हरियाणा के पानीपत में अस्पताल की शर्मनाक करतूत सामने आई है। यहां पैर की हड्डी टूटने पर एक महिला भर्ती हुई थी। डॉक्टरों ने दिल की नसें ब्लॉक बताकर स्टंट डाल दिया। महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड से पैसे निकालने के लिए ऑपरेशन किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि जांच में हृदय की दो नसें ब्लॉक मिली थी, परिजनों की सहमति से ऑपरेशन किया था।
पैर की हड्डी टूटने पर भर्ती कराई गई 42 वर्षीय महिला गुड्डी देवी की पानीपत जिले के पार्क हॉस्पिटल में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने पैर का ऑपरेशन करने के बजाय बिना उनकी सहमति दिल में स्टंट डाल दिए। उनका दावा है कि इसी के बाद महिला की मौत हुई।
शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने पार्क हॉस्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी, लापरवाही के कारण मृत्यु व धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उधर अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
कानपुर देहात के काशीपुर रसूलाबाद निवासी कुलदीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी मां गुड्डी देवी और पिता भगवानदीन गाजियाबाद में रहते थे। 21 जुलाई को स्कूटी की टक्कर से उनकी मां के पैर की हड्डी टूट गई थी। 24 जुलाई को उन्हें पानीपत के जीटी रोड स्थित पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने पैर का ऑपरेशन करने की बात कही थी। कुलदीप का आरोप है कि शनिवार को डॉक्टरों ने परिवार को बताए बिना यह कहकर उनकी मां के दिल की नसों में स्टंट डाल दिए कि नसें ब्लॉक हैं। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उनका आरोप है कि ऑपरेशन से पहले न तो परिवार से चर्चा की गई और न ही कोई सहमति ली गई।
अस्पताल में हुआ खेल…मैं अंगूठा लगाता हूं, अंग्रेजी में कर दिए हस्ताक्षर
मृतक के पति भगवानदीन ने बताया कि वह और उनका बेटा सुरजीत अनपढ़ है। वह अंगूठा लगाते हैं। जब डॉक्टरों ने कागज पर हस्ताक्षर के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने खुद ही उनके व बेटे सुरजीत के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए।
हस्ताक्षर भी अंग्रेजी में किए हैं। बेटे कुलदीप का आरोप है कि उनकी मां का आयुष्मान कार्ड बना हुआ था। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से ही पैसे देने की बात कही थी। ज्यादा पैसे बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने उनकी मां के दिल की नसों में स्टंट डाल दिए।
दो नसें ब्लॉक थी, सहमति से किया था ऑपरेशन
पार्क अस्पताल की सीईओ सपना ने कहा कि महिला के पैर का ऑपरेशन करने से पहले उनकी फिटनेस की जांच की गई थी। हृदय की जांच में कुछ दिक्कत आई तो एंजियोग्राफी की गई। इसमें पता चला था कि दो नसें पूरी तरह से ब्लॉक हैं। परिवार की सहमति के बाद स्टंट डाले गए थे। परिजनों के कहने पर ही उनके नाम सहमति पत्र पर लिखे थे। आईसीयू में हृदयगति रुकने से मौत हुई।
परिजनों की शिकायत के आधार पर पार्क अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अभी डाॅक्टर का नाम एफआईआर नहीं लिखा गया। बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-सुभाष, प्रभारी थाना सेक्टर-29।



