फीफा विश्व कप 2026 के 11वें दिन कई बड़े उलटफेर और यादगार प्रदर्शन देखने को मिले। स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 से हराकर नॉकआउट चरण में जगह लगभग पक्की कर ली, जबकि विश्व कप की पहली बार प्रतिभागी टीम केप वर्डे ने उरुग्वे को 2-2 से रोककर एक और बड़ा कारनामा कर दिखाया। वहीं ईरान ने पूरे दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही बेल्जियम टीम के खिलाफ 0-0 की बराबरी हासिल की।
फीफा विश्व कप 2026 का 11वां दिन फुटबॉल फैंस के लिए यादगार साबित हुआ। एक ओर स्पेन ने शुरुआती झटके से उबरते हुए अपने असली रंग दिखाए और सऊदी अरब को एकतरफा मुकाबले में ध्वस्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर छोटे से अफ्रीकी द्वीपीय देश केप वर्डे ने लगातार दूसरे मैच में दुनिया को चौंका दिया। स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोकने वाली इस टीम ने अब दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को भी जीत से वंचित कर दिया।
इसके अलावा बेल्जियम और ईरान के बीच मुकाबला बिना गोल के समाप्त हुआ, लेकिन यह मैच कई मायनों में चर्चा का केंद्र रहा। बेल्जियम को रेड कार्ड झेलना पड़ा, फिर भी ईरान अतिरिक्त खिलाड़ी का लाभ नहीं उठा सका। वहीं, मिस्र ने न्यूजीलैंड को हराकर फीफा विश्वकप में अपनी पहली जीत दर्ज की। मिस्र की जीत में मोहम्मद सालाह की अहम भूमिका रही। उन्होंने इस विश्वकप में गोल का खाता खोला।
फीफा विश्वकप : स्पेन की धमाकेदार वापसी, सऊदी अरब को 4-0 से रौंदा
पहले मैच में केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलने के बाद स्पेन पर दबाव था। आलोचकों ने टीम की आक्रामकता और फिनिशिंग क्षमता पर सवाल उठाए थे। लेकिन अटलांटा में सऊदी अरब के खिलाफ मैदान पर उतरी स्पेनिश टीम पूरी तरह बदली हुई नजर आई।
यमाल ने बदली मैच की तस्वीर
- 10वें मिनट में यमाल ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल दागते हुए स्पेन को बढ़त दिलाई। यह गोल उनके लिए खास था क्योंकि पिछले मुकाबले में वह प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे।
- 18 वर्षीय स्टार लामिन यमाल की वापसी ने स्पेन को नई ऊर्जा दी। मैच के शुरुआती मिनटों से ही यामाल ने अपनी ड्रिब्लिंग और रफ्तार से सऊदी रक्षा पंक्ति को परेशान करना शुरू कर दिया।
ओयारजाबाल ने आलोचकों को दिया जवाब
- 30वें मिनट में मिकेल ओयारजाबाल ने स्पेन की बढ़त दोगुनी कर दी। कॉर्नर से मिले मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने गेंद को जाल में पहुंचाया।
- इसके सिर्फ तीन मिनट बाद ओयारजाबाल ने दूसरा गोल दाग दिया। यह गोल स्पेन की शानदार टीमवर्क का नतीजा था और पूरे टूर्नामेंट के सबसे खूबसूरत गोलों में शामिल किया जा सकता है।
दूसरा हाफ भी स्पेन के नाम
- ब्रेक के बाद स्पेन ने चौथा गोल भी हासिल कर लिया। दानी ओल्मो के प्रयास के बाद गेंद सऊदी डिफेंडर हसन अलतांबाक्ती से टकराकर गोल में चली गई और स्कोर 4-0 हो गया। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मुकाबले को आराम से अपने नाम कर लिया।
- इस जीत के साथ स्पेन के चार अंक हो गए हैं और उसने नॉकआउट चरण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिया है। वहीं सऊदी अरब सिर्फ एक अंक के साथ मुश्किल स्थिति में पहुंच गया है।
केप वर्डे ने फिर रचा इतिहास, उरुग्वे को 2-2 से रोका
- अगर विश्व कप 2026 की सबसे बड़ी कहानी तलाशनी हो तो वह निश्चित रूप से केप वर्डे है।
- विश्व कप में पहली बार खेल रही इस छोटी अफ्रीकी टीम ने पहले स्पेन को रोका और अब उरुग्वे को भी जीत नहीं लेने दी।
विश्व कप इतिहास का पहला गोल
- 21वें मिनट में केविन पीना ने शानदार फ्री-किक पर गोल दागकर इतिहास रच दिया। यह केप वर्डे का विश्व कप इतिहास में पहला गोल था। गोल होते ही स्टेडियम में मौजूद केप वर्डे समर्थकों के बीच जश्न की लहर दौड़ गई।
- पहले गोल के बाद उरुग्वे ने अनुभव का परिचय दिया। मैक्सी अराउजो और अगुस्टिन कानोब्बियो ने कुछ ही मिनटों के अंतराल में गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। हाफ टाइम तक ऐसा लग रहा था कि उरुग्वे मुकाबला आसानी से जीत लेगा।

वरेला बने सुपर सब
दूसरे हाफ में मैदान पर आए हेलियो वरेला ने मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा को लाइन से काफी आगे देखकर शानदार शॉट लगाया और गेंद सीधे गोल में पहुंच गई। यह उनका अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल भी था। गोल के बाद वरेला का जश्न पूरे विश्व कप के सबसे यादगार दृश्यों में शामिल हो गया।
40 साल के गोलकीपरों का रिकॉर्ड
यह मुकाबला एक अनोखे रिकॉर्ड के लिए भी याद रखा जाएगा। पहली बार विश्व कप के किसी मैच में दोनों शुरुआती गोलकीपरों की उम्र 40 वर्ष से अधिक थी। केप वर्डे के वोजिन्हा 40 वर्ष के हैं, जबकि उरुग्वे के फर्नांडो मुस्लेरा भी हाल ही में 40 साल के हुए हैं।



