कोरोना काल में ट्रॉफियां बेचकर की थी मदद, अब 20 साल के गोल्फर अर्जुन भाटी को मिलेगा यूथ अवॉर्ड

कोरोना काल में ट्रॉफियां बेचकर की थी मदद, अब 20 साल के गोल्फर अर्जुन भाटी को मिलेगा यूथ अवॉर्ड

वर्ष 2020 में जब पूरी दुनिया और देश कोरोना महामारी से जूझ रहा था तब अर्जुन ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 4.30 लाख रुपये की राशि दान में दी थी। यह राशि उन्होंने अपनी 102 ट्रॉफियां और वह जूते, जिन्हें उन्होंने पहनकर जूनियर विश्व चैंपियनशिप जीती थी, बेचकर जुटाई थी।

गोल्फर अर्जुन भाटी की उम्र तो महज 20 साल है, लेकिन इस उम्र में उन्होंने गोल्फ कोर्स और उसके बाहर ऐसी उपलब्धियों को अंजाम दिया कि भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय यूथ अवॉर्ड देने का फैसला लिया। तीन बार के जूनियर विश्व गोल्फ चैंपियन अर्जुन 150 के करीब ट्रॉफियां जीत चुके हैं।

पीएम राहत कोष में दिए थे रुपये
वर्ष 2020 में जब पूरी दुनिया और देश कोरोना महामारी से जूझ रहा था तब अर्जुन ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 4.30 लाख रुपये की राशि दान में दी थी। यह राशि उन्होंने अपनी 102 ट्रॉफियां और वह जूते, जिन्हें उन्होंने पहनकर जूनियर विश्व चैंपियनशिप जीती थी, बेचकर जुटाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके इस प्रयास को सराहते हुए सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ की थी। अर्जुन को बुधवार को राष्ट्रीय यूथ अवॉर्ड दिया जाएगा।

राष्ट्रीय यूथ अवॉर्ड से सम्मानित होने पर भारतीय गोल्फर अर्जुन भाटी ने कहा, मैं इस पुरस्कार के लिए बहुत आभारी हूं और यह मेरे परिवार और मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मेरे प्रयासों ने फल दिया है। मैं नौ साल का था जब मैंने अपने स्कूल में पहली बार गोल्फ खेला था। मैं पिछले 11 सालों से खेल रहा हूं और यह यात्रा बहुत अच्छी रही है। मेरे सफर में मुझे बहुत से समर्थक मिले हैं। मुझे यह खेल बहुत पसंद है।

टाइगर वुड्स और विराट हैं आदर्श
अर्जुन बताते हैं कि वह इन दिनों ब्रिटिश ओपन की तैयारियों में जुटे हैं। बीते वर्ष भी वह इस चैंपियनशिप के क्वालिफायर में खेले थे, लेकिन एक स्ट्रोक से मुख्य टूर्नामेंट में खेलने से रह गए थे। टाइगर वुड्स और विराट कोहली को आदर्श मानने वाले अर्जुन ने नौ साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। वह ग्रेटर नोएडा स्थित जेपी ग्रींस गोल्फ कोर्स में रहते हैं।

अर्जुन ने कहा, टाइगर वुड्स बहुत लंबे समय से मेरी प्रेरणा रहे हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से विराट कोहली को पसंद करता हूं। मुझे उनके खेल के प्रति समर्पण, फिटनेस स्तर, काया और मानसिकता बहुत पसंद है। वह देश के सभी युवाओं के लिए बहुत प्रेरणादायक हैं। वह बहुत प्यारे और सच्चे इंसान हैं और उनका समर्थन मेरे लिए बहुत मायने रखता है। विराट कोहली फाउंडेशन कई अलग-अलग विषयों के लगभग 40 बच्चों की मदद करता है। उन्होंने देश के लिए जो कुछ किया है, मैं उसकी प्रशंसा करता हूं। मेरा भविष्य का लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक लाना है। मैं हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा हूं। 

ओलंपिक पदक जीतना है सपना
2016 में पहली बार जूनियर विश्व चैंपियन बनने वाले अर्जुन के मुताबिक यूथ अवॉर्ड उन्हें और अच्छा करने की प्रेरणा देगा। विराट कोहली फाउंडेशन 2019 से उनकी मदद कर रहा है। उनका सपना देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना है और इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

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