‘तेजस्वी के पास दो वोटर ID, तो समर्थकों के पास कितनी होंगी?’, JDU सांसद संजय झा का तंज

‘तेजस्वी के पास दो वोटर ID, तो समर्थकों के पास कितनी होंगी?’, JDU सांसद संजय झा का तंज

जदयू सांसद संजय झा ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला कर कहा कि जब एक बड़ा नेता खुद दो EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) रखता हो, तो फिर बाकी लोगों की स्थिति पर भी संदेह होना स्वाभाविक है।

बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जदयू सांसद संजय कुमार झा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब विपक्ष के नेता के पास ही दो वोटर आईडी कार्ड हो सकते हैं, तो उनके समर्थकों के पास कितनी होंगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

‘बिहार में कोई जमीनी समस्या नहीं, लेकिन…’
सांसद संजय झा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया बिहार में सामान्य रूप से चल रही है और जमीन पर किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब एक बड़ा नेता खुद दो EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) रखता हो, तो फिर बाकी लोगों की स्थिति पर भी संदेह होना स्वाभाविक है।

तेजस्वी पर दो वोटर आईडी रखने की शिकायत, जांच की मांग
तेजस्वी यादव के खिलाफ कुछ दिन पहले पटना के दीघा थाना में एक अधिवक्ता राजीव रंजन ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पास दो अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र हैं। शिकायतकर्ता ने इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद यह राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

‘नाम मतदाता सूची से गायब, कैसे लड़ूंगा चुनाव?’
इससे पहले तेजस्वी यादव ने खुद ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका EPIC नंबर बदल दिया गया है, जिससे वे आगामी चुनाव में नामांकन तक नहीं कर पाएंगे। उन्होंने इस गड़बड़ी को चुनाव आयोग की लापरवाही करार दिया था। तेजस्वी ने कहा था कि मेरे पास वैध EPIC नंबर है, लेकिन मेरा नाम मतदाता सूची में नहीं है। ऐसे में मैं चुनाव कैसे लड़ूं?

चुनाव आयोग ने मांगी जानकारी, रिकॉर्ड में नाम मिला
तेजस्वी के आरोपों के बाद पटना के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर ने उनसे उनके EPIC कार्ड की जानकारी मांगी, ताकि मामले की सही तरीके से जांच की जा सके। हालांकि जब अधिकारियों ने रिकॉर्ड की जांच की तो तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में पाया गया, जिससे उनके आरोपों पर सवाल उठने लगे।

‘तेजस्वी की चोरी पकड़ी गई’
जदयू ने इस पूरे मामले पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि तेजस्वी यादव की चोरी अब पकड़ी जा चुकी है। पार्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि कभी नाम कटने का ड्रामा, कभी EPIC नंबर को लेकर झूठ, अब तेजस्वी और विपक्ष की पूरी स्क्रिप्ट एक्सपोज हो गई है।

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