चंदाैली में आयेाजित कार्यक्रम को लेकर शहर में विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 17 जनवरी को चंदौली जिले में न्यायिक इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इस दिन न केवल चंदौली बल्कि उत्तर प्रदेश के छह जनपदों—चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया के एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास एक ही मंच से किया जाएगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।
जिला मुख्यालय चंदौली में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में है। वीवीआईपी आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार की सुबह डीआईजी वाराणसी वैभव कृष्ण, एडीजी पीयूष मोर्डिया, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे और अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चन्द्रशेखर ने कार्यक्रम स्थल और आगमन मार्गों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पार्किंग और आपात सेवाओं की समीक्षा की। शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
286 करोड़ की लागत से बनेगा चंदौली का न्यायालय भवन
चंदौली में बनने वाला जिला न्यायालय भवन लगभग 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगा। यह 9 मंजिला अत्याधुनिक भवन होगा, जिसमें 37 न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुसज्जित चैंबर, भव्य सभागार, पार्क, फूड कोर्ट और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था होगी। यह भवन न केवल वादकारियों और अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देगा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक तेज और सुगम बनाएगा।
ऑनलाइन माध्यम से होगा अन्य जिलों का शिलान्यास
एडीजी पीयूष मोर्डिया ने बताया कि चंदौली में होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान अन्य पांच जिलों—महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—के एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।उन्होंने कहा कि अतिथियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।



