गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर दिखेगी युद्ध की व्यूह रचना, पहली बार मूक योद्धाओं का दस्ता होगा शामिल

गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर दिखेगी युद्ध की व्यूह रचना, पहली बार मूक योद्धाओं का दस्ता होगा शामिल

गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष भारतीय सेना पहली बार कर्तव्य पथ पर वास्तविक युद्ध की व्यूह रचना पेश करेगी, जिसमें सैनिक, हथियार और लड़ाकू विमान युद्धभूमि जैसी शैली में दिखेंगे। परेड में मूक योद्धा भी नजर आएंगे। समारोह के बाद विशेष सफाई अभियान भी चलेगा। परेड में क्या-क्या होगा, पढ़िए रिपोर्ट-

इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना का एक नया और भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, पहली बार सैन्य टुकड़ियां कर्तव्य पथ पर वास्तविक युद्ध की व्यूह रचना पेश करेंगी। इसमें सैनिक और हथियार किसी युद्धभूमि की तरह चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे, जो दर्शकों को सेना की वास्तविक युद्ध शैली से रूबरू कराएगा।  परेड में सेना की भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स सहित कुल 18 मार्चिंग दस्ते और 13 बैंड हिस्सा लेंगे। आसमान में राफेल, सुखोई-30 और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान कौशल दिखाएंगे। साथ ही पी8आई गश्ती विमान और प्रचंड जैसे हेलिकॉप्टर भी गर्जना करेंगे। इस बार परेड में पहली बार मूक योद्धाओं का बड़ा दस्ता शामिल होगा। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने वाले 2 बैक्ट्रियन ऊंट, 4 जांस्कर पोनी, 4 शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) और स्वदेशी नस्ल के कुत्तों सहित कुल 26 पशु हिस्सा लेंगे।    

30 झांकियां दिखेंगी, मेट्रो सुबह तीन बजे से चलेगी
परेड की मुख्य थीम वंदे मातरम होगी। छह राज्यों और विभागों की झांकियां इसी विषय पर आधारित होंगी। 19 से 26 जनवरी तक देश के 126 शहरों में 234 स्थानों पर सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां होंगी। परेड में कुल 30 झांकियां दिखेंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की होंगी। आम जनता की सुविधा के लिए गणतंत्र दिवस पर दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 3:00 बजे से शुरू होगी। निमंत्रण कार्ड में ही मेट्रो यात्रा के लिए क्यूआर कोड दिया गया है। पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी राष्ट्रपर्व पोर्टल पर उपलब्ध है।

  • नदियों के नाम पर होंगी बैठने की जगह,
  • मुख्य कार्यक्रम के बाद चलेगा विशेष सफाई अभियान
  • पहली बार इस तरह की व्यवस्था की गई

77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब तक गणतंत्र दिवस परेड में दर्शकों के बैठने की जगहों को ब्लॉक नंबर या वीआईपी एन्क्लोजर के नाम से जाना जाता था। लेकिन इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के सभी एन्क्लोजर के नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखे जाएंगे। वहीं, 30 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह के एन्क्लोजर के नाम वाद्ययंत्रों के नाम पर होंगे।

केंद्रीय रक्षा सचिव ने जानकारी दी कि 26 और 30 जनवरी के कार्यक्रमों के बाद विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसमें एनसीसी कैडेट और माय भारत के स्वयंसेवक कर्तव्य पथ से कचरा हटाएंगे। गौरतलब है कि, 26 जनवरी 2026 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के टिकटों की बिक्री 5 जनवरी से शुरू हो चुकी है।

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