प्रवक्ता संवर्ग के लिए यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी परीक्षा 2026, 9 और 10 मई को 17 जिलों के 319 केंद्रों पर होगी। परीक्षा में एआई निगरानी, सख्त सुरक्षा और ओएमआर स्कैनिंग का विशेष इंतजाम किया गया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) ने टीजीटी परीक्षा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। आयोग के अनुसार, विज्ञापन संख्या 02/2022 प्रवक्ता संवर्ग के अंतर्गत कुल 18 विषयों के लिए लिखित परीक्षा 9 और 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी और इसके लिए राज्यभर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
624 पदों के लिए होगी परीक्षा
आयोग ने बताया कि इस भर्ती अभियान के तहत कुल 624 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 4,64,605 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में बनाए गए 319 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।
किस दिन कौन-सी परीक्षा होगी?
9 मई 2026 को पहली पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा होगी।
इसके बाद 10 मई 2026 को पहली पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और सामान्य विज्ञान विषयों की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला विषयों की परीक्षा कराई जाएगी।
एआई तकनीक से होगी निगरानी
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एआई आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक एआई कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें Integrated Control Command Room से जोड़ा गया है। आयोग स्तर पर प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग प्रेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने कहा है कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आयोग ने एआई तकनीक की मदद से ऐसे अभ्यर्थियों की भी पहचान की है, जिन्होंने अलग-अलग नाम या फोटो का उपयोग कर एक से अधिक आवेदन किए हैं। ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
ओएमआर शीट स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट
आयोग इस बार परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर रहा है। इसके तहत लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद अभ्यर्थियों की मौजूदगी में ओएमआर शीट की स्कैनिंग की जाएगी। इसके बाद ओएमआर शीट को सुरक्षित तरीके से आयोग कार्यालय भेजा जाएगा।
अभ्यर्थियों को दी गई जरूरी सलाह
आयोग ने सभी उम्मीदवारों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अभ्यर्थियों को किसी भी अफवाह या गलत जानकारी से बचने और केवल आधिकारिक वेबसाइट व आयोग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही अपडेट लेने की सलाह दी गई है।



