शुरू होने के 22वें दिन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से टोल स्थगित, 4200 करोड़ के प्रोजेक्ट में मिलीं ये खामियां

शुरू होने के 22वें दिन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से टोल स्थगित, 4200 करोड़ के प्रोजेक्ट में मिलीं ये खामियां

लखनऊ-कानपुर के बीच शुरू हुए एक्सप्रेसवे से टोल फिलहाल खत्म कर दिया गया है। साथ ही इसे बनाने वाली कंपनी को  नॉन परफार्मिंग घोषित किया गया है।  लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों को टोल नहीं देना पड़ेगा। घटिया सड़क निर्माण के चलते मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इसके पूरा होने तक टोल फ्री रहेगा। इतना ही नहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया गया है तथा पूर्व परियोजना निदेशक साैरभ चाैरसिया को चार्जशीट दी गई है। निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया गया। थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया है।

दरअसल, बीती 13 जुलाई को लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस का उद्घाटन हुआ। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को बनाने पर नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई ने 42 साै करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये प्रति चार पहिया वाहन है। जोकि देश में सबसे महंगा है। पिछले बीस दिनों में एक्सप्रेसवे पर पांच जगहों पर सड़क धंस चुकी है। इससे एनएचएआई के साथ-साथ सरकार की भी किरकिरी हो रही थी। 

इसे लेकर बुधवार को गोमतीनगर स्थित एनएचएआई की लखनऊ यूनिट में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गाैतम विशाल ने बताया कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को लापरवाही के चलते हटाया गया है। उनकी जगह बरेली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरतन को लखनऊ की जिम्मेदारी साैंपी गई है। नकुल को मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके अलावा एनएचएआई के पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट दी गई है। इनके कार्यकाल के दौरान ही एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य हुआ था। 

सड़क धंसने के मामले में इससे पूर्व निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार तथा रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटाया गया। उन्हें दो साल के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय(मोर्थ), एनएचएआई तथा नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एनएचआईडीसीएल) की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

निर्माण एजेंसी को खर्च करने होंगे तीन करोड़

UP: Toll waived on Lucknow-Kanpur Expressway on 22nd day of opening; flaws found in this ₹4,200 crore dream pr
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत हो रही है।

क्षेत्रीय अधिकारी गाैतम विशाल ने आगे बताया कि एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को अयोग्य करार दिया गया है। इससे भविष्य में पीएनसी एनएचएआई के टेंडरों में हिस्सा नहीं ले पाएगी। साथ ही गारंटी जब्त करने, तीन साल तक उत्तरदायी कर्मचारियों पर प्रतिबंध और एजेंसी की रेटिंग डाउनग्रेड करने को लेकर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा एजेंसी को निर्देशित किया गया है अपने खर्च पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क के प्रभावित हिस्से की मरम्मत कराएं। एजेंसी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। साथ ही थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

आईआईटी विशेषज्ञ की निगरानी में तकनीकी जांच

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की जांच लेजर प्रोफिलोमीटर से की जा रही है। यह सतह, उसके खुरदरेपन आदि की करीने से जांच करती है। इसके अलावा आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में पेवमेंट विशेषज्ञों की एक टीम को विस्तृत तकनीकी जांच करने के लिए नियुक्त किया गया है। विशेषज्ञ टीम घटना के मूल कारणों का परीक्षण करेगी तथा उपयुक्त सुधारात्मक उपायों के बारे में बताएगी। टीम हफ्तेभर में रिपोर्ट देगी।

टोल फ्री, निर्माण एजेंसी से होगी भरपाई

UP: Toll waived on Lucknow-Kanpur Expressway on 22nd day of opening; flaws found in this ₹4,200 crore dream pr
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की उन्नाव में धंसी सड़क

क्षेत्रीय अधिकारी ने यह भी बताया कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क निर्माण कार्य जारी है। काम पूरा होने तक टोल कलेक्शन पूरी तरह बंद रहेगा। यात्री नि:शुल्क एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे होने वाले टोल राजस्व के नुकसान की वसूली निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक से वसूली जाएगी।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *