मिस वर्ल्ड विवाद: ‘मुझे ये सोचने पर मजबूर किया गया कि मैं वेश्या हूं’

मिस वर्ल्ड विवाद: ‘मुझे ये सोचने पर मजबूर किया गया कि मैं वेश्या हूं’

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में इस साल मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. इस बीच, यह प्रतियोगिता विवादों में भी घिर गई है.

दरअसल, इस आयोजन से बीच में ही बाहर हो चुकीं मिस इंग्लैंड 2025 की विजेता मिला मैगी ने आयोजन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. मिला मैगी ने एक ब्रिटिश अख़बार से बातचीत में कहा, “उन्होंने (आयोजकों ने) मुझे ऐसा महसूस कराया जैसे मैं एक वेश्या हूं.”

मिला मैगी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 7 मई को हैदराबाद आई थीं और 16 मई को वापस लौट गईं. उनके इस बयान के बाद अब राज्य की राजनीति में भी हलचल मच गई है.

सरकार ने दिए जांच के आदेश, जांच शुरू

मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता और व्यवस्थाओं पर लगाए गए इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. सरकार की ओर से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शिखा गोयल, आईपीएस रमा राजेश्वरी और साइबराबाद की डीसीपी साईश्री के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गई है.

टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन में कोई अनुचित व्यवहार या असुविधा हुई थी या नहीं, और मिला मैगी के आरोपों में कितनी सच्चाई है. इसके लिए प्रतियोगिता में शामिल अन्य प्रतिभागियों से भी सवाल-जवाब किए जा रहे हैं. ब्रिटेन के टैबलॉयड अख़बार ‘द सन’ को दिए इंटरव्यू में मिला मैगी ने आयोजन पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा है, “मैं वहां एक बदलाव की मिसाल बनने गई थी, लेकिन वहां जाकर मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे मुझे एक खिलौने की तरह बिठा दिया गया हो. वहां बने रहना मेरी नैतिकता के ख़िलाफ़ था. आयोजकों की नज़र में हम वहां सिर्फ मनोरंजन का साधन थे. उन्होंने मुझे ऐसा महसूस कराया जैसे मैं एक वेश्या हूं. अमीर पुरुष स्पॉन्सर्स के सामने हमें घुमाया गया. इसके बाद मैंने तय किया कि अब मुझे कोई फ़ैसला लेना होगा.”

मैगी के इन बयानों के बाद अब आयोजकों की भूमिका और प्रतियोगिता की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

“मिस वर्ल्ड जैसी प्रतियोगिताओं की अब ज़रूरत नहीं रही”

मिला मैगी ने आगे कहा, “मिस वर्ल्ड जैसी प्रतियोगिताओं का दौर अब ख़त्म हो चुका है. दुनिया को बदलने के लिए अपनी आवाज़ उठाने से पहले ये ताज और सैश किसी काम के नहीं हैं. सुबह के नाश्ते से लेकर पूरे दिन मेकअप करके, बॉल गाउन पहनकर बैठे रहने की अपेक्षा की जाती है.”

‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक़, जब मिला मैगी से कुछ पुरुषों का ‘धन्यवाद’ करने के नाम पर उन्हें एंटरटेन करने को कहा गया, तो वह बेहद असहज और नाराज़ हो गईं.

उन्होंने कहा, “हर टेबल पर छह मेहमानों के साथ दो लड़कियों को बैठाया गया था. कहा गया कि हमें पूरी शाम उनके साथ बैठना है, उनका मनोरंजन करना है. मुझे यह बहुत ग़लत लगा. मैं लोगों का मनोरंजन करने नहीं गई थी. मिस वर्ल्ड जैसी प्रतियोगिता की कुछ मूल्य होने चाहिए, लेकिन यह आयोजन पुराने ज़माने की सोच में अटका हुआ है, आउटडेटेड है. उन्होंने मुझे ऐसा महसूस कराया जैसे मैं एक वेश्या हूं.”

मिला मैगी ने आगे कहा, “मैं वहां उस मुद्दे के बारे में बात करना चाहती थी, जिसके लिए मैं सामाजिक सेवा कर रही हूं. लेकिन वहां मौजूद पुरुष ग़ैर-ज़रूरी और असंबंधित बातें कर रहे थे. यह मेरे लिए असहज करने वाला अनुभव था. मुझे उम्मीद नहीं थी कि ऐसा होगा. उन्होंने हमें बराबरी से नहीं, बल्कि बच्चों की तरह देखा.”

‘द सन’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि मिला मैगी ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि उनका “वहां शोषण किया जा रहा है”, और उन्होंने अपनी तकलीफ़ उनसे साझा की थी.

इस पूरे विवाद पर बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने ‘द सन’ की ख़बर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक ट्वीट किया. ट्वीट में बीआरएस ने लिखा, “तेलंगाना की जनता का 250 करोड़ रुपये ख़र्च कर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेलंगाना राज्य और हैदराबाद की छवि को धूमिल करने वाली कांग्रेस सरकार और रेवंत को क्या जवाब देना है?”

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