प्रधानमंत्री नेतन्याहू के ऑफिस ने बयान जारी कर रहा कि इस्राइल ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण को लागू करने के लिए तैयार है। इसके लिए वे ट्रंप और उनकी टीम के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि जंग खत्म हो।
पश्चिम एशिया में पिछले कई महीनों से जारी संघर्ष खत्म होता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दखल के बाद इस्राइल गाजा संघर्ष को खत्म करने की तैयारी कर रहा है। इस्राइल का कहना है कि वह गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप की योजना के ‘पहले चरण’ को लागू करने की तैयारी कर रहा है।
ट्रंप की योजना लागू करने के लिए नेतन्याहू तैयार
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इस्राइल गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना के पहले चरण को लागू करने पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि इस्राइल युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप के साथ पूरी तरह सहयोग करेगा और उनकी योजना के सिद्धांतों के अनुरूप आगे बढ़ेगा।
बंधकों को छोड़ने के लिए तैयार हुआ हमास
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस्राइल को गाजा पर बमबारी रोकने का आदेश दिया था। इससे पहले हमास ने घोषणा की थी कि वह युद्ध समाप्त करने की इस योजना को स्वीकार करता है और 7 अक्टूबर 2023 के हमले में बंधक बनाए गए सभी शेष लोगों को रिहा करने के लिए तैयार है। हमास ने यह भी संकेत दिया कि वह सत्ता अन्य फिलिस्तीनियों को सौंपने को राजी है, लेकिन योजना के कुछ हिस्सों पर फिलिस्तीनी समूहों के बीच और परामर्श की जरूरत होगी। वरिष्ठ हमास नेताओं ने स्वीकार किया कि अब भी बड़े मतभेद मौजूद हैं जिन पर आगे बातचीत की आवश्यकता है।
हमास ने कहा कि वह प्रस्ताव के फॉर्मूला के अनुसार बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है, संभवत: इसमें फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई शामिल है। साथ ही, उसने लंबे समय से अपनाई गई नीति के अनुसार सत्ता को एक राजनीतिक रूप से स्वतंत्र फिलिस्तीनी निकाय को सौंपने की अपनी तत्परता दोहराई। लेकिन गाजा पट्टी के भविष्य और फिलिस्तीनी अधिकारों से जुड़े कुछ पहलुओं पर सभी फिलिस्तीनी समूहों की सर्वसम्मत राय और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
‘यह सिर्फ गाजा नहीं, पूरे पश्चिम-एशिया के लिए शांति’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास के शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने के फैसले पर संतोष व्यक्त किया। ट्रंप ने कहा कि यह मुद्दा केवल गाजा की शांति तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पश्चिम-एशिया क्षेत्र में लंबे समय से प्रतीक्षित स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि हमास के हालिया बयान के आधार पर मुझे विश्वास है कि वे स्थायी शांति के लिए तैयार हैं। इस्राइल को तुरंत गाजा पर बमबारी रोक देनी चाहिए, ताकि बंधकों को सुरक्षित और जल्दी बाहर लाया जा सके। यह केवल गाजा का मामला नहीं है, यह पूरे पश्चिम-एशिया के लिए लंबे समय से चाही गई शांति है। उन्होंने यह भी कहा कि बंधकों की सुरक्षा के लिए फिलहाल स्थिति काफी जोखिमपूर्ण है, इसलिए दोनों पक्षों के बीच शांति प्रक्रिया और विवरणों पर चर्चा जारी है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि हमास के साथ समझौता केवल युद्ध विराम या अस्थायी समाधान नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
हमास को बचे हुए 48 बंधकों को छोड़ना होगा
डोनाल्ड ट्रंप का प्रस्ताव गाजा में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और बंधकों को वापस लाने का लक्ष्य रखता है। ट्रंप चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो और मंगलवार को हमले की दूसरी वर्षगांठ से पहले दर्जनों बंधकों को सुरक्षित घर लौटाया जाए। इस शांति योजना को इजराइल ने स्वीकार कर लिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वागत भी हुआ है, लेकिन मिस्र और कतर जैसे मुख्य मध्यस्थों ने कहा है कि कुछ बिंदुओं पर और बातचीत की जरूरत है।
क्या है गाजा में संघर्ष को रोकने की ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना?
