असम में ईंधन की अफवाहों के बावजूद सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। प्रशासन और तेल कंपनियों ने आम जनता से शांति बनाए रखने और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदने की अपील की है।
असम के कई हिस्सों में खासकर गुवाहाटी में बुधवार को पेट्रोल और डीजल के लिए पैनिक खरीदारी की खबरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहों के चलते लोग अपने वाहनों के टैंक भरने के लिए पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़े दिखे। गुवाहाटी में कुछ पेट्रोल पंपों ने ‘नो फ्यूल’ के बोर्ड लगाए या स्टॉक खत्म होने के कारण पूरी तरह बंद कर दिए। इसी तरह की घटनाएं गोलाघाट, नागांव और दारांग जिलों से भी मिलीं।
प्रशासन और पेट्रोल डीलरों का बयान
कम रूप (मेट्रोपॉलिटन) जिला आयुक्त स्वप्नील पॉल ने भी स्पष्ट किया कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। एक पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के सूत्र ने कहा कि कुछ एजेंसियां प्रति व्यक्ति बिक्री को सीमित कर रही हैं ताकि सभी पंपों में स्टॉक पर्याप्त रहे। उन्होंने बताया पैनिक खरीदारी के कारण कुछ पंपों में स्टॉक जल्दी खत्म हो गया। साथ ही, क्रेडिट-लिंक्ड स्टॉक उठाने में बदलाव के कारण कुछ पंपों पर स्टॉक कम दिखाई दिया।
सरकार का रुख
मुख्य सचिव रवि कोटा ने कहा कि राज्य में पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने शरारती तत्वों को अफवाह फैलाने का दोषी ठहराया। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा “हमने आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल सहित सभी आपूर्तिकर्ताओं से जांच की है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।” उन्होंने बताया कि गुवाहाटी में मौजूद 35 पेट्रोल पंपों की जांच की गई और सभी ने पर्याप्त स्टॉक होने की पुष्टि की।
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि असम के सभी तेल विपणन कंपनियों और रिटेल आउटलेट्स में राज्य की सामान्य आवश्यकताओं के अनुसार स्टॉक पर्याप्त है। आईओसीएल ने रिटेलरों के भुगतान नियमों में भी ढील दी है, जिससे अब उन्हें खरीदारी के तीन दिन के भीतर भुगतान करने की सुविधा मिली है, पहले यह उसी दिन करना आवश्यक था। मुख्य सचिव ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी सामान्य आवश्यकताओं के अनुसार ही ईंधन खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें।



