पीएम मोदी आज जाएंगे मलयेशिया: द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत, ऐतिहासिक स्वागत से रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य

पीएम मोदी आज जाएंगे मलयेशिया: द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत, ऐतिहासिक स्वागत से रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिन के दौरे पर मलयेशिया जाएंगे। यात्रा का मकसद भारत-मलयेशिया द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करना है। व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक पर चर्चा होगी। स्वागत में 800 कलाकारों का सामूहिक नृत्य कार्यक्रम होगा, जिसे रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने की तैयारी है। आइए अब विस्तार इस दौरे के बारे में जानते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 फरवरी को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलयेशिया जाएंगे। इस दौरे को भारत-मलयेशिया संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मलयेशिया में भारतीय समुदाय का 800 कलाकारों की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति के जरिये एक रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके अलावा पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और मलयेशिया के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा और तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है।

भारतीय समुदाय की ओर से ‘सेलामत दातंग मोदी जी’ सामुदायिक स्वागत समारोह में 800 कलाकार एक साथ पारंपरिक भारतीय नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारतीय मूल के लगभग 15,000 लोगों की सभा को संबोधित करेंगे। मलेशिया में भारतीय उच्चायुक्त बीएन रेड्डी ने कहा, हमें उम्मीद है कि सेलामत दातंग मोदी जी कार्यक्रम में लगभग 15,000 लोग आएंगे।

कार्यक्रम पर क्या बोले आयोजक?
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का प्रतीक होगा। इसे मलयेशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की कोशिश की जाएगी। इस आयोजन को लेकर प्रवासी भारतीयों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पीएम मोदी का यह मलयेशिया दौरा न सिर्फ कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और प्रवासी समुदाय की सक्रिय भागीदारी के कारण भी खास यादगार बनने जा रहा है। पीएम मोदी मलयेशिया के प्रधानमंत्री और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

भारतीय समुदाय से करेंगे संवाद
पीएम मोदी एक विशेष कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान वे भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना करेंगे और उन्हें भारत के विकास अभियान में भागीदार बनने का संदेश देंगे। भारतीय दूतावास के अनुसार, इस कार्यक्रम में हजारों प्रवासी भारतीयों के शामिल होने की उम्मीद है।

सांस्कृतिक कूटनीति का संदेश
नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये भारतीय परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की यह पहल ‘सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी’ का मजबूत उदाहरण मानी जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल स्वागत समारोह नहीं, बल्कि भारत-मलयेशिया की दोस्ती और सांस्कृतिक रिश्तों का उत्सव होगा।

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