ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई का श्रद्धांजलि समारोह फिलहाल टाल दिया गया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, यह समारोह मूल रूप से बुधवार को रात 10 बजे (ईरानी समयानुसार) तेहरान के इमाम खुमैनी प्रार्थना कक्ष में होना था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का सुपुर्द-ए-खाक कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है। सरकारी मीडिया के अनुसार पहले यह कार्यक्रम बुधवार रात तेहरान के इमाम खोमेनी प्रेयर हॉल में होना था, लेकिन अचानक इसे स्थगित कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नागरिकों के लिए तीन दिन का सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम यात्रा की नई तारीख घोषित की जाएगी।
ईरान की चेतावनी- अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी
इसी बीच, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका को एक अन्यायपूर्ण युद्ध में धकेल दिया है। लारिजानी के अनुसार इस युद्ध में अब तक 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और खामेनेई की मौत का बदला जरूर लिया जाएगा।
रूस ने अमेरिका और इस्राइल को ठहराया जिम्मेदार
रूस ने मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के लिए सीधे अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि इन दोनों देशों की कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में सैन्य टकराव फैल गया है। रूस ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से भी मांग की है कि वह ईरान पर हुए हमलों के बाद संभावित रेडिएशन खतरे की निष्पक्ष जांच करे।
ऊर्जा संकट की आशंका से दुनिया चिंतित
इस युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित होने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार कतर ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का उत्पादन रोक दिया है, जबकि सऊदी अरब की एक बड़ी तेल रिफाइनरी भी बंद हो गई है। यूरोप के देशों ने आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और कहा कि अभी आपूर्ति पर सीधा असर नहीं पड़ा है, लेकिन लंबे समय में तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं।
भारत ने फर्जी खबरों को बताया गलत
इधर, भारत के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिकी नौसेना ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि ये दावे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं, इसलिए लोगों को ऐसी अफवाहों से बचना चाहिए।
पांच दिन में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद पिछले पांच दिनों में ईरान में मरने वालों की संख्या 1000 से अधिक हो गई है। इस बीच कई देशों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और साइप्रस समेत कई जगहों पर सैन्य जहाज और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं।



