अमेरिका ने फिर फोड़ा टैरिफ बम: भारत समेत 17 देशों पर लगाया 10 फीसदी शुल्क, क्या पाकिस्तान का नाम भी है शामिल?

अमेरिका ने फिर फोड़ा टैरिफ बम: भारत समेत 17 देशों पर लगाया 10 फीसदी शुल्क, क्या पाकिस्तान का नाम भी है शामिल?

अमेरिका ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर सख्ती करते हुए भारत सहित 17 देशों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह फैसला अमेरिकी व्यापार कानून के तहत की गई समीक्षा के बाद लिया गया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा और वैश्विक व्यापार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है।

अमेरिका ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर कार्रवाई करते हुए भारत सहित 17 देशों से आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने शुक्रवार को 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत 60 देशों पर नए शुल्क की घोषणा की। यह फैसला सभी देशों पर लगाए गए अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क की अवधि समाप्त होने से एक दिन पहले लिया गया।

यूएसटीआर के बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर जैमीसन ग्रीर ने उन 60 अर्थव्यवस्थाओं पर अंतिम कार्रवाई की है, जिन्होंने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने और उसे लागू करने में विफलता दिखाई है। ग्रीर ने कहा, “यह कदम मानवाधिकारों के उल्लंघन और व्यापार में पैदा हुई विकृतियों को दूर करने की दिशा में है, ताकि दुनिया भर के श्रमिकों के हितों की रक्षा की जा सके।”

सूची में शामिल कौन-कौन से देश?
10 प्रतिशत शुल्क भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों पर लागू होगा। इससे पहले प्रस्तावित सूची में भारत को 12.5 प्रतिशत शुल्क वाले देशों की श्रेणी में रखा गया था। इस संबंध में जारी संघीय नोट में कहा गया कि जून में प्रस्तावित शुल्क की घोषणा के बाद भारत ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया।

14 जून को भारत ने अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर जबरन श्रम से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप प्रशासन ने ये दोनों जांच उस समय शुरू की थीं, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में पिछले वर्ष लगाए गए “पारस्परिक शुल्क (रिसिप्रोकल टैरिफ)” को आपातकालीन शक्तियों के तहत अवैध करार दिया था। इसके बाद प्रशासन ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिसकी अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है।

भारत ने जताई आपत्ति
भारत ने यूएसटीआर की दोनों जांचों पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता के दौरान चर्चा की जा सकती है। अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 141 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 87.3 अरब अमेरिकी डॉलर का था।

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