इंडिया गठबंधन करीब दो साल बाद अब फिर चुनाव रणनीतियों पर चर्चा के लिए एक साथ आने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व में कई दलों और नेताओं को दिल्ली आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि विपक्षी दल सबसे पहले यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर एकजुटता पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा नीट पेपर लीक, सीबीएसई विवाद और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने पर भी बातचीत होगी।
देशभर में एनडीए शासन के खिलाफ तैयार हुए विपक्षी दलों के गठबंधन- ‘इंडिया’ की बहुप्रतीक्षित बैठक आज (8 जून) को होनी है। इस बैठक में केंद्र की राजनीति में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के साथ अलग-अलग राज्यों के कई दलों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, पिछली सभी बैठकों के मुकाबले इस बार बैठक का स्वरूप कुछ अलग दिखना तय माना जा रहा है। दरअसल, एक के बाद एक लगातार चुनाव नतीजों और सत्ता परिवर्तन की वजह से कई विपक्षी दल एक-दूसरे के ही खिलाफ नजर आने लगे हैं। ऐसे में बीते वर्षों में हुई इंडिया गठबंधन की पार्टियों की मुलाकात और चर्चा दोनों में ही परिवर्तन संभव है।
आइये जानते हैं कि आज होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक कहां आयोजित होगी? इनमें कौन से दलों की उपस्थिति की संभावना है? इनके कौन से नेता बैठक में पहुंच सकते हैं? इसके अलावा इस बार कौन से दलों ने इस विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाने का पहले ही एलान किया है? इस बार बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है? इंडिया गठबंधन की पिछली बैठकें कब-कहां हुई थीं और इनमें किन मुद्दों पर चर्चा हुई थी? आइये जानते हैं…
कहां आयोजित होने वाली है 8 जून की बैठक?
8 जून 2026 (सोमवार) को होने वाली विपक्षी गठबंधन की बैठक नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित होने वाली है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, यह इंडिया ‘जनबंधन’ बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी।
कितने और कौन-कौन से दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने की संभावना?
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 15 विपक्षी दलों ने इस बैठक में भाग लेने के संकेत दिए हैं। हालांकि, कांग्रेस के मुताबिक, 23 राजनीतिक दलों विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इनमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, पीडीपी, राजद, भाकपा, टीवीके जैसे प्रमुख दल शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों जैसे- भाकपा-माले, आरएसपी, वीसीके, एमडीएमके, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, असम जातीय परिषद समेत कई और दलों ने इस बैठक में शामिल होने के संकेत दिए हैं।
कौन-कौन से नेता इंडिया की बैठक में जुट सकते हैं?
इस बैठक में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी; सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, लेफ्ट के जॉन ब्रिटास और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती समेत कई बड़े नेता जुट सकते हैं।
कौन से दलों ने बैठक से दूरी बनाने के दिए संकेत?
द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक): द्रमुक ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की है। इसका मुख्य कारण हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस की तरफ से अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देना है। द्रमुक ने इसे अपने दशकों पुराने गठबंधन के साथ कांग्रेस का धोखा और पीठ में छुरा घोंपना करार दिया है। पार्टी का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए वे किसी भी ऐसी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे जिसमें कांग्रेस शामिल हो रही हो।



