मुख्तार के करीबी का कत्ल: एक मिनट में वकील शोएब को गोलियों से किया छलनी, शूटर से अधिवक्ता तक की कहानी

मुख्तार के करीबी का कत्ल: एक मिनट में वकील शोएब को गोलियों से किया छलनी, शूटर से अधिवक्ता तक की कहानी

बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई (51) उर्फ बॉबी की शुक्रवार दोपहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब एक बजे शहर से चार किमी दूर असेनी अंडरपास के पास हमलावरों ने उनकी कार पर 11 राउंड फायरिंग की।

कभी मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े और अब वकालत कर रहे शोएब किदवई उर्फ बॉबी (51) को यूपी के बाराबंकी में पल्सर सवार दो हेलमेटधारी हमलावरों ने महज एक मिनट में अंधाधुंध गोली चलाकर मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद बेखौफ हमलावर मौके से भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पूरा खूनी खेल महज एक मिनट में खत्म हो गया। इस दौरान हमलावरों की तैयारी, हमले की सटीकता और भागने के तरीके से साफ दिख रहा था कि हमलावर पेशेवर थे।

एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार दोपहर करीब एक बजे बजे शोएब की नीले रंग की बोलेनो कार लखनऊ की ओर से असेनी मोड़ पर बाराबंकी की दिशा में मुड़ने जा रही थी। अचानक सामने जा रहे एक चार पहिया में ब्रेक लगने से शोएब की कार भी रुक गई। इसी दौरान पीछे से आई पल्सर बाइक पर सवार दो हेलमेटधारी हमलावरों ने कार के सामने आकर फायरिंग शुरू कर दी। 

मानो वह कार में बैठे व्यक्ति की मौत सुनिश्चित करना चाहता हो। गोलियो की तड़तड़ाहट से हाईवे पर अफरातफरी मच गई। राहगीर इधर-उधर भागने लगे। एक बाइक सवार ने सूझबूझ दिखाते हुए आगे तैनात यातायात पुलिसकर्मी को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है।

एडीजी भी मौके पर पहुंचे 
घटना की जानकारी के बाद लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने एसपी को निर्देश दिया कि संदिग्ध बाइक की पहचान प्राथमिकता पर हो और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया जाए। 

मुख्तार से जुड़े एंबुलेंस कांड में भी शोएब का नाम प्रमुखता से सामने आया
शोएब ने वर्ष 2007 में बसपा में रहते हुए बंकी ब्लाक में कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ा। बाराबंकी में माफिया मुख्तार से जुड़े एंबुलेंस कांड में भी शोएब का नाम प्रमुखता से सामने आया था। पुलिस इस पूरे मामले में शोएब के करीबी लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने में लगी है। संदिग्ध हमलावरों के स्कैच भी तैयार कराए जा रहे हैं।

लखनऊ से घटनास्थल तक की टाइमलाइन हो रही तैयार
शोएब किदवई बॉबी की हत्या में पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि मृतक आमतौर पर अपनी कार से किसी न किसी के साथ ही निकलते थे। शुक्रवार को भी वह चालक के साथ घर से रवाना हुए लेकिन वारदात से पहले रास्ते में चालक उतर गया।

घटनास्थल तक की पूरी मूवमेंट की टाइमलाइन तैयार की जा रही है। बाराबंकी पुलिस की एक टीम लखनऊ पहुंचकर घर से लेकर वारदात स्थल तक सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है।

पांच खाली कारतूस, कैमरे से मेमोरी कार्ड गायब
घटना के बाद पुलिस ने अंडरपास के नीचे की सड़क को दोनों ओर से सील कर दिया। क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने कार के पास से पांच खाली कारतूस बरामद किए। सड़क की मिट्टी और खून के नमूने भी एकत्र किए गए। 

जांच में पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरा चलता तो मिला मगर उसके अंदर मेमोरी कार्ड न मिलने से कुछ पता नहीं चला। पुलिस हाईवे पर लगे टोल प्लाजा और आसपास के निजी प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। ताकि हमलावरों की बाइक का नंबर पहचाना जा सके।

Mukhtar close aide murder in barabanki of UP Shoaib gunned down in a minute story from shooter to lawyer

शूटर से अधिवक्ता तक की कहानी
शोएब किदवई बॉबी का नाम पहले मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़ा था। चार फरवरी 1999 में लखनऊ में जेल अधीक्षक आरके तिवारी की हत्या व बाराबंकी के डॉ. डीवी सिंह की हत्या में शोएब किदवई का नाम खुलकर सामने आया था। पुलिस के अनुसार, शोएब पर कुल 12 मामले दर्ज थे। इनमें एक जेल अधीक्षक की हत्या का भी है। 

हालांकि पिछले करीब 15 साल से वह खुद को आपराधिक दुनिया से दूर कर वकालत के पेशे से जुड़ गए थे। वह लखनऊ हाईकोर्ट और बाराबंकी में प्रैक्टिस कर रहे थे। बाराबंकी में घर होने के बाद भी ज्यादातर लखनऊ में रहते थे। परिवार में पत्नी साजिया के अलावा 14 साल का पुत्र व एक पुत्री है जो पढ़ रहे हैं। वकीलों का एक वर्ग इसे अधिवक्ता की हत्या भी मान रहा है।

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