&#038;ssl=1" alt="" title="जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक बारिश से चिंता, असम-ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार; IMD के अनुमान में क्या? 3"></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><em><strong>मुख्यमंत्री माझी आज करेंगे प्रभावित जिलों का दौरा</strong></em></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सोमवार को बाढ़ प्रभावित भद्रक और जाजपुर जिलों का दौरा करेंगे।</li>



<li>बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में भारी बारिश का दौर जारी है।</li>



<li>भारी बारिश के बीच अब तक 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</li>



<li>प्रभावित लोगों के लिए 293 राहत शिविर बनाए गए हैं।</li>



<li>मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।</li>



<li>बालासोर, भद्रक और जाजपुर में बचाव कार्यों की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।</li>



<li>मुख्य सचिव अनु गर्ग ने राज्य में सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।</li>



<li>मौसम विभाग ने 16 से 18 अगस्त तक तीन दिनों के लिए बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।</li>



<li>बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।</li>



<li>मौसम विभाग ने 16 से 18 अगस्त तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।<br> </li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>सिक्किम में भूस्खलन के बाद प्रशासन ने क्या किया?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में हालिया भूस्खलन के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई युक्सोम उपखंड के 11-रिंबी तिम्ब्रोंग जीपीयू क्षेत्र में की गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को संवेदनशील स्थानों से हटाना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों और ढलानों पर भी खतरा बढ़ सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>तमिलनाडु में किन इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है?</strong></h2>



<p class="has-text-align-center wp-block-paragraph">तमिलनाडु में आने वाले दिनों में बारिश का असर बढ़ने की संभावना है। चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, विल्लुपुरम और तिरुवन्नामलाई जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। बारिश के साथ गरज और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के बाकी हिस्सों में भी कुछ जगहों पर गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी घाट से लगे इलाकों के अलावा चेन्नई, तिरुवल्लुर और कुड्डालोर समेत 16 जिलों में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इससे कुछ इलाकों में उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन जलभराव की परेशानी भी पैदा हो सकती है।<br><br><img decoding="async" alt="" src="https://www.amarujala.com/india-news/%E0%A4%A4%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A5%81%20%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6" title="जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक बारिश से चिंता, असम-ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार; IMD के अनुमान में क्या? 4"><img data-recalc-dims="1" decoding="async" alt="" src="https://i0.wp.com/spiderimg.amarujala.com/assets/images/2024/11/27/tamil-nadu-rain_c63ef958a9fefc3a65487156fbdb79c7.jpeg?w=1200&#038;ssl=1" title="जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक बारिश से चिंता, असम-ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार; IMD के अनुमान में क्या? 5"></p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>मंगलवार और बुधवार को कहां तेज बारिश हो सकती है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">मंगलवार को चेंगलपट्टू और विल्लुपुरम में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पुडुचेरी के अलावा चेन्नई, तिरुवल्लुर, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची और कुड्डालोर में भी कुछ जगहों पर मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद बुधवार, 19 अगस्त को नीलगिरी, चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लुर और विल्लुपुरम में कुछ स्थानों पर जोरदार बारिश का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>दिल्ली में 22 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">दिल्ली-एनसीआर में भी अगले छह दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। 17 से 22 अगस्त के बीच आसमान में आमतौर पर बादल छाए रह सकते हैं और अलग-अलग दिनों में हल्की बारिश हो सकती है। 17 अगस्त को सुबह से दोपहर के बीच बहुत हल्की बारिश के साथ शाम और रात में बूंदाबांदी के आसार हैं। 18 अगस्त को भी कई बार बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। 19 और 20 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इन दिनों कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी हो सकती है। 21 और 22 अगस्त को फिर हल्की बारिश का दौर रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 35 और न्यूनतम 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>तेज बारिश और आंधी के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">भारी बारिश और आंधी-तूफान वाले इलाकों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पानी भरी या फिसलन वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय गति कम रखनी चाहिए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। बिजली कड़कने के दौरान पेड़, बिजली के खंभे या कमजोर ढांचे के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से भी बचना बेहतर है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर प्रशासन की अनुमति के बिना जाने से बचना चाहिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या बारिश राहत के साथ नई परेशानी भी ला सकती है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कम समय में तेज बारिश कई जगहों पर परेशानी भी बढ़ा सकती है। शहरों के निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हो सकता है। तमिलनाडु में तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में पहले से बढ़े नदी और नालों के जलस्तर के कारण अतिरिक्त बारिश बाढ़ का खतरा बढ़ा सकती है। सिक्किम जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश भूस्खलन का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए बारिश को केवल राहत के रूप में देखना सही नहीं होगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>आने वाले दिनों में किन इलाकों पर नजर रहेगी?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, ओडिशा, तमिलनाडु और दिल्ली के मौसम पर खास नजर रहेगी। डोडा में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात हैं। मयूरभंज में लगातार बारिश के बीच नया कम दबाव का क्षेत्र चिंता बढ़ा रहा है। सिक्किम में भूस्खलन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। तमिलनाडु में कई जिलों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। दिल्ली में 22 अगस्त तक बादल और बारिश का दौर बना रह सकता है। यानी आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है।</p>
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		<title>19 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, क्या आपका शहर भी चपेट में?</title>
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		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 04:00:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देश के 19 राज्यों में आज भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिल्ली में भी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और पूर्वी राज्यों में बिजली गिरने [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><em>देश के 19 राज्यों में आज भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिल्ली में भी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और पूर्वी राज्यों में बिजली गिरने का खतरा है। आइए, जानते हैं कि आज आपके शहर का मौसम कितना बदलेगा? देश के सभी प्रदेशों में मौसम कैसा रहेगा? कहां बढ़ेगा खतरा? कहां मिलेगी राहत?</em><br><br>12 अगस्त यानी आज देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा है, जबकि पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">आज 12 अगस्त को दिल्ली में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>उत्तर प्रदेश और बिहार में किन इलाकों पर नजर रहेगी?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश में मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, रामपुर, उन्नाव, प्रयागराज, देवरिया और गोरखपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। यहां 70 से 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 29 डिग्री रहने का अनुमान है। बिहार में गया, पटना, चंपारण, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, बेगूसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में अलर्ट है। यहां 60 से 70 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>झारखंड और पहाड़ी राज्यों में कितना खतरा है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">झारखंड के पलामू, लातेहार, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज, रामगढ़, हजारीबाग, जमशेदपुर और चतरा में भारी बारिश और आंधी का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। उत्तराखंड में नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत में भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सिरमौर में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img data-recalc-dims="1" decoding="async" src="https://i0.wp.com/spiderimg.amarujala.com/assets/images/4cplus/2025/08/26/ll-caka-para-brasha-ka-tharana-yatara-jamama-kashamara-ka-saema-umara-abthall-na-parashasana-ka-haii-alrata-para_ad58389f934e37920f773a9081a0f805.jpeg?w=1200&#038;ssl=1" alt="" title="19 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, क्या आपका शहर भी चपेट में? 6"></figure>
