जेन-जी का गुस्सा: कहीं बस चलवाई तो कहीं फीस कम कराई, जलभराव ने जब रोकी राह तो नगर निगम में पाठशाला लगाई

जेन-जी का गुस्सा: कहीं बस चलवाई तो कहीं फीस कम कराई, जलभराव ने जब रोकी राह तो नगर निगम में पाठशाला लगाई

जेन-जी का गुस्सा अब पेपर लीक होने तक सीमित नहीं है। अव्यवस्थाओं के खिलाफ भी उनका आक्रोश चरम पर है। जेन-जी का गुस्सा अब पेपर लीक होने तक सीमित नहीं है। अव्यवस्थाओं के खिलाफ भी उनका आक्रोश चरम पर है। यमुनानगर में बसों की कमी से परेशान होकर जब चार दिन में दो बार जाम लगाया तो बस मिल गई। रुड़की में जलभराव से परेशान छात्रों ने नगर निगम को आड़े हाथों लिया तो हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन के बाद 10 फीसदी फीस कम करनी पड़ी।

यमुनानगर: दो दिन लगाया जाम तो  गांव तक बस चलाने की मांग मानी 
बसों की कमी और अनियमित संचालन से परेशान छात्राओं ने शुक्रवार को सुबह 9 बजे गुलाब नगर-साढौरा मार्ग पर पाबनी अड्डे के पास सड़क पर बैठ गईं। मानव शृंखला बनाकर रास्ता रोक दिया। जाम की सूचना मिलते ही रोडवेज विभाग सक्रिय हुआ। अपना एक प्रतिनिधि मौके पर भेजा। शनिवार से ही एक अतिरिक्त बस चलाने का आश्वासन मिलने के बाद यातायात बहाल हो गया। चार दिन पहले भी जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया था। छात्राओं का कहना था कि पाबनी-साढौरा रूट पर करीब 15 से 20 गांव आते हैं। लेकिन पर्याप्त बसें न होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बस चलने से सुधार होगा। 

रुड़की: जलभराव ने रोका स्कूल का रास्ता, नगर निगम में लगाई पाठशाला
कृष्णानगर की सड़कों पर जलभराव जब पढ़ाई में रुकावट बना तो बच्चों ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शुक्रवार को स्काइवार्ड स्कूल के छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक तीन बसों में सवार होकर सीधे नगर निगम पहुंच गए। यहां नगर आयुक्त के कक्ष को स्कूल में बदल दिया गया। ब्लैकबोर्ड लगाया गया। बच्चे कतार में बैठे और शिक्षकों ने पढ़ाना शुरू कर दिया। नगर निगम में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला। बढ़ते दबाव के बीच निगम अधिकारियों ने क्षेत्र में टैंकर भेजकर पानी निकालने की कार्रवाई शुरू कराई। स्कूल प्रबंधन ने साफ कहा कि उन्हें स्थायी समाधान चाहिए। 

शिमला: आंदोलन के आगे एचपीयू प्रशासन झुका,10 फीसदी घटाई फीस
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विवि प्रशासन ने फीस में दस फीसदी तक की कटौती करने का फैसला लिया है। नई दरों को लेकर शुक्रवार को अधिसूचना भी जारी कर दी है। विश्वविद्यालय ने सामान्य फीस में 10 फीसदी कटौती के साथ तीन शुल्कों में भी संशोधन किया है। स्नातक पुनर्मूल्यांकन शुल्क 1,000 से घटाकर 500 रुपये कर दिया है। स्नातकोत्तर पुनर्मूल्यांकन शुल्क 1,200 से घटाकर 600 रुपये और सुधार शुल्क 1,200 से घटाकर 800 रुपये कर दिया है। छात्रावास शुल्क में की गई 25 फीसदी बढ़ोतरी पूरी तरह वापस होगी। 



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