जॉर्डन ने ईरान की चार मिसाइलें मार गिराईं
जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरान से दागी गई चार मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, मिसाइलों को जॉर्डन के वायु रक्षा तंत्र ने समय रहते इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जिससे किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। हालांकि, जॉर्डन की सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मिसाइलों का लक्ष्य उसका क्षेत्र था या वे किसी अन्य दिशा में जा रही थीं।
ट्रंप ने कांग्रेस को दी सैन्य कार्रवाई की जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को औपचारिक रूप से सूचित किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान 7 जुलाई से दोबारा शुरू हो गया है और कई महीनों से लागू युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने सीनेट के कार्यवाहक अध्यक्ष चक ग्रासली को भेजे पत्र में कहा कि अमेरिकी हमले सीमित, सुनियोजित और नागरिकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमले कर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर आगे भी हमले जारी रखेगी। इस बीच अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर लागू करने का ऐलान किया है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी। वहीं ईरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि उसकी अनुमति के बिना हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं ले सकता और किसी भी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
ईरान का अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर हमले का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। आईआरजीसी के अनुसार, इस हमले में नौसैनिक अड्डे के ईंधन डिपो में आग लग गई। साथ ही अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस रडार, फ्लीट का एयर कंट्रोल रडार, सी-रैम (C-RAM) अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम और मानव रहित सतही जहाजों (USVs) के नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र को भी निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है और ‘प्रतिशोधी अभियान अभी जारी है।’ हालांकि, अमेरिकी सेना या बहरीन की ओर से इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यूएई के तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में उसके दो तेल टैंकरों ‘मोम्बासा’ और ‘बहिया’ पर दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया। हमले के बाद दोनों टैंकरों में भीषण आग लग गई। इस घटना में मोम्बासा पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए। घायलों में छह की हालत गंभीर बताई गई है, जिनमें चार भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और बेहद दुस्साहसिक कार्रवाई करार देते हुए कहा कि उसे अपने जहाजों और हितों की रक्षा करने तथा ईरान की इस कार्रवाई का उचित जवाब देने का पूरा अधिकार है। वहीं बहरीन में भी कुछ देर पहले मिसाइल हमले की आशंका के बीच सायरन बजाए गए, हालांकि वहां किसी नुकसान या हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की इस जवाबी कार्रवाई को क्षेत्र में तनाव बढ़ने का नया संकेत माना जा रहा है।
तेल बाजार में उबाल, बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संघर्ष तेज होने के बाद अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत एक महीने के उच्चतम स्तर 84 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ा या जलडमरूमध्य में आवाजाही बाधित हुई, तो कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जिसका असर दुनिया भर में ईंधन, परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
अमेरिकी हमले में भारतीय नाविक की मौत
अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ ब्लॉकेड दोबारा लागू कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और हॉर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ‘बहुत जोरदार हमला’ कर रहा है और यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब सुरक्षित समुद्री मार्ग उपलब्ध कराने की लागत अन्य देशों के जहाजों से वसूली जाएगी। अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन और यूएई से जुड़े दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी जवाबी हमलों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें दो प्रतिशत बढ़कर चार सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
तेल टैंकरों पर हमले के बाद IRGC बोला- नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को बनाया निशाना
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ऑयल टैंकरों पर हमले का दावा किया है। अज जजीरा ने ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ के हवाले से बताया कि, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने नियमों का उल्लंघन करने वाले दो सुपर ऑयल टैंकरों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट में इस कार्रवाई के लिए आईआरजीसी के एक आधिकारिक बयान का हवाला दिया गया है।
यह रिपोर्ट संयुक्त अरब अमीरात के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद सामने आई है, जिसमें यूएई ने कहा था कि ईरान ने ओमान के समुद्री क्षेत्र में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है, जिसके कारण चालक दल के एक भारतीय सदस्य की मौत हो गई है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने ओमान के समुद्री क्षेत्र में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने राष्ट्रीय तेल टैंकरों ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहिया’ पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु पर भारत सरकार और वहां की जनता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। यूएई ने रेखांकित किया कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का घोर उल्लंघन है। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को तत्काल समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने का आह्वान किया।
UAE के तेल टैंकरों पर ईरान का मिसाइल हमला, एक भारतीय की मौत
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजरते समय दो राष्ट्रीय टैंकरों ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहिया’ पर दो ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इस हमले के कारण मोम्बासा टैंकर पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई। इसके अलावा आठ अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से चार गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में छह भारतीय नागरिक और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।



