<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Weather &#8211; RNSNS News</title>
	<atom:link href="https://rnsnsnews.com/weather/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://rnsnsnews.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Wed, 22 Jul 2026 04:22:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://i0.wp.com/rnsnsnews.com/wp-content/uploads/2024/11/cropped-RNSNS-News-Icon-2.png?fit=32%2C32&#038;ssl=1</url>
	<title>Weather &#8211; RNSNS News</title>
	<link>https://rnsnsnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">214807790</site>	<item>
		<title>बादल, बारिश और जलभराव&#8230; दिल्ली में 27 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम? IMD ने बताया, पढ़ें अपडेट</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/delhi-weather-forecast-till-july-27-rain-clouds-waterlogging-imd-update/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/delhi-weather-forecast-till-july-27-rain-clouds-waterlogging-imd-update/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 04:12:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=14010</guid>

					<description><![CDATA[मौसम विभाग ने 22 से 27 जुलाई तक दिल्ली में सामान्यतः बादलों से घिरा मौसम रहने का अनुमान जताया है। 22 जुलाई को सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलेंगी। राजधानी दिल्ली में सोमवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग ने 22 से 27 जुलाई तक दिल्ली में सामान्यतः बादलों से घिरा मौसम रहने का अनुमान जताया है। 22 जुलाई को सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलेंगी।<br><br>राजधानी दिल्ली में सोमवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान हुई जोरदार बारिश के कारण शहर के तापमान में सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph">भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में यह गिरावट आई है। मंगलवार को सफदरजंग मान केंद्र में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 25.6 डिग्री रहा। पालम में 30.7 और 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड में अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिज इलाके में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम 22.4 डिग्री दर्ज हुआ। आया नगर में सबसे अधिक ठंडक महसूस की गई, जहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम 25.8 डिग्री रहा। सुबह के समय ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बनाया। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सुबह सबसे अधिक वर्षा</strong><br>मंगलवार सुबह कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8:30 से 11:30 बजे के बीच सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान आया नगर में सर्वाधिक 11.9 मिमी बारिश हुई। पालम में 8.8 मिमी और छतरपुर में सात मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश हुई, जैसे जाफरपुर में 4.5 मिमी और जनकपुरी में पांच मिमी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अगले कुछ दिनों का मौसम</strong><br>मौसम विभाग ने 22 से 27 जुलाई तक दिल्ली में सामान्यतः बादलों से घिरा मौसम रहने का अनुमान जताया है। 22 जुलाई को सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलेंगी। 23 और 24 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं, 25 से 27 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।<br><br></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/delhi-weather-forecast-till-july-27-rain-clouds-waterlogging-imd-update/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">14010</post-id>	</item>
		<item>
		<title>आफत की बारिश: पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक मानसून का कहर, भूस्खलन और बाढ़ से मची तबाही; IMD ने जारी किया अलर्ट</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/monsoon-rains-wreak-havoc-landslides-floods-imd-issues-alert/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/monsoon-rains-wreak-havoc-landslides-floods-imd-issues-alert/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 05:43:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13881</guid>

					<description><![CDATA[देशभर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, त्रिपुरा और महाराष्ट्र में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हताहत हुए हैं और कई मुख्य सड़कें बंद हैं। इसे देखते हुए आईएमडी (IMD) ने अगले [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">देशभर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, त्रिपुरा और महाराष्ट्र में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हताहत हुए हैं और कई मुख्य सड़कें बंद हैं। इसे देखते हुए आईएमडी (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।<br><br>पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने के बाद झमाझम बारिश हो रही है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, विशेषतौर पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तो बारिश प्रचंड चरण में है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में वर्षा जनित घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश से नदियां और पहाड़ी नाले उफान पर हैं, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे के साथ दोनों राज्यों में सैकड़ों सड़के बंद हैं, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को मूसलाधार बारिश से स्थिति इतनी भयावह हुई कि कई क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों समेत उत्तर-पश्चिम भारत और देश के कई अन्य हिस्सों में तीन-चार दिन भार बारिश का अलर्ट जारी किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम की सबसे भारी मार सिरमौर और सोलन जिलों में पड़ी है। