केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का नेतृत्व करेंगे। शाह इस महीने के अंत से चुनावी दौरे शुरू करेंगे और हर महीने तीन दिन राज्यों में प्रवास करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के बाद पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में रणनीति की कमान संभालेंगे। गृह मंत्री शाह अपने इस चुनावी अभियान की शुरुआत इस महीने के अंत में पश्चिम बंगाल के दौरे से करेंगे। इसके बाद वह चुनाव की अधिसूचना जारी होने तक हर महीने अन्य चुनावी राज्यों असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी कम से कम तीन दिनों का प्रवास करेंगे।
इन सभी चुनावी राज्यों में शाह की रणनीति बिहार के तर्ज पर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को सक्रिय करने और सहयोगी दलों के साथ साझा अभियान और ठोस संयुक्त रणनीति को अमली जामा पहनाने की है। इन राज्यों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगी।
क्षेत्रवार कार्यकर्ता बैठक
बंगाल में कमल खिलाने के लिए शाह बिहार फाॅर्मूले को ही आजमाएंगे। उनकी रणनीति कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्रवार बैठकें करने, बूथ कार्यकर्ताओं से अलग से सीधा संवाद करने, क्षेत्र के अनुरूप स्थानीय स्तर की रणनीति बनाने की होगी। बिहार की तर्ज पर ही शाह बंगाल प्रवास के दौरान संगठन के कील कांटे दुरुस्त करने के लिए संगठनात्मक बैठक में वर्तमान राजनीति स्थिति की समीक्षा करेंगे। इस दौरान रणनीतिक बैठकें भी होंगी, जिसमें चुनाव प्रचार के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दे तय किए जाएंगे।
साझा अभियान-संयुक्त रणनीति
बिहार की तर्ज पर ही भाजपा असम, केरल, तमिलनाडु में सहयोगियों के साथ साझा रणनीति और साझा अभियान चलाएगी। इस क्रम में बिहार में भाजपा ने कार्यकर्ताओं को एनडीए को जिताने का लक्ष्य दिया था। बूथ कमेटियों और प्रबंधन में सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया था। इसके अलावा संयुक्त प्रचार की सफल रणनीति तैयार की थी।



