अर्जुन अवार्डी ललित ने अपने एक्स हैंडल पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी से रिटायरमेंट का एलान किया। हालांकि उन्होंने बताया कि वह पहले ही तरह घरेलू और प्रो हॉकी लीग में खेलते रहेंगे। फिलहाल वे इन दिनों बेल्जियम में चल रही प्रो हॉकी लीग में व्यस्त हैं।
टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे ललित उपाध्याय ने रविवार रात अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्सास का एलान पर सबको चौंका दिया। अर्जुन अवार्डी ललित ने अपने एक्स हैंडल पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी से रिटायरमेंट का एलान किया। हालांकि उन्होंने बताया कि वह पहले ही तरह घरेलू और प्रो हॉकी लीग में खेलते रहेंगे। फिलहाल वे इन दिनों बेल्जियम में चल रही प्रो हॉकी लीग में व्यस्त हैं।
उन्होंने अपने यादगार कॅरिअर के लिए अपने प्रारंभिक कोच परमानंद मिश्र को याद किया। कहा कि उन्होंने शुरुआती दिनों में हॉकी खेलने में मदद की और मुझे यहां तक पहुंचाया। यूपी कॉलेज के मैदान से हॉकी का ककहरा सीखने वाले ललित ने अपने छोटे से कॅरिअर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनी टीम के लिए यादगार प्रदर्शन किए हैं।
छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर
ललित ने अपने एक्स पर यह भी लिखा है कि उनकी यात्रा एक छोटे से गांव से शुरू हुई, जहाँ सीमित संसाधन थे, लेकिन सपने असीम थे। एक स्टिंग ऑपरेशन का सामना करने से लेकर ओलंपिक पोडियम पर खड़े होने तक – एक बार नहीं, बल्कि दो बार – यह चुनौतियों, विकास और अविस्मरणीय गौरव से भरा रास्ता रहा है।
यह भी बताया है कि 26 साल बाद अपने शहर से ओलंपियन बनना कुछ ऐसा है जिसे मैं हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ अपने साथ रखूँगा। ललित ने अपने अब तक के सफर में कोच परमानंद के साथ ही हरिंदर, समीर, धनराज आदि को मार्गदर्शक बताया है। साथ ही हरमनप्रीत सिंह को भी याद किया है।