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्ष के एक व्यक्ति की जान चली गई। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भी कई जगह भूस्खलन में लोगों के घायल होने की खबर है। त्रिपुरा में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ और बारिश के कारण करीब 11 हजार लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 4,027 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>देहरादून समेत सात जिलों में स्कूल बंद</strong><br>मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 118 सड़कें बंद हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन के चलते अभी तक खोला नहीं जा सका है। भारी बारिश के चलते देहरादून समेत सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। हरिद्वार जिले के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 साल के एक लड़के की मौत हो गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हरियाणा, पंजाब व यूपी में भारी बारिश</strong><br>भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हुई। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भारी से बहुत बारिश (7-20 सेमी) दर्ज की गई। इन राज्यों के साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र, कच्छ, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में कुछ जगहों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वायनाड में मृतक संख्या सात हुई</strong><br>केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन वाली जगह से शुक्रवार को एक और शव मिला, जिससे इस आपदा में मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। बरामद शव की पहचान पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर निवासी सर्वेयर राकेश गुचैत के रूप में हुई है। उनका शव यहां मीनाक्षी पुल के पास से निकाला गया। हिमाचल प्रदेश के कंस्ट्रक्शन मैनेजर विक्रम राणा अभी भी लापता हैं। गुरुवार तक, भूस्खलन वाली जगह से छह शव बरामद किए गए थे। बता दें कि सात जुलाई को अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट वाली जगह पर भूस्खलन हुआ था। यह टनल वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp;</strong><a href="https://www.amarujala.com/india-news/rajnath-singh-will-induct-indigenous-stealth-frigate-mahendragiri-into-the-indian-navy-project-17a-frigate-2026-07-11" target="_blank" rel="noopener">Defence:&nbsp;आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि, समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत; क्या है खासियत?</a></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पुणे में इमारत में अभी भी दबे हैं आठ लोग, 30 ट्रेनों को किया गया रद्द</strong><br>मुंबई में शुक्रवार को तो बारिश से राहत मिली, लेकिन पुणे में कूड़े के पहाड़ के नीचे गिरने से दबी इमारत में अभी भी 8 लोग फंसे हुए हैं। हादसे के तीन दिन बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इमारत के सामने वाला हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबा है, इसलिए लोगों को पीछे से रास्ता बनाकर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। भोर घाट खंड में भारी भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर रेल सेवा बाधित हुई, जिसके 17 जुलाई से पहले सुचारू होने की संभावना नहीं है। इसके चलते लंबी दूरी की 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/monsoon-rains-wreak-havoc-landslides-floods-imd-issues-alert/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13881</post-id>	</item>
		<item>
		<title>मानसून पूरी तरह से सक्रिय, आज प्रदेश के 46 जिलों में बरसात की चेतावनी; नौ डिग्री तक गिरा पारा</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/monsoon-fully-active-rain-alert-46-districts-temperature-drops-9-degrees/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/monsoon-fully-active-rain-alert-46-districts-temperature-drops-9-degrees/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 04:10:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13862</guid>

					<description><![CDATA[ यूपी में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी और तराई के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश बिजनौर के नजीबाबाद में 24 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> यूपी में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी और तराई के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी दर्ज की गई, जो वर्ष 1952 के बाद मापन के इतिहास में तीसरी सबसे अधिक बारिश है। लगातार बारिश से कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के अनुसार एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी और आगरा में 146 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, तराई क्षेत्र के महाराजगंज में 104 मिमी और सिद्धार्थनगर में 78.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई। बारिश के असर से प्रदेश के कई जिलों का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया। अलीगढ़ में तापमान सामान्य से 9.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मेरठ में 8.3 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कानपुर, इटावा और बरेली में भी तापमान सामान्य से काफी कम रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">माैसम विभाग की ओर से शुक्रवार को तराई के 17 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 29 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 13 जुलाई तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-1">इन जिलों में है अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-2">यहां है भारी वर्षा का यलो अलर्ट</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, तखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, औरैया व आस पास के क्षेत्र।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-3">राजधानी में हुई सीजन की सबसे अच्छी बारिश</h3>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;प्रदेश में मानसून की बढ़ती सक्रियता का असर अब राजधानी में भी साफ दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट लिया। तेज हवाओं के साथ आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में हुई बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बृहस्पतिवार को लखनऊ में 27.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी कमी आई। अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस घटकर 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी में शुक्रवार के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही 13 जुलाई तक बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/monsoon-fully-active-rain-alert-46-districts-temperature-drops-9-degrees/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13862</post-id>	</item>
		<item>
		<title>जम्मू-कश्मीर में फिर बादल फटे, बारिश से बदरीनाथ हाईवे बंद; उत्तर भारत में गर्मी से राहत</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/jammu-kashmir-cloudburst-badrinath-highway-closed-rain-relief-north-india-heat/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/jammu-kashmir-cloudburst-badrinath-highway-closed-rain-relief-north-india-heat/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 04:08:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13792</guid>

					<description><![CDATA[दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, लेकिन पहाड़ी राज्यों में भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ आई, उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे कई घंटे बंद रहा और हजारों श्रद्धालु फंसे रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 46 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, लेकिन पहाड़ी राज्यों में भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ आई, उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे कई घंटे बंद रहा और हजारों श्रद्धालु फंसे रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 46 सड़कें बंद हैं।<br><br>दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी से राहत लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही यह अपने पीछे तबाही का मंजर भी छोड़ गया है। बारिश से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस से बड़ी राहत मिली है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है और एक सड़क बह गई है। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा और आठ हजार से ज्यादा श्रद्धालु रास्ते में जहां-तहां फंसे रहे। भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भी कोहराम मचा रखा है। राज्य में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के चलते 46 सड़कें बंद हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, हरियाणा और पंजाब में रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी मानसून के पहुंचने के बाद बारिश हुई है, जिससे गर्मी और धूल भरी आंधी से लोगों को राहत मिली है। हालांकि, आईएमडी ने आने वाले दिनों में राजस्थान के कई पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। पंजाब में बारिश के बाद अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और सबसे अधिक पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस रोपड़ में रिकॉर्ड हुआ। राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली पहुंचा मानसून तेज बारिश का अनुमान</strong><br>दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दिल्ली-एनसीआर में दस्तक देने के साथ ही पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को जद में ले लिया है। मानसून पहुंचने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार सुबह से हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जिससे भीषण गर्मी और उमस से छुटकारा मिला है।&nbsp;दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मानसून की लाइन तेजी से आगे बढ़ी है। पूरी दिल्ली के साथ ही इसने उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के ज्यादातर भागों को पूरी तरह कवर कर लिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली-एनसीआर में 3 दिन बारिश के आसार</strong><br>आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन यानी रविवार तक गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।&nbsp;कुछ इलाकों में 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है। बीते 24 घंटों के दौरान मुंबई सहित कोंकण क्षेत्र में 21 सेमी से ज्यादा बारिश हुई। मुंबई में कई जगह जलभराव की समस्या देखने को मिली। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भी 12-20 सेमी वर्षा दर्ज की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट</strong><br>मानसून की सक्रियता के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने वाला है। मौसम विभाग ने गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरलम, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तराखंड- पगलानाला और गुलाबकोटी में भरा मलबा</strong><br>उत्तराखंड में कई जगहों पर भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर पगलानाला और गुलाबकोटी में टनों मलबा आ गया। इससे हाईवे पर करीब साढ़े 11 घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी रही। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर से वाहनों में करीब आठ हजार श्रद्धालु फंसे रहे। शाम साढ़े चार बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई जिसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>असम में अभी भी 25,000 लोग प्रभावित</strong><br>असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है और दो जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 25,000 से अधिक रह गई। धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिलों में लगभग 25,100 लोग अभी भी प्रभावित हैं, जिनमें से अकेले धेमाजी में 21,000 से अधिक लोग हैं। बुधवार तक बाढ़ प्रभावितों की संख्या 48 हजार से अधिक थी। प्राधिकरण ने बताया कि दोनों प्रभावित जिलों में चार राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और आवश्यक अनाज और सामग्री का वितरण किया जा रहा है। अभी भी 52 गांव जलमग्न हैं और 393.44 एकड़ फसलें डूबी हुई हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चंबा में अचानक बाढ़ से पुल बहा</strong><br>हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण चंबा जिले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भरमौर उपमंडल में एक मंदिर के पास बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया और करीब 30 श्रद्धालु वहां फंस गए।<br>शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 जुलाई को छोड़कर, 2 से 5 जुलाई तक राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में 46 सड़कें बंद हो गई हैं। मूसलाधार बारिश से बिजली के 181 ट्रांसफार्मर और 6 जल आपूर्ति संयंत्र भी प्रभावित हुए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/jammu-kashmir-cloudburst-badrinath-highway-closed-rain-relief-north-india-heat/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13792</post-id>	</item>
		<item>
		<title>उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मानसून?: पहाड़ों पर आफत की बारिश, मैदान गर्मी से बेहाल; इन राज्यों में अलर्ट जारी</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/when-will-monsoon-reach-north-india-heavy-rain-in-hills-heatwave-alert-in-plains/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/when-will-monsoon-reach-north-india-heavy-rain-in-hills-heatwave-alert-in-plains/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 04:20:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13751</guid>

					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत में मानसून के आगे बढ़ने से राहत मिलने की उम्मीद है। देश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत में मानसून के आगे बढ़ने से राहत मिलने की उम्मीद है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">देश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ कई राज्यों में तबाही भी देखने को मिल रही है। पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सिक्किम और असम में पुल बह गए हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन के कारण सात जिलों का सड़क संपर्क टूट गया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत में मानसून के आगे बढ़ने से राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।<br><br>देश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ कई राज्यों में तबाही भी देखने को मिल रही है। पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सिक्किम और असम में पुल बह गए हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन के कारण सात जिलों का सड़क संपर्क टूट गया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत में मानसून के आगे बढ़ने से राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।<br><br>उत्तरी सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण फी खोला पर बना पुल बह गया। इससे फिदांग-सांकलांग मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। दक्षिण सिक्किम के लिंगी क्षेत्र के अपर काव खोला इलाके में भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं असम के धेमाजी जिले में केमी और ओयान को जोड़ने वाला तीन सौ मीटर लंबा पुल बह गया। जिससे आवागमन ठप हो गया है। अरुणाचल में 24 घंटों में भारी बारिश से बहुत भारी बारिश हुई, जबकि अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दो से तीन दिन में आगे बढ़ेगा मानसून</strong><br>मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्व राजस्थान के कुछ क्षेत्रों तक भी मानसून पहुंचने की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल लू का दौर</strong><br>उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल लू का असर बना हुआ है। आईएमडी ने 29 जून को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 30 जून तक लू चल सकती है। बिहार में भी 28 और 29 जून को लू की स्थिति रहने की आशंका है। राजस्थान के फलोदी में शनिवार को देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। &nbsp;हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि 30 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम बदलने लगेगा। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मेघालय में 39, बंगाल में 26 सेंटीमीटर बारिश दर्ज</strong><br>पिछले 24 घंटों के दौरान मेघालय में 39 सेंटीमीटर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 26 सेंटीमीटर, अरुणाचल प्रदेश में 15 सेंटीमीटर और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, गोवा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मिजोरम, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी भारी वर्षा हुई। कई राज्यों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। प्रशासन भी लगातार चेतावनी जारी करता रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मध्य भारत में 29 जून से चार जुलाई तक अच्छी बारिश का अनुमान</strong><br>मध्य भारत में भी अगले सप्ताह बारिश तेज होने के संकेत हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 28 जून से 4 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी एक से चार जुलाई के बीच भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>किन्नौर कैलाश यात्रा स्थगित ग्लेशियर-भूस्खलन का खतरा</strong><br>वहीं,&nbsp;तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर ग्लेशियर, अस्थिर चट्टानों और भूस्खलन के गंभीर खतरों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। यह फैसला एक विशेष टोही दल की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। इस दल का गठन 21 जून को हुई बैठक के बाद लिया गया था। टोही दल ने अपनी रिपोर्ट में यात्रा मार्ग पर अत्यधिक संवेदनशील और खतरनाक बताया है। संवाद</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/when-will-monsoon-reach-north-india-heavy-rain-in-hills-heatwave-alert-in-plains/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13751</post-id>	</item>
		<item>
		<title>पूर्वोत्तर से दक्षिण भारत तक झमाझम बारिश, लू में तप रहे पूर्वी यूपी और बिहार; जानें कब बदलेगा मौसम</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/heavy-rain-from-northeast-to-south-india-east-up-and-bihar-face-heatwave-when-weather-will-change/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/heavy-rain-from-northeast-to-south-india-east-up-and-bihar-face-heatwave-when-weather-will-change/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 04:25:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13699</guid>

					<description><![CDATA[मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत अधिक भारी बारिश हो सकती है।  दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में जमकर बारिश हो रही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत अधिक भारी बारिश हो सकती है। <br><br>दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में जमकर बारिश हो रही है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और मिजोरम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में भी नौ दिन की देरी से मानसून ने बुधवार को दस्तक दे दी। उधर, मुंबई में पिछले 24 घंटे से बहुत तेज बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गई। मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर 81 से 135 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी तूफान की स्थिति रही। लेकिन बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में अभी लू की स्थिति बनी हुई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इसके अगले 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थिति है। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गुजरात, असम, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई। इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत अधिक भारी बारिश हो सकती है। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई : निचले इलाकों में बाढ़, लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित</strong><br>महानगर में मानसून के दस्तक देने के अगले ही दिन रात भर हुई भारी बारिश से सड़क और रेल सेवा प्रभावित हुआ। निचले इलाकों में पानी भर गया जिससे बुधवार को यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में 24 घंटों में 300 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि किंग्स सर्कल में पानी से भरे गांधी मार्केट का निरीक्षण करते समय, बृहन बृहन्मुंबई नगर निगम का एक सुपरवाइजर खुली नाली में गिर गया, लेकिन उसे तुरंत बचा लिया गया और कोई गंभीर चोट नहीं आई। जलभराव हुआ से घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा। ठाणे और पालघर में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण कई दर्जनों पेड़ गिरे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मानसून : जून मध्य तक 43 फीसदी कम बारिश से बढ़ी चिंता</strong><br>देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत भले ही अब रफ्तार पकड़ती दिख रही हो, पर जून के मध्य तक सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश ने कृषि, जल संसाधनों और पेयजल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञों का मानना है कि एल नीनो की स्थिति मानसून की कमजोरी का एक प्रमुख कारण हो सकती है, जिसका असर आने वाले महीनों में खेती और जल प्रबंधन पर दिखाई दे सकता है। मुंबई के कई उपनगरीय इलाकों में केवल हल्की फुहारें पड़ने से यह संकेत मिला कि मानसून सक्रिय होने के बावजूद उसका प्रभाव अभी समान रूप से नहीं फैल पाया है। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून के मध्य तक देश में लगभग 60.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि के सामान्य औसत से करीब 43 प्रतिशत कम है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">जून से सितंबर के बीच का मानसूनी मौसम देश की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराता है। यदि मानसून की स्थिति में जल्द सुधार नहीं होता है तो इसका सीधा असर धान, मक्का सहित विभिन्न खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में खाद्यान्न कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सिक्किम : कई स्थानों पर भूस्खलन से संपर्क टूटा</strong><br>सिक्किम में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे ग्यालशिंग लेगशिप सड़क बंद हो गई। इसके कारण पश्चिम सिक्किम जिला मुख्यालय का राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया। ग्यालशिंग में 24 घंटों में 95.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण, भारी मात्रा में कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हिमाचल किन्नौर में बादल फटा पैदल पुल, पेयजल लाइनें ध्वस्त</strong><br>हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के नाथपा उपमंडल के काचरंग नाले में मंगलवार देर रात बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ के तेज बहाव से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। जलशक्ति विभाग की 20 मिमी की करीब 100 मीटर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। दो पेयजल भंडारण टैंक भी ध्वस्त हो गए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/heavy-rain-from-northeast-to-south-india-east-up-and-bihar-face-heatwave-when-weather-will-change/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13699</post-id>	</item>
