ईरान-US के बीच फिर शुरू हुई जंग! 80+ ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, तेहरान में कितना नुकसान?

ईरान-US के बीच फिर शुरू हुई जंग! 80+ ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, तेहरान में कितना नुकसान?

अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर बड़ा हमला बोला है। सेंटकॉम ने जानकारी दी कि उसने ईरान के 80 ठिकानों को निशाना बनाया। ऐसे में एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। वहीं, दूसरी ओर ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का जनाजा भी निकाला जा रहा है।

ईरानी तेल बिक्री की छूट भी खत्म

सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिका ने वह सामान्य लाइसेंस भी रद्द कर दिया है, जिसके तहत ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दी गई थी। अमेरिका ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की गतिविधियां ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ हैं और इनके गंभीर परिणाम होंगे। यह जानकारी द टाइम्स ऑफ इस्राइल ने दी है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अमेरिकी फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ईरानी तेल बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध हटाने का निर्णय वापस लेना 18 जून को हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुच्छेद-10 का स्पष्ट उल्लंघन है।

इराक से तेहरान लौटे राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन

इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन इराक से तेहरान लौट आए हैं। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, वह पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इराक के नजफ़ गए थे। IRNA के अनुसार, पेजेशकियन बुधवार तड़के नजफ से रवाना हुए और उनकी वापसी ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की।

 ‘कोई नागरिक हताहत नहीं’ 

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमलों के बाद कई स्थानों पर जोरदार विस्फोट हुए। क़ेश्म द्वीप, सीरिक और बंदर अब्बास के बंदरगाह क्षेत्रों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा बंदर अब्बास के शाहिद हक्कानी पोर्ट और सीरिक के घाट पर आग लगने की भी खबर है। वहीं, होर्मोज़गान प्रांत के गवर्नर कार्यालय के हवाले से बताया कि मंगलवार शाम अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में अब तक किसी भी नागरिक के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।  

अमेरिका का आरोप- तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला

अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले  एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के झंडे वाले एम/टी वेड्यान और लाइबेरिया के झंडे वाले M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमला किया। सेंटकॉम ने इन कथित हमलों को युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन बताते हुए कहा, ‘ईरानी बलों की यह अनुचित आक्रामकता युद्धविराम का स्पष्ट और खतरनाक उल्लंघन है और इससे समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता प्रभावित होती है।’ बयान में आगे कहा गया कि यदि समझौते का पालन नहीं किया गया तो सेंटकॉम की सेनाएं ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

भारत आ रहे जहाज पर भी हमले की खबर 

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एलएनजीसी अल रेकय्यात नाम का विशाल एलएनजी जहाज कतर के रास लफ्फान बंदरगाह से गुजरात के दहेज के लिए रवाना हुआ था। 7 जुलाई को अरब सागर और ओमान की खाड़ी के मिलन बिंदु के पास ट्रांजिट के दौरान जहाज पर संदिग्ध ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे काफी देर तक घना धुआं उठता रहा। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल किसी भी तरह के गैस या ईंधन रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। इस जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनमें चार भारतीय नाविक भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

अमेरिकी सेना के मुताबिक, हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार स्टेशनों, एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास संचालित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नौकाओं को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की अंतरराष्ट्रीय समुद्री जहाजों पर आगे हमले करने की क्षमता को कमजोर करना था।सेंटकॉम ने कार्रवाई की पुष्टि की

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमले 7 जुलाई को किए गए और इन्हें ‘होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों के तत्काल जवाब’ के तौर पर अंजाम दिया गया। सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने 7 जुलाई को ईरान के खिलाफ नए आक्रामक हमले पूरे किए। इस अभियान में सटीक हथियारों की मदद से 80 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के ताजा हमलों के तत्काल जवाब में की गई है।’

सेंटकॉम ने कार्रवाई की पुष्टि की

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमले 7 जुलाई को किए गए और इन्हें ‘होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों के तत्काल जवाब’ के तौर पर अंजाम दिया गया। सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने 7 जुलाई को ईरान के खिलाफ नए आक्रामक हमले पूरे किए। इस अभियान में सटीक हथियारों की मदद से 80 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के ताजा हमलों के तत्काल जवाब में की गई है।’

अमेरिका ने मंगलवार (स्थानीय समय) को ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई का नया दौर शुरू किया। अमेरिका ने 80 से अधिक ठिकानों पर सटीक हमले किए। वॉशिंगटन का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। वहीं, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी हमलों में अब तक किसी भी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।


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