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		<title>हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, असम की बाढ़ में 100+ मौतें; IMD की ताजा चेतावनी क्या?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 04:09:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी है। असम में बाढ़ और बारिश से मौतों का आंकड़ा 100 पार पहुंच गया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><em>देश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी है। असम में बाढ़ और बारिश से मौतों का आंकड़ा 100 पार पहुंच गया है। <strong>ऐसे में आइए, जानते हैं कि अगले कुछ दिनों में किन राज्यों में ज्यादा खतरा रहेगा?</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph">देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 15 अगस्त के बीच देश के बड़े हिस्से में व्यापक बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। उत्तर-पश्चिम के पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>हिमाचल और उत्तराखंड में कितनी भारी बारिश का अलर्ट है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अगस्त तक कई इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना है। 10 और 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 12 से 15 अगस्त के बीच भी कई जगह भारी बारिश का अनुमान है। राज्य में पहले से बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान हुआ है। अब तक करीब 835 करोड़ रुपये के नुकसान और 66 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। उत्तराखंड में भी पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है। 9 और 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 11 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहेगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>असम में बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर क्यों है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">असम में लगातार बारिश और बाढ़ ने हालात गंभीर कर दिए हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित है और राहत-बचाव कार्य जारी हैं। मौसम विभाग ने असम और मेघालय में 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। 13 से 15 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश में भी 11 से 15 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश से क्या हाल है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">राजस्थान में रविवार को जयपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई। जयपुर में सुबह छह से नौ बजे के बीच लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया और कुछ घरों में भी पानी घुस गया। चूरू की कई कॉलोनियों में भी जलभराव की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 9 से 13 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है। 10 और 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में भी बारिश ने जोर पकड़ा है। डिंडौरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक करीब छह इंच बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई। कुछ इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है।<br></p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में क्या चेतावनी है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">छत्तीसगढ़ में 9 और 10 अगस्त तथा 12 से 15 अगस्त के बीच व्यापक बारिश का अनुमान है। 10 से 14 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। बिहार में 13 से 15 अगस्त के बीच बारिश का जोर बढ़ सकता है। राज्य में 9 अगस्त और फिर 13 से 15 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। झारखंड में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश की संभावना है। 9 और 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 10 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। 9 और 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत सीमित रह सकती है, लेकिन 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। दिल्ली-एनसीआर में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधि तुलनात्मक रूप से कम रहने की संभावना है। यहां 9 से 15 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि 9 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके बाद बारिश का असर अलग-अलग इलाकों में सीमित रहने का अनुमान है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश का क्या अनुमान है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 9 अगस्त को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना रही। कर्नाटक में तटीय इलाकों में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 9 अगस्त को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>बंगाल और पूर्वोत्तर में क्या स्थिति रहेगी?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">पश्चिम बंगाल और ओडिशा में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। झारखंड में 9 से 12 अगस्त के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के गंगा वाले हिस्से में 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 और 12 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह व्यापक बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रविवार को कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा और जाजपुर के कई इलाकों में पानी भर गया। अधिकारियों के अनुसार बैतरणी, सालंदी, कानि और महानदी नदी तंत्र में जलस्तर बढ़ा है। बालासोर के बस्ता इलाके में जलाका नदी का पानी बढ़ने से स्थिति बिगड़ी है। छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के बाद हीराकुद बांध के 12 स्लुइस गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>दक्षिण भारत के किन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">दक्षिण भारत में भी कई इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 9 से 15 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 9 से 12 अगस्त के बीच गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। रायलसीमा में भी इसी तरह का मौसम रह सकता है। तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में पूरे सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है। 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल, माहे और लक्षद्वीप में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>9 से 15 अगस्त के बीच कहां-कहां ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?</strong></h2>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong><em>हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड&#8230; </em></strong>भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।</li>



