18 अगस्त तक बारिश के आसार; हिमाचल से मुंबई तक हाहाकार, भूस्खलन में कई मौतें; IMD अलर्ट में क्या?

18 अगस्त तक बारिश के आसार; हिमाचल से मुंबई तक हाहाकार, भूस्खलन में कई मौतें; IMD अलर्ट में क्या?

देश के कई हिस्सों में बारिश और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुंबई में भूस्खलन से सात लोगों की मौत हुई है, जबकि हिमाचल में 313 सड़कें बंद हैं और 30 जून से अब तक 75 लोगों की जान जा चुकी है। ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी भारी बारिश का असर है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।आइए, विस्तार से जानते हैं कि 18 अगस्त तक आपके प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

देश के कई राज्यों में लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मुंबई से हिमाचल प्रदेश और ओडिशा से जम्मू-कश्मीर तक कहीं भूस्खलन हुआ है तो कहीं सड़कें और रास्ते बंद हो गए हैं। मुंबई के घाटकोपर में पहाड़ी का मलबा तीन मकानों पर गिरने से सात लोगों की मौत हुई है। हिमाचल में 313 सड़कें बंद हैं और राज्य में 30 जून से अब तक बारिश तथा मौसम से जुड़ी आपदाओं में 75 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में 18 अगस्त तक जारी मौसम चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है।

मुंबई में भूस्खलन से कैसे हुई सात लोगों की मौत?

मुंबई के घाटकोपर इलाके की गौसिया चॉल में बुधवार तड़के करीब 3.45 बजे भूस्खलन हुआ। पहाड़ी का एक हिस्सा और मलबा तीन मकानों पर गिर गया। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन बच्चों समेत छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। रमेश यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में सात लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। मुंबई की मेयर रीतू तावड़े ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्य का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की वित्तीय मदद की घोषणा की।

हिमाचल में बारिश ने कितना बड़ा संकट खड़ा किया है?

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण 313 सड़कें बंद हैं। 65 पेयजल योजनाएं और 112 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 117 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा चंबा में 74, कुल्लू में 60, शिमला में 36 और सिरमौर में 13 सड़कें बंद हैं। राज्य सरकार के अनुसार 30 जून से अब तक बारिश और मौसम से जुड़ी आपदाओं में 75 लोगों की मौत हुई है और 911 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।

18 अगस्त तक मौसम को लेकर क्या अलर्ट है?

  • मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 17 अगस्त तक बारिश और 18 अगस्त तक अपडेट दिया है।
  • अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
  • इसका मतलब है कि पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बना रह सकता है।
  • लोगों के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
  • खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही सड़कें, पेयजल योजनाएं और बिजली व्यवस्था प्रभावित हैं।

ओडिशा में किन जिलों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट है?

ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश तेज होने की चेतावनी है। बालासोर और भद्रक में बृहस्पतिवार सुबह भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। दोनों जिलों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, अंगुल, क्योंझर, मयूरभंज और ढेंकनाल में अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी और बिजली गिरने की आशंका भी है।

जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में क्या हाल है?

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, कठुआ और पुलवामा में भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन और जलभराव हुआ है। किश्तवाड़ में सड़क का एक हिस्सा बहने से गुलाबगढ़-मचैल मार्ग प्रभावित हुआ। कठुआ में भूस्खलन के कारण बनी-बसोहली मार्ग का टिकरी मोड़ बंद हो गया। पुलवामा के अवंतिपोरा में श्रीनगर-अनंतनाग मार्ग पर जलभराव के बाद यातायात रोकना पड़ा। उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के कारण मद्महेश्वर यात्रा सात अगस्त से अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

राजस्थान में बारिश ने क्या असर डाला है?

राजस्थान में भी मानसून सक्रिय है और कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। चित्तौड़गढ़ के बासी में 227 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। उदयपुर में उदय सागर बांध का जलस्तर 21 फीट से ऊपर पहुंचने पर दो गेट एक-एक फुट खोले गए। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की मुकुंदरा सुरंग में करीब एक फुट पानी भरने के कारण इसे बंद करना पड़ा। जयपुर समेत कई शहरों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

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