जी7 शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक आज, जानें किन मुद्दों पर होगी चर्चा

जी7 शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक आज, जानें किन मुद्दों पर होगी चर्चा

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच प्रस्तावित बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों देश दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने के इच्छुक हैं, विशेषकर ऐसे समय में जब होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज यानी 17 जून को द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इस द्विपक्षीय बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका से ऊर्जा आयात जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी को लेकर उत्सुक हैं और दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। वार्ताएं लगातार आगे बढ़ रही हैं और आने वाले कुछ सप्ताह में इस समझौते पर काम पूरा होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने लगभग एक वर्ष तक चली बातचीत के बाद फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौता किया था। व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की है कि पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

वैश्विक मुद्दों के साथ किस एजेंडें पर होगी बातचीत?
यह संभावित बैठक ऐसे समय हो रही है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है। यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं की बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा तथा आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के तहत आयोजित “नए साझेदारी संबंधों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की पुनर्बहाली” विषय पर आधारित सत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले समुद्री व्यापार में व्यवधान को लेकर चिंता जताई थी।

जी7 में भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे को उठाया
जी7 नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत किया, लेकिन हालिया संघर्ष के मानवीय और आर्थिक प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष के कारण क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले समुद्री व्यापार में व्यवधान से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संघर्षों का स्थायी समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए ही संभव है। उन्होंने वैश्विक समुद्री व्यापार से जुड़े नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “वैश्विक समुद्री व्यापार के माध्यम से देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना दायित्व निभा सकें।”

जी7 शिखर सम्मेलन में भारत साझेदार देश के रूप में शामिल
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ओमान की खाड़ी में हाल में हुई एक समुद्री घटना की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहे पलाऊ के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर अमेरिकी बलों की कार्रवाई के बाद तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। भारत इस बार साझेदार देश के रूप में जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ है। यह आउटरीच प्रक्रिया में उसकी 13वीं भागीदारी है।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *