क्या है माइक्रोसॉफ्ट का स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर; कौन होगा पात्र, कर्मचारियों को क्या मिलेगा?

क्या है माइक्रोसॉफ्ट का स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर; कौन होगा पात्र, कर्मचारियों को क्या मिलेगा?

माइक्रोसॉफ्ट ने चुनिंदा कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर पेश किया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को आर्थिक पैकेज और दूसरी सुविधाएं मिल सकती हैं। आखिर कौन इस ऑफर का लाभ उठा सकता है और क्या इसके पीछे की वजह? आइए जानते हैं।

नौकरी छोड़ने के बदले मोटा पैकेज मिले, तो क्या आप ऐसा ऑफर स्वीकार करेंगे? माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा ही एक ऑफर पेश किया है। इसके तहत कर्मचारी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का फैसला कर सकते हैं और उन्हें आर्थिक पैकेज के साथ दूसरी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। 

ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है माइक्रोसॉफ्ट का ऑफर? इसमें कितने कर्मचारी शामिल हैं? भारतीय कर्मचारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा? क्या एआई इस फैसले की वजह है? क्या दूसरी कंपनियां भी इस तरह के ऑफर दे चुकी हैं?

क्या है माइक्रोसॉफ्ट का ऑफर?

माइक्रोसॉफ्ट ने 26 अक्तूबर को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के ऑफर की घोषणा की। कंपनी की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी दी। 

इस कार्यक्रम के तहत पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने पर आर्थिक सहायता और करियर की योजना बनाने से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। यह सीमित समय के लिए पेश किया गया स्वैच्छिक कार्यक्रम है। यानी कर्मचारी अपनी इच्छा से ऑफर स्वीकार करने या न करने का फैसला कर सकते हैं।

एमी कोलमैन के मुताबिक, यह उन कर्मचारियों के लिए एक विकल्प है, जो माइक्रोसॉफ्ट से बाहर करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं। इससे कंपनी की अलग-अलग इकाइयों को भी अपनी बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों की संख्या में बदलाव करने का विकल्प मिलेगा।

कोलमैन ने कहा कि यह कार्यक्रम कंपनी के लिए नया है और इसके अनुभव से आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी कर्मचारियों को नए कौशल सीखने, जरूरी कामों पर ध्यान देने और जहां संभव हो, माइक्रोसॉफ्ट के भीतर ही करियर के नए अवसर तलाशने में मदद करती रहेगी।

किन देशों के कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर?

यह ऑफर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में माइक्रोसॉफ्ट की चुनिंदा टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा। दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी इसके पात्र हैं। यह कंपनी के वैश्विक कार्यबल का लगभग 27 फीसदी है। जून 2026 के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट में करीब 2 लाख 23 हजार पूर्णकालिक कर्मचारी थे।

यह ऑफर कंपनी के आंतरिक पद स्तर 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। माइक्रोसॉफ्ट में पद स्तर के जरिए कर्मचारियों की वरिष्ठता तय होती है। इसकी शुरुआत शुरुआती पदों के लिए स्तर 59 से होती है, जबकि स्तर 70 में उपाध्यक्ष स्तर के पद शामिल हैं।

हालांकि, केवल पद स्तर के आधार पर किसी कर्मचारी को ऑफर नहीं मिलेगा। उसकी टीम का इस कार्यक्रम में शामिल होना भी जरूरी है। कंपनी के मुताबिक, पात्रता कारोबारी प्राथमिकताओं, ग्राहकों से जुड़ी प्रतिबद्धताओं और कार्यबल की जरूरतों पर निर्भर करेगी। पात्र कर्मचारियों को ईमेल के जरिए उनके व्यक्तिगत ऑफर और उससे जुड़ी शर्तों की जानकारी दी जाएगी।

पद स्तर के हिसाब से कैसे तय होगा पैकेज?

माइक्रोसॉफ्ट में कर्मचारियों की वरिष्ठता तय करने के लिए आंतरिक पद स्तर की व्यवस्था है। स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के पैकेज में भुगतान की शर्तें कर्मचारी के पद स्तर और कंपनी में काम करने की अवधि के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा के साथ शेयरों से मिलने वाले लाभ भी जारी रह सकते हैं। स्तर 67 और उससे नीचे के कुछ कर्मचारियों के लिए शेयरों का नियमित लाभ छह या 12 महीने तक जारी रहने की जानकारी दी गई है। यह अवधि उनकी सेवा अवधि पर निर्भर कर सकती है।

पैकेज की अंतिम रकम कर्मचारी के पद स्तर, सेवा अवधि और स्थान के अनुसार तय होगी। इसलिए सभी कर्मचारियों को एक जैसी रकम मिलने की बात नहीं कही जा सकती।

भारत में कितने कर्मचारी पात्र होंगे और उन्हें क्या मिलेगा?

माइक्रोसॉफ्ट में भारत में करीब 23 हजार कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि, इनमें से कितने कर्मचारी इस ऑफर के पात्र होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पात्र कर्मचारियों को इस ऑफर पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

भारत में कर्मचारियों को मिलने वाला पैकेज सामान्य सेवा समाप्ति भुगतान जैसा हो सकता है। इसमें कंपनी में काम किए गए हर साल के बदले एक महीने का मूल वेतन, स्वास्थ्य बीमा और करियर में बदलाव के लिए सहायता शामिल हो सकती है। हालांकि, यह पैकेज की बताई गई संभावित व्यवस्था है। कर्मचारियों को मिलने वाली अंतिम रकम और सुविधाएं उनके पद स्तर, कंपनी में काम करने की अवधि और स्थान के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में निवेश जारी रखने की भी बात कही है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट 2025 से 2029 के बीच भारत में क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और परिचालन से जुड़े क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर के निवेश के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने 2030 तक भारत में दो करोड़ लोगों को एआई कौशल से लैस करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में काम जारी रखने की बात भी कही है।

क्या माइक्रोसॉफ्ट पहले भी ऐसा ऑफर दे चुका है?

हां। अप्रैल 2026 में माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका में करीब 8,750 कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम पेश किया था। यह उन कर्मचारियों के लिए था, जो उम्र और कंपनी में सेवा अवधि से जुड़ी निर्धारित शर्तें पूरी करते थे।

कोलमैन ने जुलाई में बताया था कि पात्र कर्मचारियों में से 30 फीसदी से अधिक ने उस ऑफर को स्वीकार किया था। इसके बाद जुलाई में माइक्रोसॉफ्ट ने दुनियाभर में करीब 4,800 पद समाप्त किए। यह कंपनी के व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा था।

क्या स्वैच्छिक ऑफर का मतलब छंटनी है?

नहीं। स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर और छंटनी अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। स्वैच्छिक ऑफर में कंपनी पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक सहायता और दूसरी सुविधाएं देती है। कर्मचारी तय शर्तों के अनुसार इसे स्वीकार करने या न करने का फैसला कर सकते हैं।

हालांकि, इस ऑफर का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में कंपनी छंटनी नहीं करेगी। कंपनी के मुताबिक, आगे के फैसले कारोबारी प्राथमिकताओं और कर्मचारियों की जरूरतों के आधार पर लिए जाएंगे।

क्या एआई में बढ़ता निवेश इस फैसले की वजह है?

माइक्रोसॉफ्ट तेजी से एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है। कंपनी की वित्त वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में उसका राजस्व 18 फीसदी बढ़कर 331.8 अरब डॉलर हो गया। वहीं, परिचालन आय 21 फीसदी बढ़कर 155.2 अरब डॉलर रही।

इसी अवधि में माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड का राजस्व 27 फीसदी बढ़कर 214.4 अरब डॉलर पहुंच गया। एज्योर और अन्य क्लाउड सेवाओं का राजस्व 41 फीसदी बढ़ा और पहली बार 100 अरब डॉलर के पार पहुंचा। कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान अपने डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार करते हुए 88 डेटा सेंटर ऑनलाइन किए।