<li><em><strong>असम और मेघालय&#8230;</strong></em> भारी बारिश, कुछ दिनों में बहुत भारी बारिश का अनुमान।</li>



<li><em><strong>राजस्थान&#8230;</strong></em> पूर्वी हिस्सों में व्यापक बारिश, 10-11 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना।</li>



<li><em><strong>मध्य प्रदेश&#8230; </strong></em>9-12 अगस्त के बीच कई इलाकों में बारिश और कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश।</li>



<li><em><strong>छत्तीसगढ़&#8230;</strong></em> भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना।</li>



<li><em><strong>झारखंड और ओडिशा&#8230; </strong></em>पूरे सप्ताह बारिश, कुछ दिनों में भारी बारिश।</li>



<li><em><strong>कोंकण और गोवा&#8230; </strong></em>पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।</li>



<li><em><strong>कर्नाटक&#8230;</strong></em> तटीय इलाकों में व्यापक बारिश और कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं।</li>



<li><em><strong>केरल और लक्षद्वीप&#8230; </strong></em>पूरे सप्ताह व्यापक बारिश और तेज हवाओं की संभावना।</li>



<li><em><strong>उत्तर प्रदेश&#8230; </strong></em>पूर्वी हिस्सों में 10 अगस्त को व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस पूरे सप्ताह मौसम को लेकर सबसे बड़ा खतरा क्या है?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के अनुमान से साफ है कि अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा है। मैदानी इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की समस्या सामने आ सकती है। पूर्वोत्तर में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक का खतरा है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी पर नजर रखनी होगी। खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अगले कुछ दिन बारिश के लिहाज से अहम रहेंगे।</p>
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		<title>देश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:25:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
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					<description><![CDATA[मौसम विभाग ने कहा है कि शनिवार को भी देश के कई राज्यों में भारी बारिश के आसार हैं। दिल्ली में शुक्रवार को जमकर बादल बरसें और आज भी दिल्ली में बारिश हो सकती है। आइए जानते हैं कि आज पूरे देश में कैसा रहेगा आज मौसम का हाल शनिवार को भारत के कई हिस्सों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग ने कहा है कि शनिवार को भी देश के कई राज्यों में भारी बारिश के आसार हैं। दिल्ली में शुक्रवार को जमकर बादल बरसें और आज भी दिल्ली में बारिश हो सकती है। आइए जानते हैं कि आज पूरे देश में कैसा रहेगा आज मौसम का हाल<br><br>शनिवार को भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है। शुक्रवार रात जारी आईएमडी के अनुमान के अनुसार, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि देश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत में बारिश के आसार</strong><br>उत्तरी भारत में, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि शनिवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत में, ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की उम्मीद है। ओडिशा के लिए 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि बिहार में भी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पूर्वोत्तर में भी मौसम खराब रहने की उम्मीद है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी भारत में, कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दक्षिण में भी आज जमकर बरसेंगे बादल</strong><br>दक्षिणी और प्रायद्वीपीय भारत में भी अच्छी-खासी बारिश होने की उम्मीद है। आईएमडी ने 8 अगस्त को तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। आईएमडी ने खराब मौसम के कारण मछुआरों को ओमान, कर्नाटक और केरल के तटों सहित समुद्र के कई इलाकों में न जाने की चेतावनी भी दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>शुक्रवार की बारिश में दिल्ली हुई बेहाल</strong><br>इस बीच, शुक्रवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया, ट्रैफिक बाधित हुआ और पूरे क्षेत्र में कई आपातकालीन घटनाएं हुईं। दक्षिण दिल्ली की एमबी रोड पर सबसे ज्यादा जलभराव देखा गया, खासकर एयरफोर्स स्टेशन के पास, जहां पानी का स्तर कथित तौर पर लगभग चार फीट तक पहुंच गया, जिससे गाड़ियां फंस गईं और ट्रैफिक बुरी तरह बाधित हुआ। खबरों के मुताबिक, पानी से भरे रास्तों पर जाने के बाद कई मोटरसाइकिलें और ऑटो-रिक्शा बंद हो गए, जबकि कुछ जलमग्न इलाकों में आवाजाही में मदद के लिए एयरफोर्स के ट्रकों का इस्तेमाल किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>देशभर में अगले दो-तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट: हिमाचल में बादल फटा, असम की बाढ़ में 66 की मौत; IMD क्या बोला?</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/heavy-rain-alert-across-india-for-next-2-3-days-cloudburst-in-himachal-66-dead-in-assam-floods-imd-update/</link>
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		<pubDate>Mon, 27 Jul 2026 04:22:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई, जिससे सात गांवों का संपर्क टूट गया। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है और हालात गंभीर बने हुए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई, जिससे सात गांवों का संपर्क टूट गया। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है और हालात गंभीर बने हुए हैं। गुजरात और दादरा व नगर हवेली में भारी बारिश के कारण सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है और 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटा है, जिससे एक पुल और सड़क बह गई तथा कई गांवों का संपर्क कट गया है। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गुजरात और दादरा व नगर हवेली में भारी बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। सेना को कमान संभालनी पड़ी है, जिसने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में घनघोर बारिश का अलर्ट जारी किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>असम के हालात जानने के लिए पीएम मोदी ने किससे की बात?