अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ, ये ट्रंप प्रशासन के ताजा आदेश में साफ झलक रहा है। बता दें कि, ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अमेरिकी-ध्वज वाले व्यावसायिक जहाजों को निर्देश दिए हैं। इधर, खामनेई ने एकता और पक्के इरादे दिखाकर शत्रुओं को हताश करने की अपील देशवासियों से की हैl
अमेरिका-ईरान में हुई परोक्ष वार्ता के बाद भी तनाव जारी है। ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अमेरिकी-ध्वज वाले व्यावसायिक जहाजों को निर्देश दिए हैं कि वे ईरान के क्षेत्रीय पानी से दूर रहें क्योंकि अभी दोनों देशों में तनाव बना हुआ है। उधर, इस्लामी क्रांति की सालगिरह दिवस से एक दिन पूर्व क्रांति के नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने एकता और पक्के इरादे दिखाकर शत्रुओं को हताश करने की अपील देशवासियों से की।
इस्लामिक क्रांति की 47वीं सालगिरह मनाने के लिए 11 फरवरी को रैलियों के साथ मनाई जाएगी। इससे पहले एक टीवी संदेश में खामनेई ने इस मौके को ईरान की ताकत, इज्जत और मिलकर किए गए पक्के इरादे का एक जबरदस्त प्रदर्शन बताया। उन्होंने सालाना सालगिरह के प्रदर्शनों को बेमिसाल बताया। उधर, अमेरिकी नौसैन्य प्रशासन ने एक गाइडलाइन में अमेरिकी जहाज के कैप्टन को चेताया कि वे रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री रास्ते में ईरानी सेना को अपने जहाजों पर न चढ़ने दें। उसने सलाह दी कि इस समुद्री पानी से गुजरने वाले जहाज नेविगेशनल सुरक्षा से कोई समझौता किए बिना ईरान के समुद्री जल से दूर रहें।
ट्रंप से मिलकर वार्ता पर जोर देंगे बेंजामिन नेतन्याहू
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ अहम परमाणु वार्ताओं को व्यापक रूप देने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से वॉशिंगटन दौरा करेंगे। अमेरिकी सैन्य तैयारियों के बीच पिछले सप्ताह यह वार्ता फिर से शुरू हुई थी। इस्राइल लंबे समय से ईरान से यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने, मिसाइल कार्यक्रम में कटौती करने और क्षेत्र भर के आतंकी गुटों से संबंध तोड़ने की मांग करता रहा है।
ओमान का दौरा करेंगे ईरान के सुरक्षा अधिकारी लारीजानी
ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ओमान की यात्रा करेंगे। ओमान संभावित अमेरिकी हमले को रोकने के उद्देश्य से ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में मध्यस्थता कर रहा है। अली ईरान की संसद के पूर्व अध्यक्ष एवं देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के मौजूदा सचिव भी हैं। वह वार्ता के पहले दौर पर अपने देश की प्रतिक्रिया का संभवतः नेतृत्व करेंगे।
ईरान की सशस्त्र बलों ने खतरों के जवाब में दी प्रतिक्रिया की चेतावनी
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने देश की सीमा पर किसी भी तरह के खतरे का अधिक बलपूर्वक और व्यापक जवाब देने की चेतावनी दी है। इस्लामी क्रांति की विजय की 47वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर जनरल स्टाफ ने बाहरी खतरों के विरुद्ध दृढ़ रक्षा का संकल्प लिया। बयान के मुताबिक, ईरान किसी भी खतरे, षड्यंत्र व अतिक्रमण के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। वह किसी भी तरह के खतरों पर व्यापक प्रतिक्रिया देगा। यह घोषणा क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और सैन्य कार्रवाई की धमकी के बीच आई है।



