रूस-यूक्रेन जंग में लक्ष्मी मित्तल की फैक्ट्री बनी निशाना: प्लांट पर मिसाइलों की बौछार; दो की मौत, उत्पादन ठप

रूस-यूक्रेन जंग में लक्ष्मी मित्तल की फैक्ट्री बनी निशाना: प्लांट पर मिसाइलों की बौछार; दो की मौत, उत्पादन ठप

रूस-यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ दोनों देशों के मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है। यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमलों के जवाब में रूस ने क्रिवी रिह स्थित भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल की आर्सेलरमित्तल स्टील फैक्ट्री समेत कई ठिकानों पर हमला किया।

यूरोप में जारी जंग के बीच रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह में भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल की आर्सेलरमित्तल माइनिंग एंड मेटलर्जिकल कॉम्प्लेक्स पर मिसाइल हमला किया। यूक्रेन की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड स्टील यूनिट पर हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 कर्मचारी घायल हुए हैं। मुख्य ऊर्जा और ब्लास्ट-फर्नेस ऑपरेशंस को नुकसान पहुंचने के बाद फैक्ट्री में उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा। यह हमला यूक्रेन की ओर से रूस पर किए गए बड़े पैमाने के ड्रोन हमलों के जवाब में हुआ।

यूक्रेन ने रूस पर सैकड़ों ड्रोन से किया हमला
इससे पहले यूक्रेन ने रूस पर सैकड़ों ड्रोन से हमला किया था। इसे कीव की ओर से युद्ध के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया जा रहा है। इन हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने इसे “हाल के समय के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक” बताया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने रातभर देश के अलग-अलग हिस्सों में 822 यूक्रेनी ड्रोन को रोका।

मॉस्को में ड्रोन हमले से 83 वर्षीय व्यक्ति की मौत
वोरोब्योव ने बताया कि मॉस्को क्षेत्र में एक निजी घर पर यूक्रेनी ड्रोन के हमले में 83 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य यूक्रेनी हमले के कारण पोडोल्स्क शहर में ‘वाइल्डबेरीज’ के गोदाम में आग लग गई। वाइल्डबेरीज रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी है और इसका संबंध देश की सबसे अमीर महिला अरबपति तात्याना किम से है।

मॉस्को की ओर बढ़ रहे करीब 600 ड्रोन
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि रूसी राजधानी की ओर बढ़ते हुए करीब 600 ड्रोन का पता लगाया गया। इनमें से लगभग एक-तिहाई ड्रोन को मॉस्को क्षेत्र के ऊपर ही नष्ट कर दिया गया। हमलों के चलते राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को भी हाई अलर्ट पर रखा गया।

रोस्तोव में भी ड्रोन हमले, पांच लोगों की मौत
स्थानीय गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने बताया कि एक अन्य ड्रोन हमले में रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र के तीन शहरों को निशाना बनाया गया। इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई। 150 से अधिक ड्रोन से किए गए इस हमले में कई घरों और एक रेलवे स्टेशन को नुकसान पहुंचा, जबकि जंगल में भी आग लग गई।

युद्ध में खुल रहा नया मोर्चा
यूक्रेन ने इस साल रूस के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन के झुंड के जरिए रूसी सैन्य उद्योगों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। यूक्रेन ने लॉजिस्टिक्स कंपनी ‘वाइल्डबेरीज’ के डिपो पर भी लगातार हमले किए हैं। इन हमलों में अरबों डॉलर का सामान जलकर खाक हो चुका है। ऐसे हमलों ने मॉस्को द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किए जाने के करीब साढ़े चार साल बाद युद्ध की आंच रूसी जनता के और करीब ला दी है।

मोर्चे पर लड़ाई धीमी, दूर तक पहुंच रहे हमले
मोर्चे पर जमीनी लड़ाई लगभग ठप है और शांति वार्ता भी रुकी हुई है। ऐसे में दोनों युद्धरत देश एक-दूसरे के इलाकों में दूर तक मार करने वाले हमले तेज कर रहे हैं। इसका असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। इन हमलों के चलते 2022 में युद्ध के शुरुआती महीनों के बाद से अब तक सबसे ज्यादा नागरिकों की मौतें हुई हैं।

रूस का पलटवार, मित्तल की स्टील फैक्ट्री बनी निशाना
रविवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह में आर्सेलरमित्तल के स्टील प्लांट पर रूसी ड्रोन और मिसाइलों की बौछार हुई। हमले में दो लोगों की मौत हो गई। यूक्रेन की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनियों में शामिल आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने पुष्टि की कि मिसाइल हमले में उसकी एक साइट को निशाना बनाया गया। कंपनी ने बताया कि हमले के बाद उसके कामकाज को आंशिक रूप से रोकना पड़ा है।

यूक्रेन के कई इलाकों में भी मौतें
रूस के हमलों का असर यूक्रेन के कई अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। दक्षिण-पूर्वी जापोरिज्जिया क्षेत्र में दो लोगों की मौत हुई, जबकि सुमी के सीमावर्ती इलाके में एक व्यक्ति और पूर्वी डोनेट्स्क में एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई। रूसी हमलों के कारण कीव में कई जगह आग लग गई और छह लोग घायल हो गए। शहर के सबसे बड़े बुक मार्केट में से एक में भी आग लग गई। इसके कारण पोचाइना मेट्रो स्टेशन के पास बने कई कियोस्क जलकर खाक हो गए।

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