1. गाजा को आतंक मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, ताकि वह पड़ोसी देशों के लिए कोई खतरा न बने।
2. गाजा का पुनर्निर्माण और विकास कार्य शुरू होगा, जिससे वहां के लोगों का जीवन बेहतर हो।
3. जैसे ही दोनों पक्ष इस योजना को स्वीकार करेंगे, इस्राइल तुरंत सैन्य अभियान रोक देगा और चरणबद्ध तरीके से गाजा से सेना हटाएगा।
4. इस्राइल के सार्वजनिक रूप से योजना स्वीकार करने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा।
5. बंधकों की रिहाई के बाद इस्राइल अपने यहां आजीवन कारावास की सजा पाए 250 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इसके अलावा 7 अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद हिरासत में लिए गए 1700 गाजावासियों की भी रिहाई होगी। इसके अलावा हर एक इस्राइली बंधक के शव के बदले इस्राइल को गाजा के 15 कैदियों के शव लौटाने होंगे।
6. जो हमास सदस्य शांतिपूर्वक साथ रहने की शपथ लेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। जो बाहर जाना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता और किसी इच्छुक देश में बसने की सुविधा मिलेगी।
7. समझौते के बाद मानवीय सहायता गाजा में बड़े पैमाने पर भेजी जाएगी। रोजाना कम से कम 600 ट्रक राहत सामग्री पहुंचेंगे।
8. सहायता सामग्री का वितरण संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रिसेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से किया जाएगा।
9. गाजा का प्रशासन फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में होगा, जिसे एक अंतरराष्ट्रीय समिति की निगरानी में चलाया जाएगा। इसका नेतृत्व डोनाल्ड ट्रंप खुद करेंगे। ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर इसमें उनका साथ देंगे।
10. गाजा के लिए एक आर्थिक पुनर्निर्माण योजना बनाई जाएगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हों। इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आगे बढ़ाएंगी।
11. गाजा में विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित होगा, जहां करों में छूट और व्यापारिक सुविधाएं दी जाएंगी।
12. किसी भी निवासी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। जो बाहर जाएंगे, उन्हें वापस लौटने का अधिकार होगा।
13. गाजा की शासन व्यवस्था में हमास को कोई भूमिका नहीं मिलेगी और सभी आतंकी सुरंगें व सैन्य ढांचे नष्ट किए जाएंगे।
क्षेत्रीय देश यह सुनिश्चित करेंगे कि हमास और अन्य समूह समझौते का पालन करें।
14. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की मदद से अस्थायी सुरक्षा बल गाजा में तैनात होंगे। ये सुरक्षा और स्थानीय पुलिस को प्रशिक्षण देंगे।
15. इस्राइल न तो गाजा का विलय करेगा और न ही स्थायी कब्जा।
16. अगर हमास प्रस्ताव को मानने में देरी करता है, तो पहले आतंक-मुक्त क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी।
17. इस्राइल कतर पर हमला नहीं करेगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा संकट में कतर की मध्यस्थता की भूमिका को मान्यता देगा।
18. गाजा के लोगों को चरमपंथ से दूर करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
19. जब गाजा का पुनर्निर्माण और फलस्तीनी प्राधिकरण का सुधार कार्यक्रम पूरा हो जाएगा, तब भविष्य में फलस्तीनी राज्य का रास्ता खुल सकता है।
20. अमेरिका, इस्राइल और फलस्तीन के बीच लंबे समय तक के राजनीतिक समाधान पर बातचीत को आगे बढ़ाएगा।



