प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के जवानों की सराहना करते हुए उन्हें निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में भारतीय सेना के जवान हर परिस्थिति में डटे रहते हैं और उनके साहस, बलिदान व अनुशासन पर पूरा देश गर्व करता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सैनिक कठिन से कठिन हालात में भी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। चाहे सीमाओं पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां हों या प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्य—सेना के जवान हर मोर्चे पर देशवासियों के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं।
उन्होंने कहा कि सैनिकों की निस्वार्थ सेवा केवल हथियार उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मानवता, सेवा और समर्पण की मिसाल भी पेश करते हैं। प्रधानमंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति भी आभार व्यक्त किया और कहा कि राष्ट्र हमेशा उनके त्याग को याद रखेगा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण, आधुनिक सुविधाओं और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि सेना भविष्य की चुनौतियों का सामना और अधिक मजबूती के साथ कर सके।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय सेना के जवानों को मेरा नमन। उनकी वीरता, त्याग और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”



