झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमा से 1 करोड़ रुपये का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा अपने दो साथियों और दो ग्रामीणों के साथ गिरफ्तार हुआ है। उसी दिन 16 अन्य नक्सलियों ने सरेंडर किया। इस दोहरी कार्रवाई से पूर्वी भारत में माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है।
झारखंड में लाल आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों को बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। एक करोड़ रुपये का इनामी और कुख्यात माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार हो गया है। उसे मंगलवार शाम झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती इलाके से दबोचा गया। मिसिर बेसरा के साथ दो सक्रिय माओवादी सदस्य भी पकड़े गए हैं। उनके नाम मोछू और सौरभ उर्फ गौरव हैं। इसके अलावा दो स्थानीय ग्रामीणों को भी पकड़ा गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
क्या है इस बड़ी कार्रवाई का पूरा सच? पांच मुख्य बातें
- एक करोड़ का इनामी गिरफ्तार: केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा को दबोचा गया।
- चार राज्यों में था नेटवर्क: मिसिर बेसरा का प्रभाव झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में फैला हुआ था।
- कई संगीन मामले दर्ज: उस पर हत्या, पुलिस बल पर हमले, रंगदारी और आईईडी धमाकों के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
- दो सहयोगी भी पकड़ाए: कुख्यात माओवादी मोछू और सौरभ के साथ दो स्थानीय ग्रामीण भी पुलिस की गिरफ्त में आए।
- एक ही दिन में दो बड़े झटके: बेसरा की गिरफ्तारी से ठीक पहले 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया।



