पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर देश एक बार फिर भावुक हो उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को श्रद्धांजलि देते हुए आतंक के खिलाफ भारत के अडिग संकल्प को दोहराया, वहीं सेना ने भी कड़ा संदेश दिया।
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक संदेश साझा करते हुए उन निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इस भयावह हमले में जान गंवाने वाले लोगों को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
देश एकजुट है, आतंक के खिलाफ संकल्प मजबूत- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने दोहराया कि आतंकियों की साजिशें कभी सफल नहीं होंगी और देश पूरी मजबूती से उनका सामना करेगा।
भारत का जवाब अब और सख्त व निर्णायक- राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी पर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस कायरतापूर्ण हमले में जिन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को पूरा देश साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह घाव भारत की स्मृतियों में हमेशा ताजा रहेगा।
रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज देश की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की एकता और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा। राजनाथ सिंह ने जोर देते हुए कहा कि भारत अब हर चुनौती का जवाब मजबूती से दे रहा है। आतंकवाद या देश की एकता को चुनौती देने वाली किसी भी हरकत को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
भारतीय सेना का सख्त संदेश- ऑपरेशन महादेव में 3 आतंकी ढेर
भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश लिखकर कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई का जवाब निश्चित और सख्त होगा। सेना ने कहा कि न्याय हमेशा मिलेगा और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ऑपरेशन महादेव के तहत सेना ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान को लेकर सेना ने संकेत दिया कि यह सिर्फ समय की बात थी। इस ऑपरेशन के दौरान लगभग 300 प्रतिशत अत्यंत दुर्गम और खतरनाक इलाकों की गहन तलाशी ली गई। लगातार 93 दिनों और रातों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली।
इस कार्रवाई में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। इसके साथ ही सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, और आतंकवाद के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी मजबूती के साथ चलता रहेगा।
जानिए कब और कहां हुआ था हमला?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर लोकप्रिय बायसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2.30 बजे आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि आतंकी सेना की वर्दी में आए थे। इस हमले में जिंदा बचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी।
26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले इन आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास हालात का जायजा लिया और फिर वहां बैठे लोगों और टट्टू की सवारी कर रहे पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए थे। बाद में सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इन आतंकियों के भागने और इनकी लोकेशन को लेकर बडे़ खुलासे किए।
इस हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, यह एक केंद्रित, नपा-तुला और तनाव न बढ़ाने वाला सैन्य अभियान था, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकवादियों के अहम ठिकानों को निशाना बनाना था।



