चिंताजनक: डिब्बा बंद खाने में मिलाए जा रहे रसायन, बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा

चिंताजनक: डिब्बा बंद खाने में मिलाए जा रहे रसायन, बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा

पैकेज्ड और डिब्बा बंद खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मिलाए जाने वाले प्रिजरवेटिव्स दिल के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि इन रसायनों का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है। यह शोध फ्रांस में लगभग 1.12 लाख लोगों पर किया गया। पढ़िए विस्तृत रिपोर्ट-

डिब्बा बंद खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मिलाए जाने वाले प्रिजरवेटिव्ज दिल को खोखला कर रहे हैं। खाद्य पदार्थों के साथ इन प्रिजरवेटिव्स का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों के लिए बड़ा खतरा है। यह खुलासा फ्रांस में 1.12 लाख लोगों पर किए गए अध्ययन में किया गया है।

शोधकर्ताओं ने यह विश्लेषण किया कि प्रतिभागी किन खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं और उनमें कौन-कौन से प्रिजरवेटिव्ज मौजूद हैं। इसके बाद करीब सात से आठ वर्षों तक प्रतिभागियों के स्वास्थ्य पर नजर रखी गई। इस दौरान यह दर्ज किया गया कि किन लोगों में उच्च रक्तचाप, हार्ट अटैक, स्ट्रोक या एंजाइना जैसी हृदय संबंधी समस्याएं विकसित हुईं। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार लगभग सभी प्रतिभागी किसी न किसी प्रकार के खाद्य प्रिजरवेटिव्स के संपर्क में थे। अध्ययन के शुरुआती दो वर्षों के दौरान करीब 99 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ऐसे प्रिजरवेटिव्ज वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया था। जिन लोगों ने कुछ विशेष प्रिजरवेटिव्ज का सबसे अधिक सेवन किया, उनमें उच्च रक्तचाप होने का खतरा लगभग 29 प्रतिशत    अधिक था। वहीं हृदय रोगों का खतरा भी करीब 16 प्रतिशत तक बढ़ा हुआ पाया गया। विश्लेषण में सोडियम नाइट्राइट, पोटैशियम सोर्बेट और कुछ सल्फाइट यौगिकों को विशेष रूप से अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट श्रेणी के कुछ प्रिजरवेटिव्ज के अधिक सेवन और रक्तचाप बढ़ने के बीच भी संबंध देखा गया।

डिब्बा बंद खाने : चयापचय प्रणाली हो सकती है प्रभावित

शोधकर्ताओं के अनुसार यह अध्ययन इस विषय को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम है। उनका कहना है कि अभी और प्रयोगात्मक अनुसंधान की आवश्यकता है, क्योंकि यह अध्ययन अवलोकन आधारित है और इससे प्रत्यक्ष कारण-परिणाम संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता। शोधकर्ताओं का मानना है कि कुछ प्रिजरवेटिव्ज शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं या चयापचय प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवलोकन आधारित अध्ययन किसी बीमारी का प्रत्यक्ष कारण सिद्ध नहीं करते। जो लोग अधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाते हैं, उनकी जीवनशैली भी कई मामलों में अलग हो सकती है। कम शारीरिक गतिविधि, अधिक नमक और वसा का सेवन तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी आदतें भी हृदय रोग के जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।

ताजा और कम प्रोसेस्ड भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह…
अध्ययन के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि अत्यधिक प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं हो सकता। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सामान्य तौर पर ताजा, कम प्रोसेस्ड और घर में तैयार भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

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