मैच का पासा पलटने वाले पल; दुबे का प्रमोशन, अक्षर के कैच और बूम-बूम-बुमराह

मैच का पासा पलटने वाले पल; दुबे का प्रमोशन, अक्षर के कैच और बूम-बूम-बुमराह

टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। संजू सैमसन की 89 रन की पारी, जसप्रीत बुमराह का शानदार ओवर, अक्षर पटेल का बेहतरीन कैच और आखिरी ओवर की रणनीति इस जीत के सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट साबित हुए।

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल रोमांच से भरा रहा। मुंबई के वानखेड़े में खेले गए इस मुकाबले में 253 रन बनाने के बावजूद इंग्लिश टीम आखिरी ओवर तक टक्कर में रही। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव झेलते हुए और आखिरी पलों में नब्ज पर काबू रखते हुए सात रन से जीत हासिल की और लगातार दूसरी बार टी20 विश्वकप के फाइनल में जगह बनाई। अब आठ मार्च यानी रविवार को फाइनल में अहमदाबाद में टीम इंडिया का सामना न्यूजीलैंड से होगा। 

दूसरे सेमीफाइनल में टीम इंडिया के कई फैसले मास्टरस्ट्रोक साबित हुए। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, उन फैसलों ने टर्निंग पॉइंट का काम किया और मैच का पासा पलट गया। आइए हम मैच के उन्हीं टर्निंग पॉइंट्स पर नजर डालते हैं…

1. शिवम दुबे को बैटिंग में प्रमोट करना
अभिषेक शर्मा का बल्ला एक बार फिर नहीं चला और वह दूसरे ओवर में विल जैक्स की गेंद पर आउट हो गए। अभिषेक नौ रन बना सके। फिर ईशान किशन के साथ सैमसन ने दूसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी निभाई। ईशान (39) भी 10वें ओवर में आउट हो गए। इस विश्वकप में चौथे नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार ही उतरे हैं, लेकिन यहां टीम मैनेजमेंट ने सूझबूझ दिखाते हुए शिवम दुबे को भेजा और यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। उस वक्त इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आदिल रशीद गेंदबाजी कर रहे थे और उन्होंने ही ईशान किशन का विकेट चटकाया था। दुबे को आदिल को ही काउंटर करने के लिए भेजा गया और दुबे ने यह काम बखूबी निभाया। उन्होंने बीच के ओवरों में भारत के रन रेट को कम नहीं होने दिया और रशीद के दो ओवरों में तीन छक्के जड़ दिए। इंग्लैंड के स्पिन अटैक को नेस्तनाबूद कर दिया। दुबे को प्रमोट करने के टीम मैनेजमेंट के फैसले की वाकई सराहना हो रही है। दुबे ने 25 गेंद में 43 रन बनाए।

2. ब्रूक ने सैमसन का कैच ड्रॉप किया
भारत की जीत की सबसे बड़ी नींव संजू सैमसन की धमाकेदार बल्लेबाजी रही। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड के गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में ला दिया। सैमसन को शुरुआती ओवरों में जीवनदान भी मिला जब इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर सैमसन ने मिड ऑन पर शॉट लगाया और गेंद सीधे ब्रूक के हाथों में गई, लेकिन उनके हाथ से छिटक गई। तब सैमसन 15 रन पर थे। इस गलती का सैमसन ने पूरा फायदा उठाया। और भारत के स्कोर में 75 रन और जोड़े। उन्होंने सात छक्के लगाते हुए इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को तहस-नहस कर दिया। उनकी इस पारी ने भारत को 250 से ज्यादा स्कोर बनाने का मजबूत प्लेटफॉर्म दिया। मैच के बाद ब्रूक ने कहा भी कि कैच छोड़ना उनकी सबसे बड़ी गलती थी।

3. विल जैक्स को आखिरी ओवर में गेंदबाजी
भारत ने 19वें ओवर तक छह विकेट पर 237 रन बना लिए थे। हालांकि, वानखेड़े की पिच को देखते हुए भारतीय टीम और बल्लेबाजों को पता था कि यहां 250 रन से कम कुछ भी बनाया जा सकता है। 19वें ओवर की समाप्ति के बाद अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या क्रीज पर थे। अक्षर के पास स्ट्राइक थी, इसके बावजूद इंग्लैंड के कप्तान ब्रूक ने ऑफ स्पिनर विल जैक्स को गेंद सौंपी। यह जानते हुए कि हार्दिक स्पिन को बहुत अच्छा खेलते हैं, ब्रूक का यह फैसला गलत साबित हुआ। अक्षर ने पहली गेंद पर एक रन लिया और इसके बाद हार्दिक ने अगली तीन गेंद में दो छक्के लगाकर भारत को 250 के पार पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद दो रन चुराने के चक्कर में हार्दिक रन आउट हो गए। फिर भी इस ओवर में 16 रन आए।

करिश्मा, दो कैच, एक असिस्ट
अगर पूरी दुनिया में कोई भी टीम इस रन चेज को इतना असरदार बनाने की क्षमता रखती थी तो वह इंग्लैंड ही थी। उनके पास शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाज थे। हालांकि, फिर अक्षर पटेल का जादू दिखा। उन्होंने पहले फिल सॉल्ट का आसान कैच लिया। फिर हैरी ब्रूक का कैच 25 मीटर पीछे दौड़ते हुए लिया। इसे कैच ऑफ द टूर्नामेंट भी कहा जा रहा है। फिर एक अहम मोड़ पर बाउंड्री लाइन पर 21 मीटर दौड़ लगाकर विल जैक्स का कैच लपका और जब उन्हें लगा कि उनका बैलेंस बिगड़ रहा है और वह बाउंड्री लाइन के पार चले जाएंगे तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पास खड़े दुबे को गेंद फेंक दी और दुबे ने कैच कम्प्लीट किया। ‘बापू’ के नाम से मशहूर अक्षर के क्रंच मोमेंट पर लिए गए इन तीन कैचों ने मैच का रुख पलट दिया। कमेंटेटर ने तो यहां तक कहा कि असली प्लेयर ऑफ द मैच के हकदार अक्षर ही हैं।

5. बुमराह का 16वां और 18वां ओवर, हार्दिक का 19वां ओवर
रन चेज में इंग्लैंड की टीम कभी पीछे नहीं दिखी। ओवरों के बाद जब टीम इंडिया और इंग्लैंड के स्कोर और रन रेट की तुलना हो रही थी, तो इंग्लिश टीम हमेशा बराबरी पर दिखी। बस उनके एक या दो विकेट ज्यादा गिरे थे। हालांकि, जेकब बेथल ने कभी रन रेट कम नहीं होने दिया। 15वें ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 185 रन था। आखिरी पांच ओवर में इंग्लैंड को 69 रन की जरूर थी और वानखेड़े की पिच पर आईपीएल में इतने रन बनते हमने कई बार देखा है। हालांकि, इंग्लैंड और जीत के बीच बस एक आदमी खड़ा था और वह आदमी हैं जसप्रीत बुमराह। 16वें ओवर में कप्तान ने उन्हें गेंद सौंपी और बुमराह ने केवल आठ रन दिए। 16वें ओवर में इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 193 रन था।

हालांकि, इसके बाद अर्शदीप ने 17वें ओवर में 16 रन दे दिए और इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 209 रन हो गया। बुमराह 18वें ओवर में फिर गेंदबाजी के लिए आए और केवल छह रन दिए। बुमराह के इस ओवर के बाद स्टेडियम में मौजूद फैंस ने खड़े होकर उनके लिए ताली बजाई। बुमराह ने चार ओवर में 33 रन दिए और एक विकेट लिया। जहां एक तरफ सबकी इकोनॉमी 10 या इससे ऊपर थी, बुमराह की इकोनॉमी आठ के आसपास रही। इंग्लैंड को आखिरी दो ओवर में 39 रन चाहिए थे। फिर 19वें ओवर में हार्दिक आए और उन्होंने केवल नौ रन दिए। यहीं से इंग्लैंड के लिए गेम पलट गया। आखिरी ओवर में 30 रन कभी आसान नहीं होता। 

6. शिवम दुबे की शुरुआती तीन गेंदें
सूर्यकुमार ने शुरुआत में ही अपने सारी गेंदबाजों का इस्तेमाल कर लिया था। ऐसे में आखिरी ओवर किसे दें, इसको लेकर चिंता थी। सूर्यकुमार ने आखिरी ओवर शिवम दुबे को थमाई। लेकिन दुबे ने क्रंच मोमेंट पर दबाव झेलते हुए, शुरुआती तीन गेंद सटीक निशाने पर फेंकी। उन्होंने तीनों गेंद यॉर्कर फेंकी और बेथेल ओवर की पहली ही गेंद पर रन आउट हो गए। ये तीन गेंदों ने भारत की जीत और फाइनल में जगह पक्की कर दी।

7. कप्तान का शानदार फैसला
कप्तान सूर्यकुमार का फैसला भी सही रहा, जिसमें उन्होंने 16वें ओवर से ही अपने मेन गेंदबाजों को अटैक पर लगा दिया। कप्तान का यह फैसला सही साबित हुआ। अगर वह बुमराह या हार्दिक के ओवर आखिरी के लिए बचाते तो इंग्लिश बल्लेबाज पहले ही मैच खत्म कर देते। पता नहीं फिर बुमराह को मौका मिलता या नहीं। हालांकि, बुमराह ने 16वें ओवर और 18वें ओवर में घातक गेंदबाजी की, फिर हार्दिक ने भी करियर के शानदार स्पेल में से एक किया और भारत को जीत दिलाई।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *