भारत में चैटजीपीटी गो का एक साल का फ्री एक्सेस शुरू, लेकिन यूपीआई से एक्टिवेशन में दिक्कतें

भारत में चैटजीपीटी गो का एक साल का फ्री एक्सेस शुरू, लेकिन यूपीआई से एक्टिवेशन में दिक्कतें

भारत में मंगलवार को चैटजीपीटी गो का 12 महीने का फ्री एक्सेस लॉन्च हुआ। लेकिन कई यूजर्स ने शिकायत की कि यूपीआई से ऑफर एक्टिवेट करने में दिक्कत आ रही है। जिसपर कई यूजर्स का सोशल मीडिया एक्स पर गुस्सा फूटा।

भारत में मंगलवार को चैटजीपीटी गो का 12 महीने का फ्री एक्सेस लॉन्च हुआ और लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। लेकिन कई यूजर्स ने शिकायत की कि यूपीआई से ऑफर एक्टिवेट करने में दिक्कत आ रही है। ओपनएआई ने 4 नवंबर 2025 से भारतीय यूजर्स के लिए 12 महीने या 1 साल के लिए फ्री चैटजीपीटी गो प्लान शुरू किया है, जो लिमिटेड टाइम प्रमोशन का हिस्सा है। लेकिन कई यूजर्स ने एक्स पर लिखा कि एक्टिवेशन बार-बार फेल हो रहा है।

यूजर्स के मुताबिक बार-बार 1 रुपए यूपीआई डेबिट अप्रूव करने के बाद भी एक्टिवेशन नहीं हो रहा। एप पेमेंट स्क्रीन पर अटक जाता है। वैलिड यूपीआई आईडी डालने के बावजूद एरर आ रहा है। पेमेंट ऑथराइजेशन सफल दिखता है, लेकिन प्रोसेस पूरा नहीं होता।

ओपनएआई के मुताबिक, फ्री ऑफर लेने के लिए पेमेंट मेथड (क्रेडिट कार्ड या यूपीआई) जोड़ना जरूरी है। यह कोई सब्सक्रिप्शन फीस नहीं है, लेकिन हर बिलिंग साइकिल पर 1 रुपए का टेम्पररी चार्ज लगता है, जो तुरंत रिफंड हो जाता है। आप इसे ऑटो-पे एक्टिवेशन अमाउंट समझ सकते हैं, जो रिफंडेबल होता है। यह सेटअप इसलिए है ताकि 12 महीने की फ्री अवधि खत्म होने के बाद ऑटो-बिलिंग हो सके। अगर यूजर फ्री पीरियड में सब्सक्रिप्शन कैंसिल करता है, तो ऑफर खत्म हो जाएगा।

यूजर्स ने इस व्यवधान को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायतें की, यूजर्स ने लिखा-

  • “फ्री चैटजीपीटी गो के लिए एक्साइटेड था, लेकिन यूपीआई वेरिफिकेशन अटक गया! इनवैलिड वीपीए एरर आ रहा है, जबकि आईडी सही है। मैनडेट पूरा नहीं हो रहा। इसे जल्दी फिक्स करो!”
  • “यूपीआई से पेमेंट कंफर्म करने के बाद भी स्क्रीन पेमेंट अप्रूव्ड पर अटकी है। कोई फिक्स है या ये बग है?”
  • “दो बार 1 रुपए पेमेंट अप्रूव किया, फिर भी प्लान एक्टिवेट नहीं हुआ। पेज पर 0.00 रुपए बाकी दिखा रहा है, लेकिन एक्सेस नहीं मिला। कोई और भी इस समस्या का सामना कर है?”

ओपनएआई ने माना कि लॉन्च के तुरंत बाद यूपीआई पेमेंट में दिक्कत आई क्योंकि डिमांड बहुत ज्यादा थी और सिस्टम ओवरलोड हो गया। जिसपर कंपनी ने बयान जारी किया, “डिमांड इतनी ज्यादा थी कि हमारी यूपीआई इंटीग्रेशन ओवरलोड हो गई। हम पार्टनर्स के साथ मिलकर इसे जल्दी ठीक कर रहे हैं और धीरे-धीरे सर्विस फिर से रोलआउट कर रहे हैं।”

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