शुरुआती जांच से पता चला है कि इमारत में कॉस्मेटिक शोरूम के ज्वलनशील सामान ने आग को तेजी से फैलाने में अहम भूमिका निभाई। थिनर, नेल पॉलिश रिमूवर, नेल पॉलिश और अन्य केमिकल उत्पादों ने आग को कुछ ही मिनटों में विकराल रूप दे दिया।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार को हुए अग्निकांड की वजह अब तक पता नहीं चली है। हालांकि स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इमारत की छत पर सोलर पैनल लगे हैं। इसके बिजली बॉक्स से शार्ट सर्किट से आग लगी फिर पूरी बिल्डिंग में फैल गई। शुरुआत में आग छत तक सीमित थी, लेकिन कुछ समय में यह ऊपर की मंजिलों तक फैल गई।

इतनी तेजी से फैली आग, किसी को नहीं मिला संभलने का मौका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं और आग की चपेट में आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। गुरुवार को दिनभर फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) टीम ने हर माले की सघन और गहन जांच की। इस दौरान सभी साक्ष्यों को पूरी तरह से सावधानीपूर्वक जांचा गया। जांच के दौरान टीम ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया और सभी नमूनों को सुरक्षित तरीके से इकट्ठा किया। टीम ने सीढ़ियां लगाकर उस जगह की भी जांच की गई, जहां स्थानीय लोगों ने शार्ट सर्किट होने का दावा किया है।
मेंटेनेंस की कमी से हो सकता है शॉर्ट सर्किट
सोलर पेनल से जुड़े विशेषज्ञों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सोलर पैनल सिस्टम में यदि वायरिंग या मेंटेनेंस में कोई कमी हो तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर जांच और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। विशेषज्ञों ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त सुरक्षा नियमों और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता है।

मिनटों में फैली लपटें
शुरुआती जांच से पता चला है कि इमारत में कॉस्मेटिक शोरूम के ज्वलनशील सामान ने आग को तेजी से फैलाने में अहम भूमिका निभाई। थिनर, नेल पॉलिश रिमूवर, नेल पॉलिश और अन्य केमिकल उत्पादों ने आग को कुछ ही मिनटों में विकराल रूप दे दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद शुरुआत में लपटें सीमित थीं, लेकिन जैसे ही यह शोरूम तक पहुंची, स्थिति बिगड़ गई। शोरूम में रखे ज्वलनशील पदार्थों ने आग को तेजी से भड़काया, जिससे पूरी इमारत धुएं और आग की चपेट में आ गई। लोगों को बाहर निकलने का समय भी नहीं मिल पाया।
पालम आग हादसे में गली में मातम, दूसरे दिन भी दुकानें बंद
हादसे के अगले दिन गुरुवार को भी इलाके की दुकानें बंद रहीं। स्थानीय लोग और दुकानदार सदमे में दिखे। कई लोग घटनास्थल पर जाकर प्रभावित परिवारों से मिले और उन्हें सांत्वना दी, जिस मार्केट में रोजाना लोगों की भीड़ और ग्राहकों की चहल पहल रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को गहरा दुख दिया है, बल्कि पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। मार्केट एसोसिएशन की सदस्य महक बजाज ने बताया कि यह घटना हमारे लिए बहुत दुखद है। अध्यक्ष हमेशा सभी की मदद के लिए आगे रहते थे।



