इस्राइल ने ईरानियों को अराक रिएक्टर का इलाका खाली करने को कहा, तेहरान में किए हमले

इस्राइल ने ईरानियों को अराक रिएक्टर का इलाका खाली करने को कहा, तेहरान में किए हमले

ईरान और इस्राइल के बीच बीते छह दिन से संघर्ष जारी है। हर बीतते दिन के साथ दोनों पुराने दुश्मनों के बीच संघर्ष और तेज होता जा रहा है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया है। वहीं ट्रंप ने भी एक बार फिर ईरान पर हमले की धमकी दी है। वहीं दूसरी ओर भारत ने भी ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधू शुरू कर दिया है।

तेहरान में इस्राइली वायुसेना के हमले

इस्राइली सेना ने कहा है कि उनकी वायुसेना ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले कर रही है। ईरानी मीडिया ने कहा है कि सेंट्रल तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिविट कर दिया गया है। 

इस्राइल ने ईरानियों को अराक रिएक्टर का इलाका खाली करने को कहा, तेहरान में किए हवाई हमले

इस्राइली सेना ने ईरान के लोगों को अराक और खोनदाब शहरों को खाली करने का निर्देश दिया है। दरअसल अराक और खोनदाब शहरों में ईरान के हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर हैं। ये हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर्स को ठंडा करने में मदद करते हैं।

इस्राइली सेना ने घर को निशाना बनाया, फलस्तीनी बड़ी संख्या में हताहत
मध्य गाजा में इस्राइल के हमले में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। अल-अक्सा शहीद अस्पताल और अल-अवदा अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक फलस्तीनी लोग घायल हुए हैं। गाजा शहर के ज़ेइतून इलाके में इस्राइली सेना ने एक घर पर बमबारी की, जिससे बड़ी संख्या में फलस्तीनी हताहत हुए।

ईरान के साथ गाजा में भी हिंसक संघर्ष का दौर जारी
पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी टकराव के साथ-साथ इस्राइल और हमास का हिंसक संघर्ष भी जारी है। फलस्तीनी युवाओं के कुद्स न्यूज नेटवर्क और फलस्तीनी सूचना केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य गाजा के नुसेरात में गाजा ब्रिज के पास इस्राइली सेना ने हमले किए। इस हमले में 16 फलस्तीनी मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं।

ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन कर रहे 80 प्रतिशत से अधिक यहूदी इस्राइली
एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 83 फीसदी यहूदी इस्राइली लोगों ने पश्चिम एशिया के एक अन्य देश ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन कर रहे हैं। यहां तक कि एविगडोर लीबरमैन जैसे दक्षिणपंथी कट्टरपंथी नेता भी अब कह रहे हैं कि नेतन्याहू सही काम कर रहे हैं। लीबरमैन ने 2018 में सरकार की नीतियों से असंतुष्ट होकर अपना कैबिनेट पद छोड़ दिया था। गाजा में युद्ध के कारण पिछले साल नेतन्याहू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले बेनी गैंट्ज ने भी कहा है कि ईरान के मामले में केवल सही या गलत का फैसला होना है, और इस्राइल सही है। बता दें कि पीएम नेतन्याहू ने बीते शुक्रवार यानी 13 जून को इस्राइली सेना को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।

तेहरान का आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय नष्ट कर दिया गया: इस्राइल का दावा
इस बीच, इस्राइल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि ताजा मिसाइल हमलों में तेहरान स्थित ईरान के आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय और रेड क्रिसेंट को नष्ट कर दिया गया है।

इस्राइल-ईरान तनाव पर भारत और इस्राइल के रक्षा अधिकारियों के बीच बातचीत
इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बुधवार को भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को इस्राइली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटा.) आमिर बारम का फोन आया। इस बातचीत में मौजूदा हालात को लेकर जानकारी साझा की गई। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को आज इस्राइली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रि.) आमिर बारम का फोन आया। उन्होंने वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।

भारत लौटीं छात्र बोली– मिसाइलें सिर के ऊपर से गुजरती थीं
ईरान में बिगड़ते हालात के बीच वहां फंसे 110 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर भारत लाया गया। सभी को लेकर एक विशेष फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। इन लोगों में शामिल यासिर गफ्फार नाम के छात्र ने बताया कि हमने रात में मिसाइलों को ऊपर से जाते देखा और ज़ोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं। डर का माहौल था, लेकिन अब भारत पहुंचकर राहत मिली है।

यासिर ने कहा कि उन्होंने अपने सपनों को अभी नहीं छोड़ा है और हालात सुधरने पर वापस ईरान लौटेंगे। सरकार की इस कार्रवाई के लिए छात्र और उनके परिवारों ने आभार जताया है। ईरान और इस्राइल के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के चलते भारत अपने नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकालने में जुटा है।

ईरान से दिल्ली पहुंचे छात्र ने सुनाई आपबीती
ईरान में हालात बिगड़ते देख भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने का अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को 110 भारतीय नागरिकों को लेकर एक विशेष फ्लाइट दिल्ली पहुंची। इस फ्लाइट में ईरान के उर्मिया यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल थे। मामले में  एक छात्र ने बताया कि हर दिन हालात और खराब होते जा रहे हैं, खासतौर पर तेहरान में स्थिति बेहद गंभीर है। सभी भारतीय छात्रों को वहां से निकाला जा रहा है। भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। हम सभी को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा है। छात्र ने बताया कि उन्हें पहले यूनिवर्सिटी से निकालकर आर्मेनिया ले जाया गया, फिर वहां से कतर भेजा गया। अंत में वे भारत पहुंचे।

मध्य-पूर्व में तनाव खत्म करने के लिए जिनेवा में कल होगी बैठक
परमाणु कार्यक्रम को लेकर इस्राइल और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के विदेश मंत्री शुक्रवार को जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री के साथ अहम परमाणु बातचीत करेंगे। जर्मन राजनयिक सूत्रों की माने तो बैठक से पहले यूरोपीय देशों के मंत्री यूरोपीय संघ की प्रमुख राजनयिक काजा कैलास से जर्मनी के स्थायी मिशन में मुलाकात करेंगे, फिर सभी मिलकर ईरान के विदेश मंत्री से संयुक्त बातचीत करेंगे।

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