होर्मुज बंद है या खुला: अमेरिकी जहाजों पर हमला करने के बाद क्या बोला ईरान? ट्रंप के दावे पर भी किया पलटवार

होर्मुज बंद है या खुला: अमेरिकी जहाजों पर हमला करने के बाद क्या बोला ईरान? ट्रंप के दावे पर भी किया पलटवार

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के दावों में टकराव बढ़ गया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के होर्मुज के खुले होने के दावे को बहुत बड़ा झूठ बताया है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद है और जल्द ही इसके बाहर भी नया प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र घोषित किया जाएगा। आखिर ईरान ऐसा कदम क्यों उठा रहा है और इसका असर कितना बड़ा होगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं.

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को सीधे खारिज किया है। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी से बातचीत में रजाई ने कहा कि होर्मुज पूरी तरह बंद है और ट्रंप का यह कहना कि जलडमरूमध्य खुला है, ‘बहुत बड़ा झूठ’ है। उनके मुताबिक जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित रह गई है। रजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका अगर ईरान को धमकी देना या उस पर हमला करना बंद कर देता है, तो ईरान होर्मुज को खुला रखने के लिए तैयार होगा।

पहले कितने जहाज गुजरते थे और अब क्या स्थिति है?

  • रजाई ने कहा कि होर्मुज बंद किए जाने से पहले इस रास्ते से 100 से ज्यादा जहाज गुजरते थे। इन जहाजों के जरिये 10 करोड़ टन से ज्यादा सामान का परिवहन होता था। 
  • अब उनके दावे के मुताबिक केवल सात से आठ जहाज ही इस क्षेत्र से गुजर रहे हैं और इनमें ईरान की जरूरी वस्तुएं ले जाने वाले जहाज शामिल हैं। 
  • उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका से जुड़े कुछ जहाज चोरी-छिपे इस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करते हैं, जिन्हें ईरानी बल पहचानकर निशाना बनाते हैं। 
  • रजाई के अनुसार अमेरिका पांच से छह जहाजों को इस क्षेत्र से निकालने की कोशिश करता है और इन पर हमला किया जाता है।

ईरान होर्मुज के बाहर नया प्रतिबंधित क्षेत्र क्यों बना रहा है?

रजाई ने कहा कि आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा। उनके मुताबिक यह क्षेत्र उस जगह से शुरू होगा, जिसे ईरान अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की रेखा बता रहा है और यह फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि नए घोषित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को प्रतिबंधों की सूची में डाल दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि ईरान की ओर से समुद्री आवाजाही पर लगाई जा रही पाबंदियां केवल होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित नहीं रह सकती हैं।

ईरान ने अमेरिकी जहाजों को डुबोने से परहेज क्यों किया?

मोहसिन रजाई ने दावा किया कि ईरान अमेरिकी तस्करी वाले जहाजों को देख रहा है और उन्हें नष्ट भी कर रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान ने इन जहाजों को डुबाने का फैसला नहीं किया है। उनका तर्क है कि इन जहाजों में तेल होता है और उनके डूबने से क्षेत्र के पर्यावरण को नुकसान हो सकता है। रजाई के मुताबिक ईरान ने कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने के लिए चिह्नित किया था, लेकिन कुछ स्थानों पर जानबूझकर हमला नहीं किया गया। इनमें जॉर्डन का टाइटन बेस और इरबिल में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकाने शामिल हैं।

अमेरिका के साथ तनाव में होर्मुज इतना अहम क्यों है?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यहां जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। रजाई ने कहा कि होर्मुज को खुला रखने का भविष्य सीधे तौर पर अमेरिका के सैन्य रवैये से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका ईरान को धमकी देता रहेगा या उस पर हमला करेगा, तब तक स्थिति सामान्य नहीं होगी। इस बीच नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की चेतावनी से फारस की खाड़ी में समुद्री यातायात को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।

लेबनान और हिजबुल्ला को लेकर ईरान ने क्या कहा?

  • मोहसिन रजाई ने लेबनान और हिजबुल्ला के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि युद्ध को केवल जीत और हार की लगातार श्रृंखला के रूप में नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक युद्ध में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
  • रजाई ने दावा किया कि इस्राइली बलों के लगातार सैन्य दबाव के बावजूद पूरे संघर्ष के दौरान लेबनान के हिजबुल्ला का पलड़ा भारी रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति को समझने के लिए केवल अलग-अलग हमलों के नतीजों को देखना पर्याप्त नहीं है।

ईरान के नए कदम से आगे क्या बदल सकता है?

ईरान की ओर से होर्मुज के बाहर नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की घोषणा तनाव को एक नए स्तर पर ले जा सकती है। अभी रजाई के बयानों के अनुसार ईरान एक तरफ होर्मुज को अमेरिकी हमलों और धमकियों से जोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उन समुद्री इलाकों में भी प्रतिबंध बढ़ाने की तैयारी कर रहा है जिन्हें वह अपने सुरक्षा हितों से जुड़ा मानता है। नए क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों को प्रतिबंध सूची में डालने की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होर्मुज और फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

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