AI रिपोर्ट ने चौंकाया: दिल्ली में 20 की उम्र में दिखने लगे बुढ़ापे के निशान, पुरुषों पर हवा-पानी की मार ज्यादा

AI रिपोर्ट ने चौंकाया: दिल्ली में 20 की उम्र में दिखने लगे बुढ़ापे के निशान, पुरुषों पर हवा-पानी की मार ज्यादा

एक नए एआई आधारित राष्ट्रीय अध्ययन में यह दावा किया गया है कि प्रदूषण, खारा पानी और लंबे समय तक पराबैंगनी (यूवी) विकिरण के संपर्क में रहने के कारण दिल्लीवासियों में समय से पहले त्वचा के बूढ़े होने के लक्षण अधिक तेजी से दिखाई दे रहे हैं। 

दिल्ली के लोगों की त्वचा देश में सबसे तेजी से अपनी कसावट खो रही है। एक नए एआई आधारित राष्ट्रीय अध्ययन में यह दावा किया गया है कि प्रदूषण, खारा पानी और लंबे समय तक पराबैंगनी (यूवी) विकिरण के संपर्क में रहने के कारण दिल्लीवासियों में समय से पहले त्वचा के बूढ़े होने के लक्षण अधिक तेजी से दिखाई दे रहे हैं। 

दो निजी स्किन हेल्थ कंपनियों की तरफ से संयुक्त रूप से किए गए अध्ययन में देश के 725 शहरों के 21,373 वयस्कों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने एआई संचालित स्किनसेंस एआई प्लेटफॉर्म के जरिये चेहरे के स्कैन के आधार पर त्वचा की सेहत से जुड़े 12 मानकों का मूल्यांकन किया, जिनमें झुर्रियां, डार्क सर्कल, कसावट, लचीलापन, डिहाइड्रेशन और पिगमेंटेशन शामिल थे। यह अध्ययन 2023 से 2025 के बीच किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, झुर्रियां अब 40 वर्ष की आयु के बजाय 20 वर्ष की उम्र में ही विकसित होने लगी हैं।

अध्ययन के अनुसार, त्वचा की कसावट में कमी की गंभीरता के मामले में दिल्ली का स्कोर 5 में से 4.11 रहा, जो देश में सबसे अधिक है। राष्ट्रीय औसत 3.62 और कोलकाता का स्कोर 3.49 दर्ज किया गया। शोध में कहा गया कि दिल्ली में त्वचा की कसावट में गिरावट कोलकाता की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक गंभीर पाई गई।

रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली में त्वचा के लचीलेपन में कमी का स्कोर 3.99 और डार्क सर्कल की गंभीरता का स्कोर 3.80 रहा। इसके पीछे राजधानी में उच्च वायु प्रदूषण, खारे पानी और लगातार यूवी विकिरण के प्रभाव को प्रमुख कारण माना है।

अध्ययन के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अक्सर 200 से 400 के बीच रहता है, जबकि कई क्षेत्रों में पानी में टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (टीडीएस) का स्तर 300 से 500 के बीच पाया गया। ये दोनों कारक त्वचा में कोलेजन को नुकसान पहुंचाकर उसकी लचीलेपन और कसावट को प्रभावित कर सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, झुर्रियां अब 40 वर्ष की आयु के बजाय 20 वर्ष की उम्र में ही विकसित होने लगी हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि पुरुषों में त्वचा की उम्र बढ़ने की गति महिलाओं की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है और उनमें 23.5 प्रतिशत अधिक यूवी स्पॉट्स पाए गए।

शोधकर्ताओं ने इसका कारण सनस्क्रीन का कम उपयोग और अधिक समय तक धूप में रहना बताया है। अध्ययन में अलग-अलग शहरों के बीच त्वचा संबंधी समस्याओं में स्पष्ट अंतर देखा गया। जहां दिल्ली में त्वचा की कसावट में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, वहीं कोलकाता में त्वचा का ऑयलीपन सबसे अधिक पाया गया। वहीं पुणे में डार्क सर्कल की समस्या सबसे गंभीर दर्ज की गई।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *