गर्भावस्था में भूल से भी नहीं करने चाहिए इन योगासनों का अभ्यास

गर्भावस्था में भूल से भी नहीं करने चाहिए इन योगासनों का अभ्यास

कुछ योगासन माँ और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए इन्हें करने से बचना चाहिए। यहां कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जिन्हें गर्भावस्था में भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

गर्भावस्था में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस दौरान महिलाओं की एक्टिविटी का असर शिशु पर होता है। योग संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, खासकर गर्भवती महिलाओं को बिना दिक्कत प्रसव और शिशु स्वास्थ्य के लिए योग करना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान योग करना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। गर्भावस्था के दौरान सही योगासनों का चयन करना बेहद जरूरी है। लेकिन कुछ योगासन ऐसे भी हैं जिनसे बचना चाहिए क्योंकि वे शरीर पर अधिक दबाव डाल सकते हैं और जटिलताएं पैदा कर सकते हैं। कुछ योगासन माँ और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए इन्हें करने से बचना चाहिए। यहां कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जिन्हें गर्भावस्था में भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

भुजंगासन 

इस योगासन में पेट के बल लेटकर शरीर को पीछे की ओर झुकाया जाता है, जिससे पेट पर ज़्यादा दबाव पड़ता है। यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है और पीठ दर्द को भी बढ़ा सकता है।  

नौकासन

इस योगासन में शरीर को वी आकार में रखा जाता है, जिससे पेट और कमर पर ज़ोर पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान यह मुद्रा असुविधाजनक हो सकती है और पेट की मांसपेशियों पर तनाव डाल सकती है।  

हलासन

इस आसन में पैरों को सिर के पीछे ले जाया जाता है, जिससे पेट और कमर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह पोज़ असहज हो सकता है और रक्त संचार को प्रभावित कर सकता है।  

उत्कटासन

यह आसन पैरों और घुटनों पर अधिक दबाव डालता है। गर्भवती महिलाओं को संतुलन बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है, जिससे गिरने का खतरा बढ़ सकता है।

चक्रासन

यह एक कठिन योगासन है जिसमें शरीर को पीछे की ओर मोड़कर पेट पर दबाव डाला जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह पोज़ असुरक्षित हो सकता है क्योंकि इससे रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है।  

सर्वांगासन

इस मुद्रा में सिर नीचे और पैर ऊपर रहते हैं, जिससे शरीर में रक्त प्रवाह बदल जाता है। गर्भावस्था में यह मुद्रा चक्कर आने, मतली और रक्तचाप की समस्या को बढ़ा सकती है। 

पश्चिमोत्तानासन

इस आसन में शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है, जिससे पेट पर दबाव बनता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह पोज़ असहज हो सकता है और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।  

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

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