हालांकि, कारोबार बढ़ने के साथ खर्च भी बढ़े। माइक्रोसॉफ्ट की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की राजस्व लागत 21 फीसदी बढ़ी। माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड का सकल लाभ मार्जिन घटकर 66 फीसदी रह गया। कंपनी ने इसकी एक वजह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश और एआई उत्पादों के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़ी लागत को बताया।

कंपनी के परिचालन खर्च में भी 4.9 अरब डॉलर यानी सात फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके पीछे शोध और विकास, कंप्यूटिंग क्षमता, एआई प्रतिभाओं और डेटा सेंटर में निवेश जैसे कारण बताए गए।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि माइक्रोसॉफ्ट का कारोबार बढ़ने के साथ एआई और क्लाउड क्षेत्र में उसका निवेश और लागत भी बढ़ रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर केवल एआई निवेश के कारण ही शुरू किया गया है।

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की 7 जनवरी 2026 की रिपोर्ट एविडेंस ऑफ एन एआई-ड्रिवन शेकअप ऑफ जॉब मार्केट्स इज पैची के मुताबिक, फिलहाल ऐसे ठोस सबूत सीमित हैं कि कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की जगह एआई का इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले 11 महीनों में अमेरिका में करीब 55 हजार नौकरियों में कटौती के लिए एआई को जिम्मेदार बताया गया, जो कुल दर्ज नौकरी कटौतियों का 4.5 फीसदी था। वहीं, बाजार और आर्थिक परिस्थितियों के कारण करीब 2.45 लाख नौकरियां गईं, जो एआई से जुड़ी कटौतियों से चार गुना से भी ज्यादा थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कमजोर मांग और पहले जरूरत से ज्यादा भर्ती जैसे कारण भी छंटनी के पीछे हो सकते हैं।

अमेरिका में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों पर क्या असर पड़ सकता है?

माइक्रोसॉफ्ट के इस ऑफर का असर अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। एच-1बी वीजा के तहत अमेरिका में विशेष कौशल वाली नौकरियों में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को रोजगार की अनुमति मिलती है।

अगर माइक्रोसॉफ्ट का कोई पात्र कर्मचारी ऑफर स्वीकार करके नौकरी छोड़ता है और उसका रोजगार समाप्त हो जाता है, तो उसकी आव्रजन स्थिति प्रभावित हो सकती है।

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा के मुताबिक, पात्र कर्मचारियों को नौकरी समाप्त होने के बाद अधिकतम 60 दिनों की ग्रेस अवधि मिल सकती है, या उनके अधिकृत प्रवास की अवधि समाप्त होने तक का समय मिल सकता है, जो भी पहले हो।

इस दौरान कर्मचारी नया नियोक्ता खोजने और एच-1बी प्रायोजन के साथ नई नौकरी पाने, पात्र होने पर दूसरे आव्रजन स्टेटस के लिए आवेदन करने या अमेरिका छोड़ने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

हालांकि, यह असर सभी भारतीय कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यह उन कर्मचारियों के लिए प्रासंगिक है जिनकी नौकरी वास्तव में समाप्त होती है और जिनका अमेरिका में रहने का अधिकार उस रोजगार से जुड़ा है।

और कौन-कौन सी कंपनियां दे चुकी हैं ऐसे ऑफर?

माइक्रोसॉफ्ट के अलावा भी कई वैश्विक कंपनियां कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक पैकेज देने का विकल्प दे चुकी हैं। इनमें गूगल और स्काईडांस जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, हर कंपनी की योजना, पात्रता और पैकेज की शर्तें अलग-अलग हैं।

गूगल ने 2025 में अपने कई अमेरिकी विभागों में कर्मचारियों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के बदले भुगतान देने के ऑफर दिए थे। इनमें सर्च, विज्ञापन, इंजीनियरिंग, रिसर्च, मार्केटिंग और संचार से जुड़ी टीमें शामिल थीं। फरवरी 2026 में भी कंपनी ने कुछ विभागों में ऐसे ऑफर का विस्तार किया। 

वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के अधिग्रहण के बाद स्काईडांस ने कुछ कर्मचारियों के लिए एकमुश्त स्वैच्छिक बायआउट ऑफर पेश किया।

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