</strong><br>असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हिमाचल में बादल फटने से कितना बड़ा नुकसान हुआ?</strong><br>हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी के धांधल नाला क्षेत्र में शनिवार रात बादल फट गया। इसके चलते पहाड़ी नाले में अचानक उफान आ गया, जिसने एक पुल और सड़क को बहा दिया। इस घटना के बाद मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गुजरात में सेना क्यों संभाल रही है राहत अभियान की कमान?</strong><br>गुजरात में मूसलाधार बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। सेना व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई है। आपदा में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 29 मौतें सबसे अधिक प्रभावित वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। पिछले तीन दिनों से सेना के जवान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ओडिशा में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट क्यों जारी किया?</strong><br>मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को और गहरा होकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><br><br></p>
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		<title>बादल, बारिश और जलभराव&#8230; दिल्ली में 27 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम? IMD ने बताया, पढ़ें अपडेट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 04:12:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मौसम विभाग ने 22 से 27 जुलाई तक दिल्ली में सामान्यतः बादलों से घिरा मौसम रहने का अनुमान जताया है। 22 जुलाई को सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलेंगी। राजधानी दिल्ली में सोमवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग ने 22 से 27 जुलाई तक दिल्ली में सामान्यतः बादलों से घिरा मौसम रहने का अनुमान जताया है। 22 जुलाई को सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलेंगी।<br><br>राजधानी दिल्ली में सोमवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान हुई जोरदार बारिश के कारण शहर के तापमान में सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph">भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में यह गिरावट आई है। मंगलवार को सफदरजंग मान केंद्र में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 25.6 डिग्री रहा। पालम में 30.7 और 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड में अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिज इलाके में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम 22.4 डिग्री दर्ज हुआ। आया नगर में सबसे अधिक ठंडक महसूस की गई, जहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम 25.8 डिग्री रहा। सुबह के समय ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बनाया। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सुबह सबसे अधिक वर्षा</strong><br>मंगलवार सुबह कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8:30 से 11:30 बजे के बीच सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान आया नगर में सर्वाधिक 11.9 मिमी बारिश हुई। पालम में 8.8 मिमी और छतरपुर में सात मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश हुई, जैसे जाफरपुर में 4.5 मिमी और जनकपुरी में पांच मिमी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अगले कुछ दिनों का मौसम</strong><br>मौसम विभाग ने 22 से 27 जुलाई तक दिल्ली में सामान्यतः बादलों से घिरा मौसम रहने का अनुमान जताया है। 22 जुलाई को सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलेंगी। 23 और 24 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं, 25 से 27 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।<br><br></p>
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		<title>आफत की बारिश: पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक मानसून का कहर, भूस्खलन और बाढ़ से मची तबाही; IMD ने जारी किया अलर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 05:43:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
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					<description><![CDATA[देशभर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, त्रिपुरा और महाराष्ट्र में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हताहत हुए हैं और कई मुख्य सड़कें बंद हैं। इसे देखते हुए आईएमडी (IMD) ने अगले [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">देशभर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, त्रिपुरा और महाराष्ट्र में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हताहत हुए हैं और कई मुख्य सड़कें बंद हैं। इसे देखते हुए आईएमडी (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।<br><br>पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने के बाद झमाझम बारिश हो रही है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, विशेषतौर पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तो बारिश प्रचंड चरण में है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में वर्षा जनित घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश से नदियां और पहाड़ी नाले उफान पर हैं, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे के साथ दोनों राज्यों में सैकड़ों सड़के बंद हैं, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को मूसलाधार बारिश से स्थिति इतनी भयावह हुई कि कई क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों समेत उत्तर-पश्चिम भारत और देश के कई अन्य हिस्सों में तीन-चार दिन भार बारिश का अलर्ट जारी किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम की सबसे भारी मार सिरमौर और सोलन जिलों में पड़ी है। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्ष के एक व्यक्ति की जान चली गई। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भी कई जगह भूस्खलन में लोगों के घायल होने की खबर है। त्रिपुरा में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ और बारिश के कारण करीब 11 हजार लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 4,027 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>देहरादून समेत सात जिलों में स्कूल बंद</strong><br>मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 118 सड़कें बंद हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन के चलते अभी तक खोला नहीं जा सका है। भारी बारिश के चलते देहरादून समेत सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। हरिद्वार जिले के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 साल के एक लड़के की मौत हो गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हरियाणा, पंजाब व यूपी में भारी बारिश</strong><br>भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हुई। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भारी से बहुत बारिश (7-20 सेमी) दर्ज की गई। इन राज्यों के साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र, कच्छ, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में कुछ जगहों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वायनाड में मृतक संख्या सात हुई</strong><br>केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन वाली जगह से शुक्रवार को एक और शव मिला, जिससे इस आपदा में मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। बरामद शव की पहचान पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर निवासी सर्वेयर राकेश गुचैत के रूप में हुई है। उनका शव यहां मीनाक्षी पुल के पास से निकाला गया। हिमाचल प्रदेश के कंस्ट्रक्शन मैनेजर विक्रम राणा अभी भी लापता हैं। गुरुवार तक, भूस्खलन वाली जगह से छह शव बरामद किए गए थे। बता दें कि सात जुलाई को अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट वाली जगह पर भूस्खलन हुआ था। यह टनल वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp;</strong><a href="https://www.amarujala.com/india-news/rajnath-singh-will-induct-indigenous-stealth-frigate-mahendragiri-into-the-indian-navy-project-17a-frigate-2026-07-11" target="_blank" rel="noopener">Defence:&nbsp;आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि, समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत; क्या है खासियत?</a></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पुणे में इमारत में अभी भी दबे हैं आठ लोग, 30 ट्रेनों को किया गया रद्द</strong><br>मुंबई में शुक्रवार को तो बारिश से राहत मिली, लेकिन पुणे में कूड़े के पहाड़ के नीचे गिरने से दबी इमारत में अभी भी 8 लोग फंसे हुए हैं। हादसे के तीन दिन बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इमारत के सामने वाला हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबा है, इसलिए लोगों को पीछे से रास्ता बनाकर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। भोर घाट खंड में भारी भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर रेल सेवा बाधित हुई, जिसके 17 जुलाई से पहले सुचारू होने की संभावना नहीं है। इसके चलते लंबी दूरी की 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।</p>
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		<title>मानसून पूरी तरह से सक्रिय, आज प्रदेश के 46 जिलों में बरसात की चेतावनी; नौ डिग्री तक गिरा पारा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 04:10:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[ यूपी में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी और तराई के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश बिजनौर के नजीबाबाद में 24 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> यूपी में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी और तराई के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी दर्ज की गई, जो वर्ष 1952 के बाद मापन के इतिहास में तीसरी सबसे अधिक बारिश है। लगातार बारिश से कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के अनुसार एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी और आगरा में 146 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, तराई क्षेत्र के महाराजगंज में 104 मिमी और सिद्धार्थनगर में 78.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई। बारिश के असर से प्रदेश के कई जिलों का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया। अलीगढ़ में तापमान सामान्य से 9.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मेरठ में 8.3 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कानपुर, इटावा और बरेली में भी तापमान सामान्य से काफी कम रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">माैसम विभाग की ओर से शुक्रवार को तराई के 17 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 29 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 13 जुलाई तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-1">इन जिलों में है अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-2">यहां है भारी वर्षा का यलो अलर्ट</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, तखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, औरैया व आस पास के क्षेत्र।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-3">राजधानी में हुई सीजन की सबसे अच्छी बारिश</h3>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;प्रदेश में मानसून की बढ़ती सक्रियता का असर अब राजधानी में भी साफ दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट लिया। तेज हवाओं के साथ आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में हुई बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बृहस्पतिवार को लखनऊ में 27.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी कमी आई। अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस घटकर 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी में शुक्रवार के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही 13 जुलाई तक बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>जम्मू-कश्मीर में फिर बादल फटे, बारिश से बदरीनाथ हाईवे बंद; उत्तर भारत में गर्मी से राहत</title>