		<item>
		<title>मानसून ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर से दक्षिण तक आंधी-तूफान के आसार; मौसम विभाग का अलर्ट जारी</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/monsoon-gains-momentum-thunderstorms-likely-across-north-and-south-india/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/monsoon-gains-momentum-thunderstorms-likely-across-north-and-south-india/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 04:03:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13661</guid>

					<description><![CDATA[मानसून : देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में बारिश, बर्फबारी और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है, जबकि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू का असर बना हुआ है। कई राज्यों में आंधी, तूफान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">मानसून : देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में बारिश, बर्फबारी और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है, जबकि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू का असर बना हुआ है। कई राज्यों में आंधी, तूफान और बिजली गिरने से जानमाल का नुकसान भी हुआ है।<br><br>देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, लेकिन मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के हिमालयी राज्यों और पूर्वी और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। वहीं, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान कहर बरपा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आसमान से आग बरस रही है और ज्यादातर जगहों पर पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है। सोमवार को देश में सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। इन राज्यों में अगले चार-पांच दिन गर्मी का सितम जारी रहने का अनुमान है।<br><br>हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों रोहतांग दर्रा समेत पांगी की ऊंची चोटियों पर सोमवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और चंबा जिलों के निचले इलाकों में जमकर बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में बारिश तथा अंधड़ चला। हल्की बारिश और बर्फबारी से मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि, ऊना 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के कंडी इलाके में रविवार देर रात अचानक बादल फटने से बाढ़ आ गई और कई इलाके पानी में डूब गए और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुए। हालांकि, गनीमत रही कि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। कश्मीर घाटी में सुबह तेज धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद बादल छाए और देखते ही देखते तूफानी बारिश शुरू हो गई, जिसमें कई घरों की छतों के टिन उड़ गए। श्रीनगर समेत कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।<br><br><br>मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान पंजाब में बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले गिरे। पश्चिम बंगाल के उप हिमालयी क्षेत्रों और मेघालय में अत्यधिक बारिश हुई। ओडिशा, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और त्रिपुरा में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 40-81 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी तूफान ने कहर बरपाया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी पड़ी और लू जैसे हालात रहे। उधर, झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश के दौरान बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा खूंटी जिले में 4 मौतें दर्ज की गई, जबकि रामगढ़ में दो और लोहरदगा, देवघर, जामतारा, साहिबगंज और गिरिडीह जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मानसून : राजस्थान में धूल भरी आंधी का अलर्ट</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">पश्चिमी राजस्थान सहित राज्य के कई इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर इनकी गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की चेतावनी दी है। धूल भरी आंधी की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले क्षेत्रों से दूर रहने और वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तर से दक्षिण तक आंधी-तूफान के आसार</strong><br>बिहार, झारखंड और ओडिशा में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल&nbsp;सकती हैं। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की अपील की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मानसून ने पकड़ी रफ्तार मध्य भारत की ओर बढ़ा</strong><br>दो हफ्ते तक धीमी चाल से चलने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है और मध्य भारत की तरफ से तेजी से बढ़ रहा है। आईएमडी के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को पुष्टि की है कि मानसून अब पूरी ताकत के साथ देश के मध्यवर्ती क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इस नए संवेग से खरीफ की फसलों की बुआई में तेजी आएगी और उत्तर-मध्य भारत को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। मानसून अब महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों को कवर कर लिया है, साथ ही कर्नाटक के बाकी बचे इलाकों में भी पहुंच गया है। अगले 48 घंटों के दौरान मानसून के मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और ओडिशा के बाकी हिस्सों, तथा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल बनी हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूपी से तेलंगाना तक गर्मी में झुलसे</strong><br>आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जहां देश का सर्वाधिक 43.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, वहीं महाराष्ट्र के वर्धा में भी पारा 43 डिग्री पर रहा। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के दतिया, तेलंगाना के अदिलाबाद, महाराष्ट्र के अमरावती और उत्तर प्रदेश के बहराईच, कानपुर, फुरसतगंज, वांदा, वाराणसी और उरई में भी अधिकतम तापमान 42.2 से 41.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।<br></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/monsoon-gains-momentum-thunderstorms-likely-across-north-and-south-india/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13661</post-id>	</item>
