मानसून का कहर: दिल्ली-NCR समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट, सड़कें बनीं दरिया; जनजीवन बेहाल

मानसून का कहर: दिल्ली-NCR समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट, सड़कें बनीं दरिया; जनजीवन बेहाल

देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं महाराष्ट्र के ठाणे में कचरे का पहाड़ ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई और 136 घर क्षतिग्रस्त हुए।

मानसून के बादल एक दिन की देरी से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों पर भी छा गए हैं। इसके साथ ही मानसून पूरे देश में सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। दिल्ली-एनसीआर की ज्यादातर सड़कों पर वाहन जाम में फंसे रहे। महाराष्ट्र, केरल और राजस्थान में भी बारिश से नुकसान की खबरें हैं।

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में बुधवार रात से जारी बारिश ने सुबह मूसलाधार रूप ले लिया। दोपहर करीब एक बजे तक बारिश जारी रही। दिल्ली के सफदरजंग में 72.6 मिमी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के तुखमीरपुर में सबसे ज्यादा 160 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली, यूपी समेत 18 राज्यों के लिए भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 85 किमी की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। भारी बारिश ने फिर शहरी बुनियादी ढांचे और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम में सड़कें नहरों में तब्दील नजर आईं।

उत्तराखंड-महाराष्ट्र में कैसे हैं हालात?
उत्तराखंड में बारिश से नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन से 107 रास्ते बाधित रहे। गढ़वाल व कुमाऊं में भारी बारिश हुई। राजस्थान में भी जोरदार बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ के बदेसर व निम्बाहेड़ा के साथ भरतपुर के बयाना में सबसे ज्यादा 90 मिमी बारिश हुई। कोटा व भरतपुर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। पिंपरी चिंचवड़ में कचरे से बिजली बनाने वाले प्लांट में कचरे का बड़ा ढेर ढह गया। उसके नीचे एक इमारत दब गई। मलबे से एक शव निकाला गया, जबकि आठ लोगों के दबे होने की आशंका है। ठाणे में एक सप्ताह में बारिश से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। 136 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गए हैं।

राजधानी में जलभराव, पेड़ उखड़े
दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश से मेहरौली-बदरपुर रोड, विकास मार्ग, दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे और एनएच-9 (गाजीपुर व अक्षरधाम) पर घुटनों तक पानी भर गया। ईस्ट ऑफ कैलाश में दो विशाल पेड़ उखड़ गए। इस्कॉन मंदिर और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के पास एक कार पेड़ के नीचे दब गई।

खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबने से मासूम की मौत
समयपुर बादली में मासूम रेहान की खाली प्लॉट में जमा बरसात के पानी में डूबने से मौत हो गई। वह छोटे भाई के साथ गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से पानी में गिर गया।

तीन वर्ष बाद हवा अच्छी
दिल्ली में झमाझम बारिश से इस वर्ष की पहली अच्छी वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को करीब तीन साल बाद दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 48 दर्ज किया गया, जो अच्छी श्रेणी में आता है।

वायनाड भूस्खलन: तीन और शव निकाले
केरल के वायनाड में सुरंग पर भूस्खलन के बाद बृहस्पतिवार को तीन और शव मिले, जिससे मृतकाें की संख्या 6 हो गई है। दो लोग अब भी लापता हैं।

हिमाचलज 100 फीट लंबा पुल डूबा
किन्नौर में बाढ़ से 100 फीट लंबा लोहे का पुल डूब गया, जिससे लिप्पा गांव का बाकी इलाकों से संपर्क टूट गया। यहां लोहे का पुल पूरी तरह डूब गया। पुल के पास कई घर भी खतरे में हैं।

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