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		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 04:08:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
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					<description><![CDATA[दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, लेकिन पहाड़ी राज्यों में भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ आई, उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे कई घंटे बंद रहा और हजारों श्रद्धालु फंसे रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 46 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, लेकिन पहाड़ी राज्यों में भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ आई, उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे कई घंटे बंद रहा और हजारों श्रद्धालु फंसे रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 46 सड़कें बंद हैं।<br><br>दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी से राहत लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही यह अपने पीछे तबाही का मंजर भी छोड़ गया है। बारिश से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस से बड़ी राहत मिली है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है और एक सड़क बह गई है। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा और आठ हजार से ज्यादा श्रद्धालु रास्ते में जहां-तहां फंसे रहे। भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भी कोहराम मचा रखा है। राज्य में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के चलते 46 सड़कें बंद हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, हरियाणा और पंजाब में रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी मानसून के पहुंचने के बाद बारिश हुई है, जिससे गर्मी और धूल भरी आंधी से लोगों को राहत मिली है। हालांकि, आईएमडी ने आने वाले दिनों में राजस्थान के कई पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। पंजाब में बारिश के बाद अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और सबसे अधिक पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस रोपड़ में रिकॉर्ड हुआ। राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली पहुंचा मानसून तेज बारिश का अनुमान</strong><br>दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दिल्ली-एनसीआर में दस्तक देने के साथ ही पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को जद में ले लिया है। मानसून पहुंचने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार सुबह से हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जिससे भीषण गर्मी और उमस से छुटकारा मिला है।&nbsp;दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मानसून की लाइन तेजी से आगे बढ़ी है। पूरी दिल्ली के साथ ही इसने उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के ज्यादातर भागों को पूरी तरह कवर कर लिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली-एनसीआर में 3 दिन बारिश के आसार</strong><br>आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन यानी रविवार तक गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।&nbsp;कुछ इलाकों में 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है। बीते 24 घंटों के दौरान मुंबई सहित कोंकण क्षेत्र में 21 सेमी से ज्यादा बारिश हुई। मुंबई में कई जगह जलभराव की समस्या देखने को मिली। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भी 12-20 सेमी वर्षा दर्ज की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट</strong><br>मानसून की सक्रियता के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने वाला है। मौसम विभाग ने गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरलम, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तराखंड- पगलानाला और गुलाबकोटी में भरा मलबा</strong><br>उत्तराखंड में कई जगहों पर भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर पगलानाला और गुलाबकोटी में टनों मलबा आ गया। इससे हाईवे पर करीब साढ़े 11 घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी रही। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर से वाहनों में करीब आठ हजार श्रद्धालु फंसे रहे। शाम साढ़े चार बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई जिसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>असम में अभी भी 25,000 लोग प्रभावित</strong><br>असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है और दो जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 25,000 से अधिक रह गई। धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिलों में लगभग 25,100 लोग अभी भी प्रभावित हैं, जिनमें से अकेले धेमाजी में 21,000 से अधिक लोग हैं। बुधवार तक बाढ़ प्रभावितों की संख्या 48 हजार से अधिक थी। प्राधिकरण ने बताया कि दोनों प्रभावित जिलों में चार राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और आवश्यक अनाज और सामग्री का वितरण किया जा रहा है। अभी भी 52 गांव जलमग्न हैं और 393.44 एकड़ फसलें डूबी हुई हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चंबा में अचानक बाढ़ से पुल बहा</strong><br>हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण चंबा जिले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भरमौर उपमंडल में एक मंदिर के पास बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया और करीब 30 श्रद्धालु वहां फंस गए।<br>शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 जुलाई को छोड़कर, 2 से 5 जुलाई तक राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में 46 सड़कें बंद हो गई हैं। मूसलाधार बारिश से बिजली के 181 ट्रांसफार्मर और 6 जल आपूर्ति संयंत्र भी प्रभावित हुए हैं।</p>
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