		<item>
		<title>मौसम: पूर्वोत्तर में भारी बारिश, उत्तर-पश्चिम में आंधी-ओले का अलर्ट; कई राज्यों में मानसून आगे बढ़ने के आसार</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/weather-update-heavy-rain-likely-in-northeast-thunderstorm-and-hail-alert-for-northwest-india-monsoon-set-to-advance/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/weather-update-heavy-rain-likely-in-northeast-thunderstorm-and-hail-alert-for-northwest-india-monsoon-set-to-advance/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 04:43:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13617</guid>

					<description><![CDATA[देश में पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मानसून के असर से मौसम में तेज बदलाव देखने को मिल सकता है। कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और गर्मी भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। पढ़िए रिपोर्ट- देश में मौसम का मिजाज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">देश में पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मानसून के असर से मौसम में तेज बदलाव देखने को मिल सकता है। कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और गर्मी भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। पढ़िए रिपोर्ट-<br><br>देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने जा रहा है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के संयुक्त प्रभाव से उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने असम, मेघालय और सिक्किम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं, धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।<br><br>मौसम विभाग के अनुसार 18 जून से सक्रिय हो चुका पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद अन्य मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम के विविध रूप देखने को मिल सकते हैं। कहीं भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी तो कहीं उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। समुद्री क्षेत्रों में भी खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत अधिक उग्र रह सकता है।<br><br><strong>दिल्ली एनसीआर में आज छाएंगे बादल</strong><br>दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। शाम या रात के समय कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम&#8230;</strong><br>मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा और कोंकण क्षेत्र में तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार और ओडिशा में मौसम अधिक प्रभावी रह सकता है, जहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने का खतरा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी की चेतावनी भी जारी की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट</strong><br>पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां सबसे अधिक सक्रिय बनी हुई हैं। असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, केरल और तमिलनाडु में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/weather-update-heavy-rain-likely-in-northeast-thunderstorm-and-hail-alert-for-northwest-india-monsoon-set-to-advance/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13617</post-id>	</item>
		<item>
		<title>मानसून में भी उबलेगा आधा भारत: तापमान-उमस का जानलेवा मेल, 70 करोड़ लोगों को झेलना पड़ सकता है संकट</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/india-monsoon-heatwave-high-humidity-risk-for-700-million-people/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/india-monsoon-heatwave-high-humidity-risk-for-700-million-people/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 04:13:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13566</guid>

					<description><![CDATA[अध्ययन के अनुसार यदि वैश्विक तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है तो मानसून के दौरान देश का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा गंभीर गर्मी और उमस की चपेट में आ सकता है। यह बदलाव मुख्य रूप से अत्यधिक गर्म और नम मौसम की बढ़ती घटनाओं के कारण होगा। जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में मानसून [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">अध्ययन के अनुसार यदि वैश्विक तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है तो मानसून के दौरान देश का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा गंभीर गर्मी और उमस की चपेट में आ सकता है। यह बदलाव मुख्य रूप से अत्यधिक गर्म और नम मौसम की बढ़ती घटनाओं के कारण होगा।<br><br>जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में मानसून का मौसम भी भविष्य में गर्मियों की लू जितना खतरनाक हो सकता है। आईआईटी गांधीनगर के नेतृत्व में किए गए एक नए अध्ययन के अनुसार यदि वैश्विक तापमान औद्योगिक काल से पहले के स्तर की तुलना में 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है, तो देश का करीब 53 प्रतिशत हिस्सा मानसून के दौरान ऐसी गर्मी और उमस की चपेट में आ सकता है, जहां मानव शरीर पसीने के जरिये खुद को ठंडा रखने में असमर्थ हो जाएगा।