अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिना शर्त सरेंडर की चेतावनी खारिज करते हुए ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खामनेई ने धमकी दी कि अमेरिका युद्ध में कूदा, तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इस बीच, इस्राइली सेना ने तेहरान में यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज बनाने वाले संयंत्र एवं मिसाइल उपकरण की फैक्टरी को निशाना बनाया है। ईरान ने भी तेल अवीव व हाइफा समेत कई शहरों में मिसाइलें दागीं।
ईरान और इस्राइल के बीच बीते छह दिन से संघर्ष जारी है। हर बीतते दिन के साथ दोनों पुराने दुश्मनों के बीच संघर्ष और तेज होता जा रहा है। अब इस्राइल ने ईरान के अराक हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर इलाके को खाली करने की चेतावनी दी है।
ईरान और इस्राइल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार सातवें दिन दोनों देशों के बीच हमले जारी रहे। इस बीच इस्राइल ने ईरान के अराक हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर पर हमले की तैयारी की है। इस्राइल की सेना ने ईरान के लोगों को अराक हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर का इलाका खाली करने के लिए कहा है। एक्स पर पोस्ट में दी गई चेतावनी में एक सैटेलाइट इमेज साझा की गई। इसमें हमलों से पहले दी जाने वाली चेतावनियों की तरह लाल घेरे में परमाणु रिएक्टर संयंत्र दिखाया गया।
अराक हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम में है। यह परमाणु रिएक्टरों को ठंडा करने में मदद करता है। साथ ही यह प्लूटोनियम का भी उत्पादन करता है। इसका परमाणु हथियारों में उपयोग किया जा सकता है। इससे ईरान को यूरेनियम के अलावा बम बनाने का एक और रास्ता मिल जाएगा।
2019 में ईरान ने हैवी वाटर रिएक्टर के दूसरे सर्किट को शुरू किया। उस समय ब्रिटेन प्लूटोनियम की मात्रा को सीमित करने के लिए अराक रिएक्टर को दोबारा डिजाइन करने में मदद कर रहा था। इसके बाद 2018 में ब्रिटेन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परमाणु समझौते से अमेरिका को एकतरफा वापस लेने के फैसले के बाद परियोजना से हट गया था। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इस्राइल से ईरानी परमाणु स्थलों पर हमला न करने के लिए कहा है।
इस्राइली विमानों ने रातभर बम गिराए
संघर्ष के छठे दिन इस्राइली वायुसेना ने केरमानशाह एयरबेस पर पांच ईरानी एएच-1 हेलिकॉप्टरों को तबाह कर दिया। इस्राइल के 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान में 20 लक्ष्यों को निशाना बनाया। इसमें मिसाइलों के लिए कच्चे माल, उपकरण और विनिर्माण प्रणालियों का उत्पादन करने वाले प्रतिष्ठान शामिल हैं।



