चोरबागान भगदड़ में 19 की मौत, दुर्गा पूजा में भीड़ संभालने के लिए नौ आईपीएस तैनात

चोरबागान भगदड़ में 19 की मौत, दुर्गा पूजा में भीड़ संभालने के लिए नौ आईपीएस तैनात

कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों ने जान गंवाई है। 25 लोग घायल भी हुए हैं। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भगदड़ की जांच के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति, पीएम मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हताहतों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं जताई हैं।

भगदड़ में छाती पर दबाव से दम घुटने की आशंका से हुई ज्यादातर मौतें

भगदड़ के दौरान मारे गए 19 लोगों में से ज्यादातर की मौत छाती पर अत्यधिक दबाव पड़ने से दम घुटने के कारण होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह जानकारी दी। रिपोर्ट में कुछ मृतकों के फेफड़े, पेट, लिवर और अग्न्याशय जैसे अंगों के साथ सिर में गंभीर चोटों के संकेत भी मिले हैं। अधिकारी के मुताबिक, सात लोगों की मौत दम घुटने और कई अंगों में चोट लगने के कारण होने की आशंका है। कम से कम छह मामलों में पसलियां टूटकर फेफड़ों में धंस गई थीं। अधिकारी ने बताया कि भीड़ में अत्यधिक दबाव के कारण छाती फैल नहीं पाती और सांस लेने में परेशानी होती है। गंभीर स्थिति में इससे मौत भी हो सकती है। कुल 19 मृतकों में से 18 का पोस्टमार्टम कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में, जबकि एक का नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में किया गया। शुरुआती रिपोर्टों में अंदरूनी अंगों के फटने और रक्तस्राव का भी उल्लेख है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

दुर्गा पूजा के दूसरे दिन कोलकाता में यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने साल्ट लेक स्थित राज्य पुलिस के यातायात नियंत्रण कक्ष और लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। यह समीक्षा कोलकाता के एक प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने के एक दिन बाद की गई। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ यातायात व्यवस्था, निगरानी तंत्र और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। लालबाजार में उन्होंने सीसीटीवी के जरिए प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास भीड़ और यातायात की स्थिति देखी। अधिकारी ने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार व्यवस्था में बदलाव कर रही है। मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

दुर्गा पूजा में भीड़ संभालने के लिए नौ आईपीएस अधिकारी तैनात

पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के एक दिन बाद भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को सौंपी है। अधिकारियों को त्योहार के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करने और ऐसी घटना दोबारा होने से रोकने के लिए तैनात किया गया है। कोलकाता पुलिस ने प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 11 बिंदुओं वाली एडवाइजरी जारी की है। इसमें बारिश के दौरान पंडालों के प्रवेश द्वार बंद करने और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी स्थल नहीं छोड़ने, पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने और भीड़ के अनुसार लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने को कहा गया है। वीआईपी वाहनों को पंडालों तक जाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिसकर्मियों को पूजा समितियों के स्वयंसेवकों के साथ समन्वय करने और रस्सियां, बैरिकेड व लाउडस्पीकर तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आरोपियों को 28 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत

भगदड़ के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने 28 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों के वकील एमडी यासिम रहमान ने बताया कि पुलिस ने हिरासत एक नवंबर तक देने की मांग की थी, लेकिन न्यायाधीश ने 28 अक्तूबर तक की अनुमति दी। वकील ने अदालत में दलील दी कि आरोपी बाहरी थे और दुर्गा पूजा देखने आए थे। उनके मुताबिक, भारी भीड़ और लोगों को परेशान देखकर आरोपियों ने बचाव कार्य में मदद करने की कोशिश की थी। हालांकि, यह आरोपियों के वकील का पक्ष है।

भगदड़ के बाद दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांच शुरू

भगदड़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। शनिवार शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा इंतजामों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की। समिति ने रविवार को कोलकाता के प्रमुख सामुदायिक पूजा पंडालों का दौरा शुरू किया। इसमें आपदा प्रबंधन सचिव राजेश कुमार सिंह और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा शामिल हैं।

सीएम शुभेंदु ने जारी किए पुलिस को सुरक्षा संबंधी निर्देश

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ”बीएनएस के प्रावधानों के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वे पुलिस हिरासत में हैं। मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जा रहे हैं। भगदड़ में घायल हुए 25 लोगों में से दो फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”26 अक्तूबर को विजय सम्मिलनी कार्यक्रम के दौरान हम हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों को श्रद्धांजलि देंगे। इसी कार्यक्रम में घायलों के 25 परिजनों को भी 25-25 लाख रुपये के चेक सौंपे जाएंगे।” सीएम अधिकारी ने कहा, ”मैंने पुलिस को निर्देश दिया है कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था की जाए और स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।”

सीएम शुभेंदु बोले- मामला दर्ज हो चुका है, परिवारों को आठ से नौ शव सौंपे जा चुके हैं

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “शुरुआती कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और आगे कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, हमारी पहली प्राथमिकता पोस्टमार्टम कराने और मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपने की थी। अब तक आठ से नौ शव परिवारों को सौंपे जा चुके हैं।”

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पुलिस-प्रशासन पर उठाए सवाल

दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर टीएमसी (ममता गुट) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, ”मैंने बचपन से लेकर अब तक ऐसी घटना कभी नहीं देखी। यह कुप्रबंधन का नतीजा है। यहां पूरी तरह से कुप्रबंधन हुआ है। आपने देखा कि परिसर के अंदर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। पंडाल की संरचना इस तरह बनाई गई थी कि बाहर ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने की जगह ही नहीं थी। वहां एक ऊंचा गलियारा भी बनाया गया था। मुझे समझ नहीं आता कि पुलिस ने इसकी अनुमति क्यों दी। पूरी व्यवस्था भीड़ प्रबंधन की जरूरतों के अनुरूप नहीं थी। पुलिस क्या कर रही थी? वहां एक भी पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं था।”

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