अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोर में खपाईं जो दवाएं, 50 फीसदी नकली…STF जांच में बड़ा खुलासा

अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोर में खपाईं जो दवाएं, 50 फीसदी नकली…STF जांच में बड़ा खुलासा

आगरा और अन्य चार राज्यों में अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों में नकली दवाओं का बड़ा कारोबार सामने आया है। औषधि विभाग और एसटीएफ की जांच में 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं सीज की गई हैं।

औषधि विभाग और एसटीएफ की 8 फर्म की जांच में चार राज्यों में नकली दवाओं का काला कारोबार मिला। इनकी 50 फीसदी दवाएं अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोर में खपाने के भी साक्ष्य मिले हैं। इनके यहां जांच और नमूने लेने से भी विभाग बचता रहा है। अब प्रदेश भर में अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच होगी। 

एसटीएफ-औषधि विभाग की टीम ने 10 दिन की कार्रवाई में 71 करोड़ की दवाएं सीज की हैं। जांच के लिए 24 नमूने भी लिए हैं। इसमें 15 डमी फर्म मिली हैं। माफिया ने एक ही बैच से नामी कंपनी की 1000 गुना तक नकली दवाएं बनाकर खपा दीं। इनमें अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोर के नाम के भी बिल मिले हैं। इसकी रिपोर्ट शासन तक पहुंच गई है। 

आगरा की बात करें तो जिले में 8048 मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। इसमें से 3085 थोक विक्रेता हैं। स्वास्थ्य विभाग के यहां 487 हॉस्पिटल और 492 क्लीनिक पंजीकृत हैं। अस्पताल के अंदर और क्लीनिक के आसपास के मेडिकल स्टोरों की औषधि विभाग-एसटीएफ की टीम जांच करेगी। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर की सूची बना रहे हैं। इनकी चरणबद्ध जांच की जाएगी।

प्रदेश भर के अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोर की जांच
 खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अपर आयुक्त रेखा एस. चौहान ने बताया कि नकली दवाओं के सिंडिकेट में अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर पर संदेह के घेरे में आए हैं। शासन स्तर पर विशेष टीम इनके यहां जांच करेगी। सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को इनकी सूची बनाने को निर्देशित कर दिया है।

अस्पतालों के मेडिकल में दवा के नाम पर मरीजों से लूट
आगरा जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने कहा कि अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर से दवाओं के नाम पर मरीजों से लूट होती है। दवाओं के मनमानी कीमत वसूलते हैं। इनकी जांच के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं।

अस्पतालों की दवाएं सभी जगह मिलनी चाहिए
आगरा फार्मा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुनीत कालरा ने बताया कि अस्पतालों के मेडिकल स्टोर की जांच नियमित होनी चाहिए। यहां तीमारदारों का खुद ही पता नहीं चलता कि कौन सी दवाएं खा रहे हैं। जांच होने से गड़बड़ी रुक सकती है।

झोलाछाप के यहां मिली दवाओं की भी हो जांच
आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा का कहना है कि झोलाछाप के अस्पताल और दुकान पकड़े जाने पर काफी मात्रा में दवाएं मिलती हैं। इनके नमूने लेकर भी जांच कराई जाए जिससे मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो।

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