क्या ईरान पर ट्रंप की धमकियां बेअसर? IRGC बोली- सेना ने अमेरिकी-इस्राइली ठिकानों पर हमले किए

क्या ईरान पर ट्रंप की धमकियां बेअसर? IRGC बोली- सेना ने अमेरिकी-इस्राइली ठिकानों पर हमले किए

क्या ईरान पर ट्रंप की धमकियां बेअसर हो गई है?? ये सवाल इसलिए मौजूं है क्योंकि बीते करीब 39 दिन से जारी हिंसक संघर्ष के बावजूद ईरान अमेरिका या इस्राइल के सामने झुकने या समझौता करने को तैयार नहीं है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें धमकियों की परवाह नहीं है। अमेरिका के साथ-साथ इस्राइली ठिकानों पर भी हमले जारी हैं।

ईरान ने कहा है कि उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का कोई असर नहीं होगा। देश की सरकारी मीडिया पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सेना- आईआरजीसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को ‘आधारहीन’ बताया है। ईरान की सेना ने कहा है कि ट्रंप की धमकियों से अमेरिका और इस्राइली सुरक्षाबलों के खिलाफ जारी आक्रामक कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी। ईरान के मुताबिक धमकियों से पश्चिम एशिया में हुआ अमेरिका का अपमान नहीं मिटेगा।

क्या ईरान पर ट्रंप की धमकियां बेअसर? ईरानी सेना के प्रवक्ता ने क्या कहा?

आईआरजीसी के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता- इब्राहिम जोल्फाघारी ने दावा किया कि इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना बलों ने इस्राइली कंटेनर जहाज एसडीएन 7 पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। इस हमले से जहाज में बड़ी आग लग गई और वह नष्ट हो गया। अमेरिकी हमलावर जहाज एलएचए-7 भी दोनों पक्षों के बीच हुई भारी गोलाबारी की चपेट में आया।

रासायनिक संयंत्रों पर भी हमला
ईरानी सेना का कहना है कि उसके हमले के कारण अमेरिकी जहाजों को हिंद महासागर में पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने उत्तरी और दक्षिणी तेल अवीव के प्रमुख स्थलों को निशाना बनाया। हाइफा के रणनीतिक केंद्रों और बीर शेवा के रासायनिक संयंत्रों पर भी हमला किया गया। आईआरजीसी के मुताबिक सेना ने पेता टिकवा में इस्राइली सैनिकों की एक टुकड़ी पर भी बैलिस्टिक मिसाइलों से सटीक हमला किए जाने का दावा किया।

अमेरिकी ठिकानों पर हमले
आईआरजीसी के मुताबिक ईरानी सेना की कार्रवाई- ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस चार के 98वें चरण में दो बार हमले किए गए। कुवैत में अमेरिकी अल-अदैरी बेस पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। इससे हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ अमेरिकी सैनिकों के आवास नष्ट हो गए। इराकी इस्लामी रेजिस्टेंस ने बगदाद में अमेरिकी विक्टोरिया बेस के कमांड और कंट्रोल सेंटर को भी निशाना बनाया।

राष्ट्रपति डोनाल्डट्रंप का अल्टीमेटम
ईरानी सेना के प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद आई है। ट्रंप ने कहा था कि ईरान को एक ही रात में ‘मिटाया जा सकता है।’। उन्होंने स्थानीय समय के मुताबिक ईरान को मंगलवार रात आठ बजे तक समझौता करने का अल्टीमेटम भी दिया था। ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर तय समय के भीतर ईरान समझौते के लिए सहमत नहीं होता है तो उसके बाद अमेरिका इतना भयानक हमला करेगा, जिसमें कोई पुल और बिजली संयंत्र नहीं बचेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अड़चनों के कारण प्रभावित हो रही वैश्विक आपूर्ति और ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए होर्मुज को मंगलवार रात आठ बजे की समय सीमा से पहले खोलने को कहा है।

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