डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को 85 घंटे का अल्टीमेटम दिया था लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 60 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
दिन रविवार… छुट्टी का दिन, लेकिन मेरठ कचहरी में आज सन्नाटा नहीं बल्कि बूटों की भारी धमक है। सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक पूरा परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। वजह, अपहरण और हत्या का आरोपी पारस सोम की पेशी।
‘मैंने हत्या नहीं की… मुझे बचा लीजिए’
मौके पर सीओ सरधना आशुतोष कुमार और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी खुद कमान संभाले हुए हैं। कई थानों की फोर्स ने कचहरी को चारों तरफ से घेर रखा है। रविवार को इतनी पुलिस देखकर वहां से गुजर रहे इक्का-दुक्का लोग भी हैरान हैं कि आखिर माजरा क्या है। तभी पुलिस की बोलेरो रुकती है। अंदर से निकलता है आरोपी पारस सोम। उसका हुलिया देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह वही आरोपी है। उसने चेहरे से सिर तक मफलर लपेटा हुआ और ठंड से बचने के लिए शरीर पर एक चादर ओढ़ रखी थी। कचहरी परिसर में सन्नाटा था लेकिन जैसे ही पारस पुलिसकर्मियों के घेरे में आगे बढ़ा उसकी जुबान खुली। मीडिया के कैमरों और पुलिस की मौजूदगी में वह सिर्फ इतना ही कहा- मैंने हत्या नहीं की… मुझे बचा लीजिए।
पहले पारस रहा था खामोश
हालांकि इससे पहले मीडिया ने उससे कई सवाल किए जिन पर वह खामोश रहा लेकिन अंत में उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए बचाव की गुहार लगाई। वहां मौजूद बचाव पक्ष के वकील भी उसकी अदालती पैरवी के लिए मुस्तैद दिखे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने पुष्टि की है कि पारस सोम को जेल में दाखिल कर लिया गया है और उसे सुरक्षा के लिहाज से मुलाएजा बैरक में रखा गया है।
शनिवार की रात से जेल तक का सफर
शनिवार रात : पारस को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में रखा गया था।
रविवार सुबह : उसका मेडिकल परीक्षण हुआ जिसके बाद सीधे कोर्ट लाया गया।
शाम 5:15 बजे : पेशी पूरी होने के बाद उसे चौधरी चरण सिंह जिला कारागार ले जाया गया।
500 सीसीटीवी, 4 राज्यों की खाक छानने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा पारस
थाना सरधना क्षेत्र के कपसाड गांव में सुनीता की हत्या और रूबी के अपहरण की गुत्थी को सुलझाने के लिए मेरठ पुलिस ने जमीन-आसमान एक कर दिया। मुख्य आरोपी पारस सोम की तलाश में पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले और सर्विलांस की मदद से उसे गिरफ्तार कर अपहृत रूबी को उत्तराखंड के रुड़की से सकुशल तलाश कर लिया।

दो एसपी के साथ 12 पुलिस की टीम लगी थीं तलाशने को
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी और एसपी देहात के नेतृत्व में 12 पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने आरोपी को दबोचने के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में ताबड़तोड़ दबिश दी। जोन के सात जनपदों में भी व्यापक स्तर पर सघन अभियान चलाया गया जिसके बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी।

आर्थिक सहायता के तौर पर 10 लाख का चेक सौंपा
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को 85 घंटे का अल्टीमेटम दिया था लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 60 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना के तुरंत बाद डीएम वीके सिंह और एसएसपी विपिन ताडा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। साथ ही सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता के तौर पर 10 लाख रुपये का चेक भी सौंपा गया।

अधिकारियों ने खुद संभाला मोर्चा
इस पूरे ऑपरेशन में एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने आसपास की रेंज और अन्य राज्यों के अधिकारियों से लगातार समन्वय बनाए रखा। सुरक्षा के लिहाज से रेंज के सभी जनपदों से स्पेशल क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को भी मेरठ में तैनात किया गया था।