<br><br>अध्ययन में जिस स्थिति को लेकर सबसे अधिक चिंता जताई गई है, उसे वैज्ञानिक भाषा में अनकम्पेन्सेबल हीट स्ट्रेस कहा जाता है। सरल शब्दों में यह ऐसी स्थिति है, जब तापमान और हवा में नमी का स्तर इतना बढ़ जाता है कि शरीर की प्राकृतिक शीतलन प्रणाली काम करना बंद कर देती है। सामान्य तौर पर शरीर पसीने के जरिये अतिरिक्त गर्मी बाहर निकालता है, लेकिन अत्यधिक उमस होने पर पसीना सूख नहीं पाता और शरीर के भीतर की गर्मी लगातार बढ़ती रहती है।<br><br>वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति यदि कोई भारी काम न भी कर रहा हो, तब भी उसका शरीर सामान्य तापमान बनाए रखने में संघर्ष कर सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर हीट स्ट्रोक, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और मृत्यु तक का खतरा बढ़ जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वैश्विक तापमान दो डिग्री बढ़ना होगा खतरनाक</strong><br>अध्ययन के अनुसार यदि वैश्विक तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है तो मानसून के दौरान देश का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा गंभीर गर्मी और उमस की चपेट में आ सकता है। यह बदलाव मुख्य रूप से अत्यधिक गर्म और नम मौसम की बढ़ती घटनाओं के कारण होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शोधकर्ताओं का अनुमान है कि बढ़ते तापमान के साथ गर्मियों में भी यह खतरा और व्यापक होगा तथा देश का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा ऐसी परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>70 करोड़ लोगों पर सबसे बड़ा संकट</strong><br>अध्ययन में गंगा के मैदानी क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी भारत और पूर्वी तटीय इलाकों को सबसे अधिक संवेदनशील बताया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले करीब 70 करोड़ लोगों को बढ़ती गर्मी और उमस का संयुक्त प्रभाव झेलना पड़ सकता है। विशेष रूप से किसान, निर्माण श्रमिक, सड़क निर्माण और अन्य श्रम-प्रधान कार्यों में लगे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ये लोग लंबे समय तक खुले वातावरण में काम करते हैं और इनके पास गर्मी तथा उमस से बचाव के पर्याप्त साधन अक्सर उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में बढ़ता हीट स्ट्रेस उनकी कार्यक्षमता, स्वास्थ्य और आजीविका पर सीधा असर डाल सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/india-monsoon-heatwave-high-humidity-risk-for-700-million-people/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13566</post-id>	</item>
		<item>
		<title>देश के 16 राज्यों तक पहुंचा मानसून, उत्तर भारत में 11 जून से बरसेंगे बादल</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/monsoon-reaches-16-states-north-india-to-receive-rainfall-from-june-11/</link>
					<comments>https://rnsnsnews.com/monsoon-reaches-16-states-north-india-to-receive-rainfall-from-june-11/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 04:03:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rnsnsnews.com/?p=13496</guid>

					<description><![CDATA[देश के 16 राज्यों तक मानसून पहुंच गया है। वहीं उत्तर भारत को अभी भी कुछ दिन और भीषण गर्मी से जूझना पड़ेगा। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया।  दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ दिन अटकने के बाद रफ्तार पकड़ लिया है। 4 जून को केरल में दस्तक देने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">देश के 16 राज्यों तक मानसून पहुंच गया है। वहीं उत्तर भारत को अभी भी कुछ दिन और भीषण गर्मी से जूझना पड़ेगा। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया।  दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ दिन अटकने के बाद रफ्तार पकड़ लिया है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद से अब तक यह 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच गया है। अगले तीन-चार दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी बंगाल तक पहुंचने का अनुमान है। इसके प्रभाव से केरल और तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है। 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान है, जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार समेत पूर्वी भारत के कुछ हिस्से में बारिश हो सकती है। <br><br><strong>फिलहाल उत्तर भारत में एक बार फिर तापमान</strong><br>45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून अब तक केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और असम समेत पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों तक पहुंच गया है। अगले तीन दिनों के दौरान इसके उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों के शेष हिस्सों और छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। <br></p>



<p class="wp-block-paragraph">पिछले 24 घंटों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर 12-20 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना में कुछ स्थानों पर 7-11 सेमी तक बारिश हुई।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तर भारत में भीषण गर्मी, उमस</strong><br>उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सोमवार को श्रीगंगानगर देश में सबसे गर्म स्थान रहा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में पारा 44.8 और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हरियाणा का रोहतक 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। पंजाब के पटियाला में 42.6 डिग्री और झारखंड के डाल्टनगंज में पारा 43.1 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा।<br><br></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://rnsnsnews.com/monsoon-reaches-16-states-north-india-to-receive-rainfall-from-june-11/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">13496</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
