इस्राइल-हमास संघर्ष विराम के बीच आज रिहा होंगे 20 बंधक; शांति योजना के तहत वापस लौट रहे सैनिक

इस्राइल-हमास संघर्ष विराम के बीच आज रिहा होंगे 20 बंधक; शांति योजना के तहत वापस लौट रहे सैनिक

इस्राइल ने दावा किया है कि गाजा में बंद सभी जीवित बंधकों को सोमवार तक रिहा कर दिया जाएगा। संघर्ष विराम समझौते के तहत फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई और मानवीय सहायता भेजने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

इस्राइल ने रविवार को कहा कि गाजा पट्टी में बंद सभी जीवित बंधकों को सोमवार तक रिहा कर दिया जाएगा। यह कदम हमास के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते के तहत उठाया जा रहा है, जिसने दो साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की नई उम्मीद जगाई है। इस्राइल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जामीर ने कहा कुछ ही घंटों में हम सब फिर से एक साथ होंगे।

इस्राइल की ओर से बताया गया कि 20 जीवित बंधकों को रेड क्रॉस के हवाले किया जाएगा। उन्हें छह से आठ गाड़ियों के काफिले में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा। इस्राइली प्रवक्ता शोश बेड्रोसियन ने कहा कि इस बार बंधकों की अदला-बदली पहले की तरह सार्वजनिक मंचों पर नहीं की जाएगी। बंधकों की रिहाई के बाद उन्हें या तो सीधे अपने परिवारों से मिलाया जाएगा या आवश्यकता होने पर अस्पताल पहुंचाया जाएगा।

2000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा इस्राइल
इस्राइल ने घोषणा की है कि बंधकों की रिहाई के बाद वह लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को भी छोड़ने के लिए तैयार है। इनमें 250 लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, जबकि लगभग 1,700 लोग गाजा से बिना आरोप के हिरासत में लिए गए हैं।

इस्राइल के बंधक एवं लापता व्यक्तियों के समन्वयक गैल हिर्श ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय टास्क फोर्स 72 घंटों के भीतर उन बंधकों की खोज शुरू करेगी जिनके शव अब तक नहीं मिले हैं। कई बंधकों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

मध्य पूर्व की यात्रा पर डोनाल्ड ट्रंप
संघर्षविराम लागू होने के बाद पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्राइल और मिस्र की यात्रा के लिए रवाना हुए। ट्रंप इस समझौते का स्वागत करने और क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। फिलिस्तीन की ओर से भी उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार से सहायता सामग्री और मानवीय राहत गाजा के भुखमरी झेल रहे इलाकों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

रिहा होने वाले कई लोग दो दशक से जेल में बंद
इस्राइल जिन फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने जा रहा है और ये हमास और फतह गुट के सदस्य हैं, जिन्हें 2000 के दशक में गिरफ्तार किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिहाई के बाद इन लोगों को गाजा या फलस्तीनी क्षेत्र से बाहर निर्वासन में रहना होगा। रिहा किए जा रहे कैदियों में से एक इयाद अबू अल रब का नाम शामिल है। वह एक इस्लामिक जिहाद कमांडर है, जिसे 2003-2005 के बीच इस्राइल में आत्मघाती हमलों की योजना बनाने के आरोप में दोषी ठहराया गया। इसमें 13 लोग मारे गए थे। 

रिहा होने वालों में सबसे उम्रदराज और सबसे लंबे समय से जेल में बंद 64 वर्षीय समीर अबू नामा है, जो फतह के सदस्य है और उसे 1986 में गिरफ्तार किया गया था। अबू नामा को इस्राइल में विस्फोटक लगाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। रिहा किए जाने वाले कैदियों में सबसे कम उम्र का मोहम्मद अबू कतीश भी शामिल है। साल 2022 में जब उसे गिरफ्तार किया गया था, तब उसकी उम्र महज 16 साल थी। कतीश को इस्राइली नागरिक को चाकू मारने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। 

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